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बिना कोचिंग, सेल्फ स्टडी से किसान की बेटी श्रुति राज्य में तीसरे स्थान पर
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12वीं कक्षा में तीसरे स्थान पर रहने वाली छात्रा श्रुति लाठर अपने परिवार के साथ।
- फोटो : Hisar
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बास/नारनौंद (हिसार)। क्षेत्र के एक किसान की बेटी श्रुति लाठर ने एचबीएसई 12वीं कक्षा की परीक्षा में 500 में से 495 अंक हासिल कर प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है। श्रुति लाठर सिविल सर्विस को करिअर के रूप में चुनना चाहती है। श्रुति लाठर ने बताया कि स्कूल के अलावा बिना कोचिंग के आठ घंटे की अतिरिक्त सेल्फ स्टडी से यह संभव हो पाया है।
उन्होंने परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को सलाह दी है कि विषय बदल-बदल कर पढ़ाई करें। लगातार पढ़ने से अच्छा है कि कुछ समय के लिए ब्रेक लें। बास खुर्द गांव की रहने वाली श्रुति ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है। बोर्ड अधिकारियों ने जब उन्हें सीनियर सेकेंडरी परीक्षा में टॉप थ्री में आने की सूचना दी तो उस समय वह बाहर थी। श्रुति ने कहा कि उसे उम्मीद तो थी कि वह अच्छे अंक ले पाएगी, परंतु टॉप थ्री में रहेगी यह उम्मीद से बढ़कर है। उसने दसवीं कक्षा में 96.4 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। श्रुति ने बताया कि उसका पसंदीदा विषय गणित है। वह आईएएस बनना चाहती है।
गणित और राजनीतिक विज्ञान में 100 में से 100 अंक
श्रुति ने गणित और राजनीतिक विज्ञान विषय में 100 में से 100 अंक हासिल किए। इसके अलावा इतिहास में 99, हिंदी में 98, इंग्लिश में 98 अंक मिले। श्रुति लाठर के पिता चरण सिंह उर्फ बबलू लाठर एक किसान है और मां मुकेश गृहिणी हैं। मां देर रात तक उसके साथ जागती थी और किसी चीज की कमी नहीं आने देती थी। हमेशा पढ़ने के लिए प्रेरित किया। श्रुति का कहना है कि उसने कभी कोचिंग नहीं ली।
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योग व मेडिटेशन से करती है दिन की शुरुआत
श्रुति लाठर ने बताया कि सुबह उठकर सबसे पहले वह योग करती है, फिर मेडिटेशन कर अपने दिन की शुरुआत करती है। श्रुति ने कहा कि मेरा मानना है कि लगातार पढ़ाई न करते हुए बीच में थोड़े समय के लिए आराम करना जरूरी है।
मोबाइल का सही प्रयोग करें तो होगा फायदा
श्रुति लाठर ने बताया कि अगर हम मोबाइल फोन का सही प्रयोग करें तो यह बहुत फायदेमंद साबित होता है। स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने मोबाइल की मदद से भी काफी कुछ सीखा। उसकी पढ़ाई में मोबाइल काफी हद तक सफल साबित हुआ है।
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उन्होंने परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को सलाह दी है कि विषय बदल-बदल कर पढ़ाई करें। लगातार पढ़ने से अच्छा है कि कुछ समय के लिए ब्रेक लें। बास खुर्द गांव की रहने वाली श्रुति ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है। बोर्ड अधिकारियों ने जब उन्हें सीनियर सेकेंडरी परीक्षा में टॉप थ्री में आने की सूचना दी तो उस समय वह बाहर थी। श्रुति ने कहा कि उसे उम्मीद तो थी कि वह अच्छे अंक ले पाएगी, परंतु टॉप थ्री में रहेगी यह उम्मीद से बढ़कर है। उसने दसवीं कक्षा में 96.4 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। श्रुति ने बताया कि उसका पसंदीदा विषय गणित है। वह आईएएस बनना चाहती है।
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गणित और राजनीतिक विज्ञान में 100 में से 100 अंक
श्रुति ने गणित और राजनीतिक विज्ञान विषय में 100 में से 100 अंक हासिल किए। इसके अलावा इतिहास में 99, हिंदी में 98, इंग्लिश में 98 अंक मिले। श्रुति लाठर के पिता चरण सिंह उर्फ बबलू लाठर एक किसान है और मां मुकेश गृहिणी हैं। मां देर रात तक उसके साथ जागती थी और किसी चीज की कमी नहीं आने देती थी। हमेशा पढ़ने के लिए प्रेरित किया। श्रुति का कहना है कि उसने कभी कोचिंग नहीं ली।
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योग व मेडिटेशन से करती है दिन की शुरुआत
श्रुति लाठर ने बताया कि सुबह उठकर सबसे पहले वह योग करती है, फिर मेडिटेशन कर अपने दिन की शुरुआत करती है। श्रुति ने कहा कि मेरा मानना है कि लगातार पढ़ाई न करते हुए बीच में थोड़े समय के लिए आराम करना जरूरी है।
मोबाइल का सही प्रयोग करें तो होगा फायदा
श्रुति लाठर ने बताया कि अगर हम मोबाइल फोन का सही प्रयोग करें तो यह बहुत फायदेमंद साबित होता है। स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने मोबाइल की मदद से भी काफी कुछ सीखा। उसकी पढ़ाई में मोबाइल काफी हद तक सफल साबित हुआ है।