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Hisar News: हवलदार ने कार से स्कूटी सवार पूर्व पशु चिकित्सक को मारी टक्कर, 100 मीटर तक घसीटा, मौत
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हिसार। चौथा मिल रोड के नजदीक शराब के नशे में धुत कार चला रहे हवलदार ने शनिवार शाम पहले स्कूटी को टक्कर मारी फिर सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक 69 वर्षीय खरकड़ी निवासी विजय सिंह को करीब 100 मीटर तक घसीटा। इस कारण बुजुर्ग की मौत हो गई। रविवार सुबह परिजन, भारतीय किसान यूनियन और पगड़ी संभाल जट्टा के सदस्य नागरिक अस्पताल पहुंचे।
उन्होंने आरोपी हवलदार और जांच अधिकारी को सस्पेंड करने की मांग उठाते हुए शव लेने से इन्कार कर दिया। सूचना मिलने पर डीएसपी कप्तान सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों के साथ वार्ता की। दोपहर बाद डीएसपी ने परिजनों से 24 घंटे का समय मांगा और कहा कि दोनों पुलिस कर्मचारियों को निलंबित करने के लिए पत्र लिख दिया। इसके बाद परिजन माने और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। देर रात आरोपी हवलदार को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय आरोपी को छोड़ा
घटना का पता चलने पर रविवार सुबह नागरिक अस्पताल के शवगृह के बाहर भारतीय किसान यूनियन की महिला प्रदेशाध्यक्ष सुमन हुड्डा, दिलबाग हुड्डा, कुलदीप खरड़, एडवोकेट हर्षदीप, पगड़ी संभाल जट्टा के सदस्य पहुंचे। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद राहगीरों ने कार चालक हवलदार सुभाष को पुलिस के हवाले कर दिया था। जांच अधिकारी विनोद कुमार ने हवलदार के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसे छोड़ दिया और न ही उसका मेडिकल कराया। आरोपी हवलदार शराब के नशे में था और उसकी कार से शराब की बोतल भी बरामद हुई थी। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपी हवलदार को गिरफ्तार कर दोनों को निलंबित नहीं किया जाता शव नहीं उठाएंगे। बाद में डीएसपी के आश्वासन पर माने।
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अस्पताल लेकर आता तो बच जाती जान
बेटे ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि शनिवार शाम को उसके पिता स्कूटी पर सवार होकर बीएसएफ में अपने परिचित से मिलने के लिए जा रहे थे। जब वे चौथा मिल के पास पहुंचे तो पीछे तेज रफ्तार से आ रही कार ने स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय दौड़ा ली और उसके पिता को 100 मीटर घसीटते हुए ले गया। इसके बाद उसकी गाड़ी डिवाइडर से जा टकराई। राहगीरों ने आरोपी को पकड़ लिया और डायल 112 बुलाकर पुलिस को सौंप दिया। अगर, चालक उसी समय घायल पिता को अस्पताल ले जाता तो शायद उनकी जान बच जाती।
आरोपी हवलदार सुभाष और एएसआई विनोद कुमार को निलंबित करने के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा। आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए दो टीमों का गठन किया गया है।
- कप्तान सिंह, डीएसपी, हिसार
दोनों पुलिस कर्मियों को निलंबित करने के आदेश सोमवार को जारी करेंगे। जांच अधिकारी के स्तर पर प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आई है। - गंगाराम पूनिया, एसपी
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उन्होंने आरोपी हवलदार और जांच अधिकारी को सस्पेंड करने की मांग उठाते हुए शव लेने से इन्कार कर दिया। सूचना मिलने पर डीएसपी कप्तान सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों के साथ वार्ता की। दोपहर बाद डीएसपी ने परिजनों से 24 घंटे का समय मांगा और कहा कि दोनों पुलिस कर्मचारियों को निलंबित करने के लिए पत्र लिख दिया। इसके बाद परिजन माने और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। देर रात आरोपी हवलदार को गिरफ्तार कर लिया है।
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पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय आरोपी को छोड़ा
घटना का पता चलने पर रविवार सुबह नागरिक अस्पताल के शवगृह के बाहर भारतीय किसान यूनियन की महिला प्रदेशाध्यक्ष सुमन हुड्डा, दिलबाग हुड्डा, कुलदीप खरड़, एडवोकेट हर्षदीप, पगड़ी संभाल जट्टा के सदस्य पहुंचे। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद राहगीरों ने कार चालक हवलदार सुभाष को पुलिस के हवाले कर दिया था। जांच अधिकारी विनोद कुमार ने हवलदार के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसे छोड़ दिया और न ही उसका मेडिकल कराया। आरोपी हवलदार शराब के नशे में था और उसकी कार से शराब की बोतल भी बरामद हुई थी। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपी हवलदार को गिरफ्तार कर दोनों को निलंबित नहीं किया जाता शव नहीं उठाएंगे। बाद में डीएसपी के आश्वासन पर माने।
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अस्पताल लेकर आता तो बच जाती जान
बेटे ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि शनिवार शाम को उसके पिता स्कूटी पर सवार होकर बीएसएफ में अपने परिचित से मिलने के लिए जा रहे थे। जब वे चौथा मिल के पास पहुंचे तो पीछे तेज रफ्तार से आ रही कार ने स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय दौड़ा ली और उसके पिता को 100 मीटर घसीटते हुए ले गया। इसके बाद उसकी गाड़ी डिवाइडर से जा टकराई। राहगीरों ने आरोपी को पकड़ लिया और डायल 112 बुलाकर पुलिस को सौंप दिया। अगर, चालक उसी समय घायल पिता को अस्पताल ले जाता तो शायद उनकी जान बच जाती।
आरोपी हवलदार सुभाष और एएसआई विनोद कुमार को निलंबित करने के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा। आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए दो टीमों का गठन किया गया है।
- कप्तान सिंह, डीएसपी, हिसार
दोनों पुलिस कर्मियों को निलंबित करने के आदेश सोमवार को जारी करेंगे। जांच अधिकारी के स्तर पर प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आई है। - गंगाराम पूनिया, एसपी