किसानों ने दी 30 को आंदोलन की चेतावनी
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इलाके के विभिन्न गांवों के किसान मंगलवार को किसान भवन में जमा हुए और बैठक के बाद तहसील परिसर पहुंचे। तहसील परिसर में किसान धरना देकर बैठ गए। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और 25 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देने की मांग की।
किसान सभा के प्रदेश सचिव दयानंद पूनिया ने कहा कि क्षेत्र पहले ही सूखे की चपेट में था। जो थोड़ा बहुत अनाज होना था, उस पर बरसात व ओलावृष्टि से नुकसान हो गया। पूनिया ने कहा कि पिछले वर्ष की चने की फसल का करीब 18 करोड़ का मुआवजा अभी तक वितरित नहीं किया गया है।
वहीं खरीफ की 2015 की गवार व बाजारे की फसल का मुआवजा भी किसानों को नहीं मिला है। किसान नेता जंगबीर ढांडा ने कहा कि इस साल खराब हुई फसल की सरकार जल्द ही गिरदावरी करवाएं। किसानों ने लावारिस पशुओं की रोकथाम व मनरेगा का काम सुचारु करने की भी मांग की। किसानों ने मांग पत्र एसडीएम वीना हुड्डा को सौंपा।
किसानों ने 29 मार्च तक मांगें नहीं माने जाने पर 30 मार्च को आंदोलन करने की चेतावनी दी है। इस मौके पर जिला पार्षद बलवान बागड़ी, राजबीर सिंधू, कुलदीप बीडीसी, मोहन पूर्व सरंपच, प्रताप घंघाला, रामचंद्र फौजी, तुलसी लाठर, वीर सिंह, ओम सिहाग, भागीरथ बिश्नोई, जगमाल गेट, महाबीर भोभिया, महेंद्र गोदारा, सूबेदार भालसिंह आदि मौजूद रहे।