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Hisar News: तप, सेवा और सुमिरन की साधना का महत्व बताया
Wed, 15 Oct 2025 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Wed, 15 Oct 2025 11:51 PM IST
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अग्रसेन भवन में आयोजित स्वास्थ्य एवं अध्यात्म प्रयोगशाला में उपस्थित साधक। स्रोत : आयोजक
- फोटो : 1
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हिसार। अग्रसेन भवन में चल रही स्वास्थ्य एवं अध्यात्म प्रयोगशाला के पांचवें दिन बुधवार को बदरी नारायण सेवाग्राम, मेरठ से आए डॉ. गोपाल शास्त्री ने साधकों को तप, सेवा और सुमिरन की साधना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की रचना श्रीरामचरितमानस में वर्णित तप, सेवा और सुमिरन मानव जीवन के समन्वित विकास की सबसे सरल वैज्ञानिक विधि है। इसे अपनाकर मनुष्य शारीरिक रोगों, मानसिक चिंताओं और भय से मुक्ति प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर साइंटिफिक स्प्रिच्युअलिज्म, मेरठ में इन धार्मिक सिद्धांतों पर लगातार वैज्ञानिक शोध और प्रयोग किए जा रहे हैं। जो व्यक्ति तप, सेवा और सुमिरन को समझकर जीवन में अपनाएगा, उसे असाध्य त्रितापों से मुक्ति मिलेगी।
यह शिविर हरियाणा प्रांत प्रमुख सत्यनारायण शर्मा (एडवोकेट) और ट्रस्ट के प्रधान अंजनी कुमार खारियावाला के संरक्षण में चल रहा है। इसमें 300 से अधिक साधक भाग ले रहे हैं और आध्यात्मिक वातावरण में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया से आए कर्नल विनय शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस साधना से उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक प्रगति मिली है। अन्य कई साधकों ने भी अपने अनुभव व्यक्त किए।
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शिविर में प्रतिभागियों को दिनभर स्वास्थ्यवर्धक आहार दिया जा रहा है। इस अवसर पर ध्यान सत्संग सभा के वरिष्ठ साधक राकेश डालमिया, रवि कौशिक, हरीश जैन, गंगाधर बंसल, राकेश गर्ग, सुरेश जिंदल सहित अनेक साधक उपस्थित रहे।
उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर साइंटिफिक स्प्रिच्युअलिज्म, मेरठ में इन धार्मिक सिद्धांतों पर लगातार वैज्ञानिक शोध और प्रयोग किए जा रहे हैं। जो व्यक्ति तप, सेवा और सुमिरन को समझकर जीवन में अपनाएगा, उसे असाध्य त्रितापों से मुक्ति मिलेगी।
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यह शिविर हरियाणा प्रांत प्रमुख सत्यनारायण शर्मा (एडवोकेट) और ट्रस्ट के प्रधान अंजनी कुमार खारियावाला के संरक्षण में चल रहा है। इसमें 300 से अधिक साधक भाग ले रहे हैं और आध्यात्मिक वातावरण में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया से आए कर्नल विनय शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस साधना से उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक प्रगति मिली है। अन्य कई साधकों ने भी अपने अनुभव व्यक्त किए।
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शिविर में प्रतिभागियों को दिनभर स्वास्थ्यवर्धक आहार दिया जा रहा है। इस अवसर पर ध्यान सत्संग सभा के वरिष्ठ साधक राकेश डालमिया, रवि कौशिक, हरीश जैन, गंगाधर बंसल, राकेश गर्ग, सुरेश जिंदल सहित अनेक साधक उपस्थित रहे।