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Hisar News: हिसार एयरपोर्ट को मिला लाइसेंस, अप्रैल के पहले सप्ताह में शुरू हो सकती है उड़ान सेवा
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हिसार एयरपोर्ट पर खड़ा विमान।
हिसार। आखिरकार लंबे इंतजार के बाद हिसार एयरपोर्ट को लाइसेंस मिल ही गया। एयरपोर्ट से अप्रैल के पहले सप्ताह में उड़ान सेवा शुरू होने की संभावना है। हालांकि उड़ान सेवा शुरू होने से पहले शेड्यूल जारी किया जाएगा। यहां से उड़ान सेवा के लिए प्रदेश सरकार ने एलायंस एयर के साथ समझौता किया है। समझौते के तहत हिसार से पांच शहरों जयपुर, अहमदाबाद, चंडीगढ़, अयोध्या और जम्मू के लिए हवाई सेवाएं शुरू करने की जानी हैं।
अगस्त 2024 में डीजीसीए की टीम ने तीन दिन तक एयरपोर्ट का निरीक्षण किया था और 44 छोटी बड़ी आपत्तियां दर्ज कराईं थीं। इन आपत्तियों के कारण ही एयरपोर्ट को लाइसेंस नहीं मिल सका था। हालांकि बाद में सभी आपत्तियों को दुरुस्त कर रिपोर्ट डीजीसीए को भेज दी गई थी। इसके बाद इसी साल 13 व 14 फरवरी को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) व ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी की 6 सदस्यीय टीम ने एयरपोर्ट का निरीक्षण किया था। निरीक्षण पूरा होने के बाद इस टीम ने कुछ आपत्तियां लगा दी थी और इन्हें 28 फरवरी तक दूर करने के निर्देश दिए थे ताकि मार्च में उन्हें लाइसेंस दिया जा सके।
7,200 एकड़ में बनाया जा रहा एयरपोर्ट
हिसार के हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए वर्ष 2014 से काम शुरू है। पहले एयरपोर्ट के पास 200 एकड़ जमीन थी। दो चरणों में इसमें 7 हजार एकड़ जमीन को जोड़ा गया है। यह देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनेगा, क्योंकि किसी भी एयरपोर्ट के पास इतनी जमीन नहीं है।
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एयरपोर्ट को लाइसेंस मिल गया है। अब जल्द ही यहां से उड़ान सेवा की शुरू की जाएगी। बाकी औपचारिकताओं को भी पूरा किया जा रहा है। - डॉ. कमल गुप्ता, पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री।
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अगस्त 2024 में डीजीसीए की टीम ने तीन दिन तक एयरपोर्ट का निरीक्षण किया था और 44 छोटी बड़ी आपत्तियां दर्ज कराईं थीं। इन आपत्तियों के कारण ही एयरपोर्ट को लाइसेंस नहीं मिल सका था। हालांकि बाद में सभी आपत्तियों को दुरुस्त कर रिपोर्ट डीजीसीए को भेज दी गई थी। इसके बाद इसी साल 13 व 14 फरवरी को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) व ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी की 6 सदस्यीय टीम ने एयरपोर्ट का निरीक्षण किया था। निरीक्षण पूरा होने के बाद इस टीम ने कुछ आपत्तियां लगा दी थी और इन्हें 28 फरवरी तक दूर करने के निर्देश दिए थे ताकि मार्च में उन्हें लाइसेंस दिया जा सके।
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7,200 एकड़ में बनाया जा रहा एयरपोर्ट
हिसार के हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए वर्ष 2014 से काम शुरू है। पहले एयरपोर्ट के पास 200 एकड़ जमीन थी। दो चरणों में इसमें 7 हजार एकड़ जमीन को जोड़ा गया है। यह देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनेगा, क्योंकि किसी भी एयरपोर्ट के पास इतनी जमीन नहीं है।
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एयरपोर्ट को लाइसेंस मिल गया है। अब जल्द ही यहां से उड़ान सेवा की शुरू की जाएगी। बाकी औपचारिकताओं को भी पूरा किया जा रहा है। - डॉ. कमल गुप्ता, पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री।