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Hisar News: फसल बीमा घोटाले के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन, जांच की मांग
Mon, 10 Mar 2025 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 10 Mar 2025 11:27 PM IST
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सिवानी मंडी के उप मंडल अधिकारी वीरेंद्र सिंह को मांग पत्र सौंपते किसान।
सिवानी मंडी। अखिल भारतीय किसान सभा ने सोमवार को उपमंडल परिसर स्थित एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने नारेबाजी करते हुए 2023 के कपास बीमा में हुए कथित घोटाले की जांच और मुआवजे की मांग की। धरने की अध्यक्षता किसान सभा के प्रधान रामकिशन भाकर ने की जबकि संचालन तहसील सचिव अंतर सिंह कस्वां ने किया। रामकिशन भाकर ने बताया कि 2023 में सिवानी तहसील के किसानों ने कपास की फसल का बीमा करवाया था। कृषि विभाग ने फसल खराबे की रिपोर्ट में नुकसान दर्शाया था, जिसके आधार पर किसानों को 100 करोड़ रुपये का बीमा मिलना चाहिए था, लेकिन बीमा कंपनी ने अधिकारियों के साथ मिलकर उपग्रह रिपोर्ट का बहाना बनाते हुए कई गांवों का बीमा निल कर दिया और कुछ को बहुत कम राशि दी। उन्होंने आरोप लगाया कि अकेले लोहारू हलके में 200 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। जिसकी रिपोर्ट किसान सभा के पास मौजूद है। धरने के दौरान किसान नेताओं ने सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बीमा योजना किसानों की सुरक्षा के लिए बनाई गई थी, लेकिन अब यह किसानों के शोषण का जरिया बन गई है। प्रदर्शन के दौरान उपमंडल अधिकारी वीरेंद्र सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों से मांग पत्र लिया। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि वह इस मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएंगे।
किसान सभा ने चेतावनी दी है कि अगर 20 मार्च तक उनकी मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो 21 मार्च को बैठक कर बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इस मौके पर दयानंद पूनिया, डॉ. बलबीर, सुकरम, बलवान, रामचंद्र फौजी, कविता सहित अन्य मौजूद रहे।
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किसान सभा ने चेतावनी दी है कि अगर 20 मार्च तक उनकी मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो 21 मार्च को बैठक कर बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इस मौके पर दयानंद पूनिया, डॉ. बलबीर, सुकरम, बलवान, रामचंद्र फौजी, कविता सहित अन्य मौजूद रहे।
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