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Hisar News: करनाल से बम और पिस्टल लेकर निकले थे, वारदात के बाद राजस्थान में छिपना था
Sun, 01 Dec 2024 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 01 Dec 2024 11:51 PM IST
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हिसार। चंडीगढ़ के सेक्टर-26 में बीती 26 नवंबर को मशहूर रैपर और गायक बादशाह के क्लब के बाहर धमाका करने के मामले में मुठभेड़ में पकड़े गए खरड़ निवासी अजीत और देवा गांव के विनय ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। दोनों करनाल से बम और पिस्टल लेकर चंडीगढ़ के लिए निकले थे। रास्ते में कहीं पुलिस से सामना होने पर बचाव के लिए फायरिंग करने की नौबत आती तो इसकी पूरी तैयारी थी। इसके साथ ही वारदात को अंजाम देने के बाद राजस्थान में कहीं छिपना था। पूछताछ में ये भी सामने आया कि गोल्डी बराड़ अपने गैंग का विस्तार करने के लिए युवाओं को जोड़ रहा है। दोनों ने कबूल किया कि जिले के करीब 20 युवा गोल्डी गैंग से जुड़े हैं। एसटीएफ इन लड़कों की धरपकड़ के लिए जिले और आसपास के क्षेत्र में दबिश दे रही है। वहीं, तीन-चार युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया है। दोनों आरोपी अभी नागरिक अस्पताल के कैदी वार्ड में बंद हैं।
सूत्रों की माने तो बम विस्फोट मामले के बाद चर्चा में आए गोल्डी बराड़ के खास रणदीप मलिक को भारत लाने की तैयारी की जा रही है। जांच में पता चला है कि गिरोह से जुड़े बदमाशों का मकसद दहशत फैला कर वसूली करना है। हाईप्रोफाइल लोगों को फोन कर रंगदारी मांगना और नहीं देने पर फायरिंग कर डर का माहौल बनाना इनका मकसद है। गोल्डी बराड़ ने अपने दोस्त रणदीप मलिक के सहयोग से हरियाणा में गैंग का विस्तार किया है। दोनों कम उम्र के युवाओं को गिरोह में शामिल कर उनके वारदात को अंजाम दिलवा रहे हैं। गोल्डी खुद अपनी गैंग से जुड़े नए सदस्यों से फोन पर बातचीत करता है। जींद जेल में बंद साहिल के माध्यम से विनय और अजीत की गोल्डी बराड़ से बातचीत हुई थी। इसके बाद दोनों करनाल पहुंचे थे और वहां से बम और ऑटोमैटिक पिस्टल ली थी। इसके बाद 26 नवंबर की तड़के चंडीगढ़ सेक्टर 26 में वारदात को अंजाम दिया। पूछताछ के दौरान जिन युवाओं के नाम सामने आ रहे है, उनके संभावित ठिकानों पर एसटीएफ की टीम दबिश दे रही है।
जींद से पूछताछ के लिए पहुंची पुलिस टीम
रविवार दोपहर बाद जींद से पुलिस की टीम नागरिक अस्पताल के कैदी वार्ड में बंद अजीत व विनय से पूछताछ करने पहुंची। एसटीएफ की पूछताछ में पेटवाड़ निवासी साहिल का नाम सामने आया था। साहिल अभी जींद जेल में बंद है। बम विस्फोट में उसका क्या रोल है, इस बारे में पूछताछ के लिए जींद पुलिस यहां आई। वहीं चडीगढ़ पुलिस भी दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है।
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यह था मामला
