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प्याज की उन्नत किस्म उपलब्ध कराने के लिए एचएयू ने किया समझौता

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 01 May 2022 12:18 AM IST
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HAU signs agreement to provide improved variety of onion
हिसार- एमओयू पर हस्ताक्षर के दौरान मौजूद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज, कंपनी और विश - फोटो : Hisar
हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में विकसित प्याज की किस्म एचओएस-3 को अधिक से लिए विश्वविद्यालय ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत प्रौद्योगिकी के व्यवसायीकरण को बढ़ावा देते हुए दक्षिण भारत की एक अग्रणी बीज कंपनी के साथ करार (एमओयू) किया है। कुलपति प्रो. बीआर कांबोज की उपस्थिति में एमओयू पर विश्वविद्यालय की ओर से अनुसंधान निदेशक डॉ. जीत राम शर्मा जबकि कंपनी की ओर से प्रबंध निदेशक डॉ. अमरनाथ यादव ने हस्ताक्षर किए।
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कुलपति ने कहा कि जब तक विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया शोध किसानों तक नहीं पहुंचता तब तक इसका कोई लाभ नहीं है। इसलिए ऐसे समझौतों पर हस्ताक्षर कर विश्वविद्यालय का प्रयास है कि यहां से विकसित उन्नत किस्मों और तकनीकों को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाया जा सके। पिछले एक साल में विभिन्न फसल किस्मों के लिए विभिन्न निजी भागीदारों के साथ कुल 9 समझौते किए जा चुके हैं। मौजूदा समझौते के तहत उपरोक्त बीज कंपनी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित प्याज की किस्म एचओएस-3 के बीज तैयार कर किसानों को देगी। बीज कंपनी विश्वविद्यालय को लाइसेंस फीस देगी, जिसके तहत उसे बीज के उत्पादन और मार्केटिंग का अधिकार मिलेगा। किसान आगामी वर्ष से देशभर में राष्ट्रीय स्तर पर जारी प्याज की किस्म एचओएस-3 के बीज प्राप्त कर सकेंगे। समझौते पर हस्ताक्षर करते समय मानव संसाधन प्रबंधन निदेशक डॉ. मंजू मेहता, ओएसडी डॉ. अतुल ढींगरा, सब्जी विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. टीपी मलिक, डॉ. वीके बत्रा, फार्म निदेशक डॉ. एसके धनखड़, आईपीआर सेल के प्रभारी डॉ विनोद कुमार और कंपनी के मार्केटिंग हेड जिबोन क्योट भी उपस्थित रहे।
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यह है प्याज की किस्म की विशेषताएं
प्याज की उपरोक्त किस्म की औसत उपज 320-350 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। इस किस्म के हल्के कांस्य रंग के गोलाकार बल्ब होते हैं। इसमें स्टोरेज दौरान सिर्फ 3.7 फीसदी उत्स्फूटन (बोल्टिंग) और 7.2 फीसदी अंकुरण (स्प्राउटिंग) होती है।
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