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अब हजकां सिरसा से लड़ेगी चुनाव
हिसार
Updated Fri, 21 Mar 2014 12:12 AM IST
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पूर्व उपमुख्यमंत्री और हजकां नेता चंद्रमोहन के करनाल लोकसभा सीट से टिकट वापस करने के बाद हरियाणा जनहित कांग्रेस ने अपने गठबंधन सहयोगी भाजपा से सीटों की अदला-बदली की है।
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अब हजकां करनाल की बजाय सिरसा सीट से चुनाव लड़ेगी और भाजपा करनाल से प्रत्याशी उतारेगी। सिरसा से हजकां ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर को टिकट मिलने से नाराज कांग्रेसी डॉ. सुशील कुमार इंदौरा को चुनाव मैदान में उतारा है।
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करनाल सीट पर शुरू से ही भाजपा की निगाहें थीं। चंद्रमोहन के वहां से लड़ने के ऐलान के बाद से ही पार्टी के ब्राह्मण वोट बैंक का उनके विरोध में ध्रुवीकरण होना शुरू हो गया था।
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सेक्टर- 15 स्थित अपने आवास पर बृहस्पतिवार कोे मीडिया से बातचीत में हजकां अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि हजकां ने करनाल सीट से पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन को प्रत्याशी घोषित किया था।
चंद्रमोहन ने करनाल की सीट को ब्राह्मण उम्मीदवार के लिए छोड़ते हुए टिकट वापस कर दिया। इस पर हजकां-भाजपा की कार्यकारिणी में सीटों को लेकर फिर से मंथन किया गया।
बैठक में तय किया गया कि करनाल सीट भाजपा को देकर सिरसा सीट हजकां को दी जाए। कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि सिरसा से दो बार प्रत्याशी रहे डॉ. सुशील कुमार इंदौरा हजकां के प्रत्याशी होंगे।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भाजपा का उन पर किसी तरह का दबाव नहीं है। गठबंधन के फैसले मुद्दों के आधार पर लिए जाते हैं।
कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि गठबंधन टूटने के बारे में कुछ लोग अफवाह फैला रहे थे। उन्होंने कहा कि गठबंधन के सहयोगी अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल का हिसार आना पूरी तरह से गलत था।
इसके बारे में भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह के समक्ष विरोध दर्ज कराया गया है, जिस पर राजनाथ सिंह ने कार्रवाई का भरोसा दिया है।
कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल के इनेलो प्रत्याशी के समर्थन में आने से उनके वोट कम नहीं होंगे। इनेलो के भ्रष्ट परिवार का साथ देने का खामियाजा अकाली दल पंजाब में भी भुगतेगा।
डॉ. सुशील इंदौरा ने कहा कि चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़कर हजकां में शामिल होना कोई मौकापरस्ती नहीं है। जनसेवा के लिए उन्होंने यह फैसला लिया है।
कुलदीप बिश्नोई ने डॉ. सुशील इंदौरा को पार्टी का चुनाव चिह्न वाला हैंड रिबन पहनाकर उन्हें विधिवत तौर पर पार्टी में शामिल किया।
इस अवसर पर पूर्व सांसद पं. रामजीलाल, पूर्व संसदीय सचिव दूड़ाराम, पूर्व मंत्री रामस्वरूप रामा, जिला प्रधान रणधीर सिंह पनिहार, भाजपा नेता जोगीराम सिहाग, देवीलाल बिश्नोई और द्वारका प्रसाद आदि उपस्थित थे।