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Hisar: पूर्व मंत्री संपत सिंह ने बिना नाम लिए हुड्डा पर कसा तंज; बोले- जब तक गंदगी बैठी रहेगी, काम नहीं बनेगा
Sat, 18 Jan 2025 04:23 PM IST
नवीन दलाल
माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Sat, 18 Jan 2025 04:23 PM IST
सार
लकड़बघ्घे टाइप लोगों को पता होता था कि कहां पहुंच गए। आज के दिन राजनीति में मेरे से सीनियर कोई नहीं है। कोई बुरा मानो तो माने। 1982 में आजाद जीतकर आया था।
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पूर्व मंत्री प्रो. संपत सिंह
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पूर्व मंत्री प्रो. संपत सिंह ने बिना नाम लिए पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर जुबानी हमला बोला। संपत सिंह ने कहा कि किसानों, जवानों, पहलवानों, कर्मचारियों, व्यापारियों ने लाठियां खाईं। माहौल कांग्रेस के हक में बना दिया। जनता लोकसभा की दस की दस सीट कांग्रेस को देना चाहती थी। लेकिन आप दस नहीं चाहते थे।
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मकर सक्रांति के दिन की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिसमें बरवाला के पूर्व विधायक रामनिवास घोड़ेला ने सभा बुलाई थी। इस सभा में संबोधित करते हुए संपत सिंह ने कहा कि भिवानी-महेंद्रगढ़ में श्रुति चौधरी की टिकट को मिलती तो शत प्रतिशत कांग्रेस जीतती। इस खुन्नस में टिकट काट दी कि अगर यह बन गई तो सीएम बनने में दिक्कत करेगी।
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गुरुग्राम में राजबब्बर को लाने का क्या मतलब बनता था, वहां कैप्टन अजय सिंह की टिकट काट दी। फरीदाबाद में खेल हुआ। करनाल में जो खेल हुआ उससे हर आदमी समझ गया कि कांग्रेस की स्टेट की टिकट देने वाले भाजपा से मिले हुए हैं। करनाल में मनोहरलाल को जिताने के लिए कांग्रेस के नेताओं न प्यादा खड़ा कर दिया। नेताओं ने लोगों के इच्छा के खिलाफ काम किया।
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कितने लोग स्वागत करते, लोगों में किस तरह का माहौल बन गया था। हमें पता नहीं होता था कि नेता कहां पहुंच गए लेकिन
लकड़बघ्घे टाइप लोगों को पता होता था कि कहां पहुंच गए। आज के दिन राजनीति में मेरे से सीनियर कोई नहीं है। कोई बुरा मानो तो माने। 1982 में आजाद जीतकर आया था। अरे भले आदमी कुछ तो सोचते। 2009 में आपकी सरकार किसने बनाई थी। जब आपकी 40 सीट आई तो संपत सिंह ने लोकदल को ठोकर मार कर कांग्रेस को ज्वाइन किया था। मैं नहीं आता तो आपकी 30-32 सीट भी नहीं आती।
मैंने हमेशा लोगों की सेवा की है। पता नहीं क्यूं अपने अंदर ही अंदर भय मान लेते हैं। शायद चौधरी बंसीलाल ने मेरे बारे में कुछ कह दिया था। इस कारण भय खाते होंगे। 2019 में काटी भाजपा को दे दी, 2024 में काटी भाजपा को दे दी। इसका मतलब बीजेपी को कौन जिता रहा, कांग्रेस के लोग जिता रहे हैं।आप कैसे विश्वास करेंगे नहीं कर सकते। लंबी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। संघर्ष करना पड़ेगा। जो उल्टा सीधा माल बैठा है उसकी छुट्टी करनी पड़ेगी तब जाकर बात बनेगी। कांग्रेस की गंदगी को निकालने के लिए लंबी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। जब तक गंदगी बैठी रहेगी ,काम नहीं बनेगा।