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आरोप : एचएयू में डीन की नियुक्ति में हुआ गड़बड़झाला
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Mon, 04 Jul 2016 12:36 AM IST
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एचएयू
- फोटो : bureau
इंडियन नेशनल स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन (इनसो) हकृवि के पूर्व अध्यक्ष अमन मोर ने आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना के आधार पर एचएयू के कृषि अभियांत्रिकी एवं तकनीकी महाविद्यालय के डीन की नियुक्ति को गलत शैक्षणिक योग्यता के आधार पर की गई नियुक्ति बताया है।
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मोर ने गड़बड़झाले का आरोप लगाते हुए वीसी व डीन के खिलाफ मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में दी है। अमन मोर का आरोप है कि कृषि अभियांत्रिकी एवं तकनीकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता के पद पर की नियुक्ति वीसी द्वारा की गई है।
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आरटीआई से मिली सूचना के आधार पर अधिष्ठाता पद की योग्यता एग्री इंजीनियरिंग की किसी भी शाखा से पीएचडी तथा न्यूनतम 8 वर्ष का प्रोफेसर का अनुभव अथवा इसके समकक्ष होना अनिवार्य था। मोर ने कहा कि जबकि 2005 से 2007 तक डीन बने डॉक्टर ने नियुक्ति के लिए जो अनुभव दर्शाया है, वह हेड ऑफ डिपार्टमेंट दर्शाया है तथा अपने आपको प्रोफेसर दर्शाया है, जबकि इन वर्षों के दौरान उन्होंने हैमेलमालो एग्रीकल्चर कॉलेज में अपनी सेवाएं दी हैं।
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इनसो नेता अमन मोर का आरोप है कि डीन ने अपनी नियुक्ति के दौरान भरे गए फार्म में जो अनुभव दर्शाया है, उसमें कहीं भी तिथि अंकित नहीं की गई है। उन्होंने स्क्रीनिंग कमेटी पर सवाल उठाए हैं कि बिना तिथि के ही डीन के 8 वर्ष के प्रोफेसर का अनुभव किस प्रकार मान लिया गया।
इससे पूर्व डीन की नियुक्ति ईओएल के आधार पर हुई थी, जबकि बाद में इसे डेपुटेशन में कर दिया गया, जिससे हकृवि प्रशासन को 6 लाख 22 हजार 297 रुपये का अतिरिक्त बोझ जो कि डीन को पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय को अपनी जेब से देना था, वह हकृवि को देना पड़ा। उन्होंने सरकार एवं प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की सिटिंग न्यायाधीश से जांच करवाई जाए।