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Hisar News: आखिरकार 140 वर्षों बाद हांसी रेलवे स्टेशन बना जंक्शन
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हांसी रेलवे स्टेशन पर स्टेशन शब्द हटा कर जंक्शन लिखा गया।
हांसी। हांसी रेलवे स्टेशन आखिरकार 140 वर्षों बाद जंक्शन बन ही गया। हांसी-महम-रोहतक रेलवे लाइन पर ट्रेन शुरू होने के बाद रेलवे ने इसे औपचारिक रूप से जंक्शन घोषित कर दिया है। जंक्शन बनाने के लिए सभी शर्तों को रेलवे स्टेशन पूरा करता था। दरअसल हांसी से पहले से ही भिवानी और हिसार रूट पर ट्रेनें चलती हैं। अब हांसी से रोहतक तक नया रेलवे रूट बनकर तैयार हुआ है। यह तीसरा रूट है। रेलवे के नियम के अनुसार जिस रेलवे स्टेशन से तीन रास्ते निकलते हैं उसे जंक्शन कहा जाता है। बता दें कि वर्ष 1884 में हांसी स्टेशन बना था, उसके बाद अब उसे जंक्शन घोषित किया जा सका है।
बता दें कि हांसी-महम-रोहतक रेलवे लाइन पर अभी डीजल इंजन वाली ट्रेन चलती है। इसके विद्युतीकरण का कार्य चल रहा है। 31 मार्च तक इस काम को पूरा होने की संभावना है। वहीं, एक नया प्लेटफॉर्म बनाने की भी योजना है। दूसरा प्लेटफार्म बनने पर फुटओवर ब्रिज भी बनाया जाएगा। वहीं 17 करोड़ रुपये की लागत से कई सुधार के कार्य किए जाएंगे। अभी यहां से करीब 36 ट्रेनें गुजरती हैं। इनमें पैसेंजर और एक्सप्रेस मिलाकर सिर्फ 22 ट्रेनें ही रुकती हैं। कई सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनें यहां नहीं रुकती हैं।
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बता दें कि हांसी-महम-रोहतक रेलवे लाइन पर अभी डीजल इंजन वाली ट्रेन चलती है। इसके विद्युतीकरण का कार्य चल रहा है। 31 मार्च तक इस काम को पूरा होने की संभावना है। वहीं, एक नया प्लेटफॉर्म बनाने की भी योजना है। दूसरा प्लेटफार्म बनने पर फुटओवर ब्रिज भी बनाया जाएगा। वहीं 17 करोड़ रुपये की लागत से कई सुधार के कार्य किए जाएंगे। अभी यहां से करीब 36 ट्रेनें गुजरती हैं। इनमें पैसेंजर और एक्सप्रेस मिलाकर सिर्फ 22 ट्रेनें ही रुकती हैं। कई सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनें यहां नहीं रुकती हैं।
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