जीजेयू में प्रधान पद को लेकर नहीं थमा विवाद
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जीजेयू में प्रधान विवाद का चल रहा नाटक मंगलवार को भी खत्म नहीं हुआ। न कोई फैसला आया और न ही धरनारत गुट अनशन पर बैठा। फैसला फिर बुधवार पर टल गया है। इधर 15 सितंबर को शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन भी असमंजस में है कि क्या करे और क्या नहीं। धरने पर बैठे प्रधान पद के उम्मीदवार रहे चरणदास अटवाल पिछले दो दिनों से अनशन पर बैठने की चेतावनी दे रहे थे। अब उन्होंने बुधवार से अनशन शुरू करने की बात कही है। उन्होंने मांग कि है कि रिजल्ट टाई हो या चुनाव दोबारा हों या फिर रिकाउंटिंग करवाई जाए।
यह था मामला
5 सितंबर को जीजेयू के कर्मचारी कल्याण संघ के चुनाव हुए थे। ये चुनाव छह अलग अलग पदों के लिए हुए थे। चुनाव के बाद परिणाम शाम को ही आना था। लेकिन प्रधान पद के परिणाम पर विवाद हो गया था। इसके बाद रिजल्ट को सील कर दिया गया था। इसके बाद विवि प्रशासन ने एक कमेटी गठित कर दी थी। लेकिन कमेटी 9 दिन बाद भी मामला सुलझाने में नाकाम रही। हालांकि कमेटी ने वीरवार को प्रधान पद के फैसले में देशराज वर्मा को प्रधान घोषित कर दिया गया था। लेकिन मलिक गुट इसका विरोध करते हुए धरने पर बैठ गया और रिजल्ट को विड्रॉ करने की मांग की। मंगलवार को भी धरना जारी रहा। वहीं प्रधान देशराज वर्मा व अन्य विजेताओं ने 15 को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू कर दी है।