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Hisar News: फसल खरीद में देरी पर रोष जताया, बोनस की मांग उठाई
Mon, 05 Oct 2026 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 05 Oct 2026 01:48 AM IST
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हिसार। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष एवं हरियाणा कांफेड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग ने कहा कि धान व बाजरे की धीमी खरीद और उठान से किसान व आढ़तियों में नाराजगी है। उन्होंने धान की खेती में किसानों को हो रहे नुकसान का हवाला देते हुए खरीद पर 300 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की भी मांग की।
रविवार को अनाज मंडी में व्यापारी प्रतिनिधियों व किसानों से बातचीत के बाद गर्ग ने कहा कि मंडियों में अब तक करीब 30 लाख क्विंटल धान पहुंच चुका है लेकिन खरीद-उठान 10 प्रतिशत तक भी नहीं हुआ है। इससे किसान कई दिनों से मंडियों में फसल लेकर इंतजार कर रहे हैं।
गर्ग ने कहा कि मूंग की सरकारी खरीद नहीं होने से किसान इसे खुले बाजार में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से 1600 रुपये प्रति क्विंटल कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार से धान-बाजरे की तत्काल खरीद, उठान और भुगतान के साथ अनाज भंडारण के पुख्ता प्रबंध करने की मांग की।
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उन्होंने कहा कि धान में नमी की सीमा 17 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत की जानी चाहिए क्योंकि अधिक पानी के कारण फसल में कभी-कभी नमी बढ़ जाती है। सरकारी नीतियों के कारण किसान और आढ़ती आर्थिक परेशानी झेल रहे हैं तथा सरकार को अपने वादे के अनुसार तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
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रविवार को अनाज मंडी में व्यापारी प्रतिनिधियों व किसानों से बातचीत के बाद गर्ग ने कहा कि मंडियों में अब तक करीब 30 लाख क्विंटल धान पहुंच चुका है लेकिन खरीद-उठान 10 प्रतिशत तक भी नहीं हुआ है। इससे किसान कई दिनों से मंडियों में फसल लेकर इंतजार कर रहे हैं।
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गर्ग ने कहा कि मूंग की सरकारी खरीद नहीं होने से किसान इसे खुले बाजार में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से 1600 रुपये प्रति क्विंटल कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार से धान-बाजरे की तत्काल खरीद, उठान और भुगतान के साथ अनाज भंडारण के पुख्ता प्रबंध करने की मांग की।
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उन्होंने कहा कि धान में नमी की सीमा 17 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत की जानी चाहिए क्योंकि अधिक पानी के कारण फसल में कभी-कभी नमी बढ़ जाती है। सरकारी नीतियों के कारण किसान और आढ़ती आर्थिक परेशानी झेल रहे हैं तथा सरकार को अपने वादे के अनुसार तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए।