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Hisar News: सजेंगे मैदान, संवरेंगे खिलाड़ी...सरकारी स्कूलों में खेल क्रांति की तैयारी
Thu, 25 Jun 2026 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Thu, 25 Jun 2026 11:54 PM IST
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हिसार। जिले के सरकारी स्कूलों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को खेलों से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग ने व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत जिले के 356 मिडल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में खेल गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जाएगा। जुलाई के पहले सप्ताह में जिला स्तर पर बैठक आयोजित कर खेल मैदानों के विकास, खेल टीमों के गठन और खेल सामग्री उपलब्ध कराने की रणनीति तय की जाएगी।
योजना के अनुसार प्रत्येक स्कूल में खेल टीम का गठन किया जाएगा और खेल गतिविधियों के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा। जिन स्कूलों में खेल मैदान नहीं हैं वहां मैदान विकसित किए जाएंगे जबकि मौजूदा मैदानों को खेलों के अनुकूल बनाया जाएगा। मैदानों के समतलीकरण, अभ्यास क्षेत्र और अन्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को बेहतर खेल वातावरण मिल सके।
शिक्षा विभाग ने 32 खेलों की सूची तैयार की है। प्रत्येक स्कूल अपनी उपलब्ध भूमि, संसाधनों और विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार इनमें से एक खेल का चयन करेगा। चयनित खेल के अनुरूप स्कूलों को खेल सामग्री और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे विद्यालय किसी एक खेल में विशेष पहचान बना सकेंगे और खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण मिल सकेगा।
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खेल गतिविधियों के संचालन के लिए पीटीआई, डीपीई और पीजीटी (शारीरिक शिक्षा) शिक्षकों की भूमिका को और मजबूत किया जाएगा। उन्हें खिलाड़ियों के चयन, प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं की तैयारी की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। आवश्यकतानुसार नियमित निगरानी भी की जाएगी।
डीईओ राम रतन ने कहा कि मजबूत खेल व्यवस्था से विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ेगी और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों को भी इस योजना का विशेष लाभ होगा। गांवों की खेल प्रतिभाओं को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर माहौल मिलेगा, जिससे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की नई पौध तैयार होगी।
उन्होंने बताया कि जुलाई के पहले सप्ताह में होने वाली बैठक में दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके बाद खेल चयन की प्रक्रिया पूरी कर चरणबद्ध तरीके से खेल सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग का लक्ष्य प्रत्येक स्कूल में खेल टीम को सक्रिय करना और अधिक से अधिक विद्यार्थियों को खेलों से जोड़ना है।
योजना के अनुसार प्रत्येक स्कूल में खेल टीम का गठन किया जाएगा और खेल गतिविधियों के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा। जिन स्कूलों में खेल मैदान नहीं हैं वहां मैदान विकसित किए जाएंगे जबकि मौजूदा मैदानों को खेलों के अनुकूल बनाया जाएगा। मैदानों के समतलीकरण, अभ्यास क्षेत्र और अन्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को बेहतर खेल वातावरण मिल सके।
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शिक्षा विभाग ने 32 खेलों की सूची तैयार की है। प्रत्येक स्कूल अपनी उपलब्ध भूमि, संसाधनों और विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार इनमें से एक खेल का चयन करेगा। चयनित खेल के अनुरूप स्कूलों को खेल सामग्री और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे विद्यालय किसी एक खेल में विशेष पहचान बना सकेंगे और खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण मिल सकेगा।
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खेल गतिविधियों के संचालन के लिए पीटीआई, डीपीई और पीजीटी (शारीरिक शिक्षा) शिक्षकों की भूमिका को और मजबूत किया जाएगा। उन्हें खिलाड़ियों के चयन, प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं की तैयारी की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। आवश्यकतानुसार नियमित निगरानी भी की जाएगी।
डीईओ राम रतन ने कहा कि मजबूत खेल व्यवस्था से विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ेगी और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों को भी इस योजना का विशेष लाभ होगा। गांवों की खेल प्रतिभाओं को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर माहौल मिलेगा, जिससे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की नई पौध तैयार होगी।
उन्होंने बताया कि जुलाई के पहले सप्ताह में होने वाली बैठक में दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके बाद खेल चयन की प्रक्रिया पूरी कर चरणबद्ध तरीके से खेल सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग का लक्ष्य प्रत्येक स्कूल में खेल टीम को सक्रिय करना और अधिक से अधिक विद्यार्थियों को खेलों से जोड़ना है।