फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   hindi story, gas silendar, ags ajency, Hisar

हड़ताल के चलते गैस सिलेंडर ब्लैक में खरीदने को मजबूर

Mon, 25 Apr 2016 01:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला/हिसार Updated Mon, 25 Apr 2016 01:52 AM IST
विज्ञापन
hindi story, gas silendar, ags ajency, Hisar
गैस - फोटो : Bureau
सांई गैस एजेंसी में लूटपाट को लेकर पिछले दो दिनों से एजेंसियों की हड़ताल के चलते ब्लैक में गैस सिलेंडर बेचने वालों की चांदी हो गई। शादी सीजन ने उपभोक्ताओं की परेशानी और भी बढ़ा दी। हालांकि शादियों और अन्य कार्यक्रमों के लिए एजेंसियों के पास 19 किलो का गैस सिलेंडर होता है। हालांकि रविवार को हड़ताल समाप्त करने की घोषणा से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। सोमवार को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारु होने की संभावना है।
विज्ञापन

आमतौर पर हर शादी में 10 से 15 सिलेंडरों की खपत होती है। इस कारण सिलेंडरों की कमी से बचने के लिए आमतौर पर शादी और अन्य कार्यक्रमों के लिए तकरीबन गैस सिलेंडर ब्लैक में ही खरीदते नजर आते है।
विज्ञापन


ब्लैक में लेने पड़े गैस सिलेंड
जिले की गैस एजेंसियों से प्रतिदिन 12 से 14 हजार लोग प्रतिदिन सिलेंडर भरवाते हैं। वहीं दो दिन से गैस एजेंसियों की हड़ताल के चलते लोगों की परेशानी बढ़ गई। कुछ उपभोक्ताओं को मजबूरी में ब्लैक में सिलेंडर खरीदने पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन


कम खपत वाले करते हैं सिलेंडरों का ब्लैक
एजेंसी संचालकों का कहना है कि ज्यादातर वो लोग सिलेंडर ब्लैक करते हैं, जिनकी सिलेंडर की खपत कम होती है, या जिन्हें 3 से 4 महीने में एक सिलेंडर की आवश्यकता होती है। साल के 12 सिलेंडर लगातार लेते हैं, और बाद में इन्हें ब्लैक में बेचकर पैसे जुटाते हैं। ये लोग तकरीबन चार से पांच सिलेंडर बुक भी रखते हैं, जिससे ये लगातार सिलेंडरों की खरीदारी और ब्लैक में बेचने का काम करके गैस एजेंसियों को नुकसान पहुंचाते हैं। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि हालांकि आधार कार्ड को सिलेंडर बुक के साथ जोड़ने के बाद ब्लैक सेलिंग कम हुई है, लेकिन इसके बावजूद आज भी शहर और जिले में काफी जगहों पर सिलेंडर ब्लैक में बेचे जा रहे हैं।


250 से 300 रुपये प्रति सिलेंडर कमा रहे मुनाफा

गैस एजेंसियां जहां सब्सिडी के साथ सिलेंडर 520 रुपये का उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाते हैं, वहीं ब्लैक में सिलेंडर बेचने वाले प्रति सिलेंडर 750 रुपये से लेकर सिलेंडर को 800 तक बेचकर 250 से 500 रुपये का मुनाफा प्रति सिलेंडर कमा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed