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सौ रुपये के लिए ली थी जान, अब जाएंगे जेल
झज्जर/ब्यूरो
Updated Fri, 13 Dec 2013 09:09 PM IST
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एक वेटर की पीट-पीटकर हत्या करने के दोष में चार लोगों को झज्जर की एक अदालत ने चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों में एक ही परिवार के पिता-पुत्रों सहित तीन लोग शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार गांव फतेहपुर में शादी ब्याह में काम करने वाले दो सगे भाईयों रूप और बसंत को इसी गांव का विजय पुत्र धर्मा अपने साथ 30 अप्रैल 2010 को गांव इस्माईलपुर में यह कह कर ले गया था कि उन्हें गांव के रणजीत के यहां शादी में काम करना है।
समारोह में काम करने के लिए इन दोनों वेटर भाईयों को पांच सौ रुपये देने की बात कही थी। विजय के इसी आश्वासन पर रूप और बसंत इस्माईलपुर चले गए। समारोह निपटने के बाद दोनों को पांच सौ की बजाय केवल चार सौ रुपये ही मिले।
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इस बात पर रूप, बसंत ने थोड़ी आनाकानी की तो दोनों को ही बुरी तरह प्रताड़ना दी गई। दोनों के साथ मारपिटाई करने का आरोप रणजीत, उसके बेटे रामू और अनिल व विजय पर भी लगा।
पीड़ित पक्ष का आरोप था कि आरोपियों द्वारा की गई इस मारपीट में रूप को ज्यादा चोट आई। उसे अगले दिन ही उसकी बुआ का लड़का झज्जर सिविल अस्पताल में इलाज के लिए लेकर आया। यहां से चिकित्सकों ने उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया।
दस दिन बाद रूप ने गंभीर चोटों के चलते दम तोड़ दिया। मामले में पीड़ित पक्ष की तरफ से सभी आरोपियों के खिलाफ भादसं की धारा 304 बी के तहत मामला दर्ज कराया गया था। शुक्रवार को इसी मामले में जिला सत्र न्यायाधीश एएस नारंग ने चारों आरोपियों को चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
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जानकारी के अनुसार गांव फतेहपुर में शादी ब्याह में काम करने वाले दो सगे भाईयों रूप और बसंत को इसी गांव का विजय पुत्र धर्मा अपने साथ 30 अप्रैल 2010 को गांव इस्माईलपुर में यह कह कर ले गया था कि उन्हें गांव के रणजीत के यहां शादी में काम करना है।
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समारोह में काम करने के लिए इन दोनों वेटर भाईयों को पांच सौ रुपये देने की बात कही थी। विजय के इसी आश्वासन पर रूप और बसंत इस्माईलपुर चले गए। समारोह निपटने के बाद दोनों को पांच सौ की बजाय केवल चार सौ रुपये ही मिले।
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इस बात पर रूप, बसंत ने थोड़ी आनाकानी की तो दोनों को ही बुरी तरह प्रताड़ना दी गई। दोनों के साथ मारपिटाई करने का आरोप रणजीत, उसके बेटे रामू और अनिल व विजय पर भी लगा।
पीड़ित पक्ष का आरोप था कि आरोपियों द्वारा की गई इस मारपीट में रूप को ज्यादा चोट आई। उसे अगले दिन ही उसकी बुआ का लड़का झज्जर सिविल अस्पताल में इलाज के लिए लेकर आया। यहां से चिकित्सकों ने उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया।
दस दिन बाद रूप ने गंभीर चोटों के चलते दम तोड़ दिया। मामले में पीड़ित पक्ष की तरफ से सभी आरोपियों के खिलाफ भादसं की धारा 304 बी के तहत मामला दर्ज कराया गया था। शुक्रवार को इसी मामले में जिला सत्र न्यायाधीश एएस नारंग ने चारों आरोपियों को चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।