निगम अधिकारियों में हड़कंप, डीसी ने मांगी रिपोर्ट
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धांसू रोड पशुबाड़े में भूख से मर रहे नंदी मामले को लेकर नगर निगम अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। मामले को लेकर अधिकारियों को डीसी ने तलब किया है। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तुरंत प्रभाव से मौका मुआयना कर वहां की रिपोर्ट दी जाए। निगम कर्मचारियों की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति बताई है, जिसमें खुलासा हुआ कि बुधवार को दोपहर साढ़े 12 बजे मौके पर चार नंदी मरे हुए मिले। इसके अलावा डीसी ने चारे की व्यवस्था का स्टेट्स भी जाना है। निगम ने डीसी को हर रोज बाड़े में 35 क्विंटल चारा आने की रिपोर्ट भेजी है। सूखे चारा भी दो दिन का शेष बताया गया है।
जानने का प्रयास, कहां से लीक हुई सूचना
नगर निगम अधिकारियों में इस मामले के बाद हड़कंप मचा हुआ है। बाड़े में चारे की व्यवस्था करने की बजाए यह जानने का प्रयास होता रहा कि आखिर सूचना लीक कहां से हुई। निगम सचिव ने तो कई कर्मचारियों पर आरोप लगाए कि आखिर सूचना किसने लीक की।
10वीं, 12वीं में पढ़ने वाले बच्चों ने 100-100 रुपये दिए
अमर उजाला की न्यूज पढ़ने के बाद बहुत से समाजसेवी आगे आए हैं। अग्रवाल समाज के 68 बच्चों ने बाड़े में रोके गए पशुओं के लिए अपनी जेब खर्ची के 100-100 रुपये एकत्रित कर गो सेवकों को दिए हैं। अग्रवाल कॉलोनी के दसवीं व बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाले 68 बच्चों ने 68 सौ रुपये एकत्रित कर चारे के लिए दिए हैं।
डीसी के सामने सचिव ने दी सफाई
शाम को मीटिंग में डीसी निखिल गजराज के सामने सचिव राजेश महता ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। चारे की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा और छोटी मोटी कमियां है उन्हें पूरा करवा दिया जाएगा। डीसी निखिल गजराज ने भी पशुबाड़े पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। इससे पहले एसडीएम अशोक बंसल ने भी मामले के बारे में सचिव से रिपोर्ट मांगी। सचिव ने उनके सामने भी बाड़े की स्थिति स्पष्ट की।
आज गोशाला संचालकों के साथ बैठक
डीसी एवं निगम कमिश्नर निखिल गजराज वीरवार को गोशाला संचालकों के साथ बैठक करेंगे। गोशाला संचालकों ने पशु लेने से इनकार कर दिया है। उनके पास फंड की दिक्कत है। पशुओं की चारे की व शेड की व्यवस्था करना उनके लिए मुश्किल है।