बीती 26 नवंबर को चंडीगढ़ के डिओरा क्लब के बाहर तड़के 3:12 बजे और सेविले बार एंड लाउंज क्लब के बाहर करीब 3:14 बजे दो धमाके हुए थे। घटना के कुछ घंटों बाद गैंगस्टर लॉरेंस के साथी गोल्डी बराड़ व रोहित गोदारा ने सोशल मीडिया पर इसकी जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसके लिए पंजाब, हरियाणा व राजस्थान पुलिस से भी मदद मांगी। हिसार एसटीएफ व चंडीगढ़ के सेक्टर-11 की क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सतविन्द्र सिंह व एसटीफ की संयुक्त टीम शुक्रवार शाम शहर में मौजूद थी। पुलिस और एसटीएफ की टीम ने पीरांवाली के पास बाइक पर सवार दो युवकों को रुकने का इशारा किया तो वे बाइक छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो गोलियां चला दीं। जवाबी फायरिंग में दोनों के पैर में गोलियां लगीं। इसके बाद उन्हें दबोच लिया। इनकी पहचान अजीत व विनय के रूप में हुई।
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सूत्रों की माने तो बम विस्फोट मामले के बाद चर्चा में आए गोल्डी बराड़ के खास रणदीप मलिक को भारत लाने की तैयारी की जा रही है। जांच में पता चला है कि गिरोह से जुड़े बदमाशों का मकसद दहशत फैला कर वसूली करना है। हाईप्रोफाइल लोगों को फोन कर रंगदारी मांगना और नहीं देने पर फायरिंग कर डर का माहौल बनाना इनका मकसद है। गोल्डी बराड़ ने अपने दोस्त रणदीप मलिक के सहयोग से हरियाणा में गैंग का विस्तार किया है। दोनों कम उम्र के युवाओं को गिरोह में शामिल कर उनके वारदात को अंजाम दिलवा रहे हैं। गोल्डी खुद अपनी गैंग से जुड़े नए सदस्यों से फोन पर बातचीत करता है। जींद जेल में बंद साहिल के माध्यम से विनय और अजीत की गोल्डी बराड़ से बातचीत हुई थी। इसके बाद दोनों करनाल पहुंचे थे और वहां से बम और ऑटोमैटिक पिस्टल ली थी। इसके बाद 26 नवंबर की तड़के चंडीगढ़ सेक्टर 26 में वारदात को अंजाम दिया। पूछताछ के दौरान जिन युवाओं के नाम सामने आ रहे है, उनके संभावित ठिकानों पर एसटीएफ की टीम दबिश दे रही है।
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जींद से पूछताछ के लिए पहुंची पुलिस टीम
रविवार दोपहर बाद जींद से पुलिस की टीम नागरिक अस्पताल के कैदी वार्ड में बंद अजीत व विनय से पूछताछ करने पहुंची। एसटीएफ की पूछताछ में पेटवाड़ निवासी साहिल का नाम सामने आया था। साहिल अभी जींद जेल में बंद है। बम विस्फोट में उसका क्या रोल है, इस बारे में पूछताछ के लिए जींद पुलिस यहां आई। वहीं चडीगढ़ पुलिस भी दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है।
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यह था मामला
बीती 26 नवंबर को चंडीगढ़ के डिओरा क्लब के बाहर तड़के 3:12 बजे और सेविले बार एंड लाउंज क्लब के बाहर करीब 3:14 बजे दो धमाके हुए थे। घटना के कुछ घंटों बाद गैंगस्टर लॉरेंस के साथी गोल्डी बराड़ व रोहित गोदारा ने सोशल मीडिया पर इसकी जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसके लिए पंजाब, हरियाणा व राजस्थान पुलिस से भी मदद मांगी। हिसार एसटीएफ व चंडीगढ़ के सेक्टर-11 की क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सतविन्द्र सिंह व एसटीफ की संयुक्त टीम शुक्रवार शाम शहर में मौजूद थी। पुलिस और एसटीएफ की टीम ने पीरांवाली के पास बाइक पर सवार दो युवकों को रुकने का इशारा किया तो वे बाइक छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो गोलियां चला दीं। जवाबी फायरिंग में दोनों के पैर में गोलियां लगीं। इसके बाद उन्हें दबोच लिया। इनकी पहचान अजीत व विनय के रूप में हुई।