Haryana Weather: ओलावृष्टि से गुलाबी ठंड की दस्तक, पश्चिमी विक्षोभ के असर से 18 अक्तूबर तक बारिश की संभावना
हरियाणा में हुए मौसम के बदलाव का असर फसलों और लोगों पर देखने को मिल रहा है। इस बारिश से पकी हुई फसल को नुकसान हुआ है तो बिजाई की जाने वाली फसल को फायदा मिलेगा। वहीं, मौसम में हुए बदलाव से अचानक हुई ठंड का असर लोगों पर पड़ रहा है।
विस्तार
हरियाणा में अनाचक हुए मौसम के बदलाव के कारण कई जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है, जिसके कारण गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ के असर से हिसार में सुबह तेज हवाओं साथ बारिश हुई। जिले में हांसी के सात बास, मंगाली सहित कुछ स्थानों पर हल्की ओलावृष्टि भी हुई। हवाओं के कारण खेतों में धान की फसल बिछ गई।
किसानों को फायदा और नुकसान दोनों
हिसार में सुबह 1.4 एमएम बारिश दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञ की मानें तो इस पश्चिमी विक्षोभ के असर से 18 अक्तूबर तक बारिश की संभावना है। बारिश के बाद मौसम ठंडा हो गया। बारिश के कारण दिन के तापमान में 4.0 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई और यह 29.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री गिरावट के साथ 19.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बारिश के मौसम के कारण जिले में किसानों को फायदा और नुकसान दोनों हैं।
सरसों, चना व गेहूं की होगी बिजाई
कुछ जगह पर धान की फसल गिरने से किसानों को नुकसान हुआ है। फसल गिरने से उसकी पकावट पर असर पड़ेगा साथ ही उत्पादन में भी गिरावट आएगी, जहां सरसों, चना व गेहूं की बिजाई की जानी है उसके लिए किसानों को फायदा होगा। सरसों की बिजाई कर चुके किसानों को अब दोबारा से बिजाई करने को मजबूर होना पड़ेगा।
आगे ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि फिलहाल उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान व आसपास के क्षेत्र के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसके असर से बादलवाही देखने को मिल रही है। आने वाले दो दिनों तक इस तेज गति से हवाएं चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश और एक दो स्थानों पर ओलावृष्टि की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। इस पश्चिमी विक्षोभ के आगे निकलने के बाद एक बार हवाओं की दिशा उत्तरी होने से तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आगएी। साथ ही एक नया कमजोर श्रेणी पश्चिमी विक्षोभ 19 अक्तूबर को सक्रिय होने से एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। कुछ स्थानों पर धुंध का असर भी देखने को मिलेगा।
खरीफ की फसलों की बिजाई के लिए फायदेमंद
एचएयू के वैज्ञानिक डॉ. रमेश कुमार ने बताया कि जिन किसानों ने सरसों की बिजाई कर दी है। यह बारिश उनके लिए नुकसानदायक है। मगर जिन किसानों ने अभी तक बिजाई नहीं की है, उनके लिए यह बारिश फायदेमंद साबित होगी। वहीं तेज हवाओं व बारिश के कारण धान की फसल बिछ गई है। इस कारण धान के उत्पादन पर भी असर पड़ेगा।
बेमौसमी बारिश बुजुर्गों-बच्चों के लिए नुकसानदायक
बेमौसमी बारिश बच्चों व बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। इस समय जरा सी लापरवाही बीमार कर देगी। अगले चार दिन सावधान रहने की जरूरत है। चिकित्सकों के अनुसार ऐसे मौसम में एसी व कूलर का उपयोग न करें। बच्चों को फ्रिज का सामान, आइसक्रीम न खाने दें। स्वच्छ व शुद्ध पानी का ही उपयोग किया जाए। अपने एरिया में जलभराव न होने दें।