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लापरवाही: अस्पताल में शवों की अदला-बदली, जींद के बुजुर्ग का राजस्थान में अंतिम संस्कार, अपने करते रहे इंतजार
Sun, 18 Sep 2022 10:50 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 18 Sep 2022 10:50 PM IST
सार
जींद निवासी मृतक के परिजन बोले कि हमें शव चाहिए और चिकित्सक पर कार्रवाई हो। पहचान कर शव ले जाकर अंतिम संस्कार करने वालों ने परिवार से माफी मांगी है।
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नागरिक अस्पताल के बाहर डीएसपी रोहताश परिजनो ने बातचती करते।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
हरियाणा के हिसार में नागरिक अस्पताल के शवगृह में पोस्टमार्टम के बाद एक शव की अदला-बदली हो गई। पहचान के बाद पोस्टमार्टम होने पर शव को राजस्थान के हनुमानगढ़ जिला के गांव गढ़ी छानी ले जाया गया। कुछ देर शव को घर पर रखा उसके बाद गांव के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया।
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संस्कार करने वालों के पांव की जमीन उस समय खिसक गई जब हिसार के उकलाना थाना के एक पुलिसकर्मी ने उनके पास फोन कर एक फोटो भेजी। ये फोटो मृतक केसर की थी। जिसका उन्होंने अंतिम संस्कार करना था, लेकिन जिस शव का अंतिम संस्कार किया वह जींद के खेड़ी मसानिया गांव का 65 वर्षीय जगपाल का था।
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जब इस बात का पता मृतक जगपाल के परिजनों को चला तो उन्होंने शवगृह के बाहर हंगामा कर दिया। पता चलने पर डीएसपी अशोक कुमार, रोहताश कुमार, शहर थाना प्रभारी कांसीराम मौके पर पहुंचे। शाम को शव का अंतिम संस्कार करने वाले भी पहुंच गए। मृतक जगपाल के परिजन चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। वहीं अंतिम संस्कार करने वालों ने परिवार से माफी मांगी है।
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वहीं, मृतक जगपाल के परिजनों का कहना है कि हमें शव चाहिए और जिस चिकित्सक ने पोस्टमार्टम के बाद शव दूसरों को दिया, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि सुबह से परिजन गांव में शव का अंतिम संस्कार करने की प्रतिक्षा कर रहे हैं।
शव की शनाख्त के लिए गए तो पता चला
जींद के खेड़ी मसानिया गांव के रहने वाले चांदीराम ने बताया कि उनका चचेरा भाई जगपाल गत दिवस अपनी एक रिश्तेदारी में गांव गैबीपुर आया था। शनिवार दोपहर को कल्लर भैणी गांव के पास सड़क पार करते समय एक कार ने टक्कर मार दी। हादसे में उसकी मौत हो गई। रविवार सुबह पोस्टमार्टम करवाने के लिए उकलाना पुलिस कार्रवाई में जुट गई। करीब ढाई बजे परिजन शवगृह के बाहर पहुंचे और शव की शनाख्त के लिए शवगृह में गए। जब शव देखा तो उन्होंने कहा कि यह जगपाल का शव नहीं है। जांच की गई तो पता चला कि सुबह गढ़ी छानी वाले जो शव लेकर गए वह शव जगपाल का था और यहां जो शव रखा है वह गढ़ी छानी निवासी केसर का है। इसका पता चलने पर जगपाल के परिजनों ने हंगामा कर दिया। सूचना मिलने पर पोस्टमार्टम करने वाला चिकित्सक नवनीत शर्मा अन्य चिकित्सकों के साथ मौके पर पहुंचे।
परिजनों से मांगी माफी
राजस्थान के गढ़ी छानी निवासी मृतक केसर का बेटा अजय और अन्य परिजन नागरिक अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतक जगपाल के परिजनों से माफी मांगी और कहा कि हमसे गलती हो गई। शव देखने के बाद भी पहचान नहीं पाए। अब जो कार्रवाई करवाने चाहते हैं हम तैयार हैं।
परिजनों ने की थी शनाख्त
डॉ. नवनीत का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम करने से पहले मृतक के परिजनों को बुलाया। उन्होंने शव की शिनाख्त की थी उसके बाद शव का पोस्टमार्टम किया था। पोस्टमार्टम के बाद विसरा और अन्य जांच के लिए पुलिस कर्मी को दे दिया था।
शव की अदला-बदली मामले में दोनों पक्षों से बातचीत कर रहे हैं। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक से पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांगी है। परिजन जैसा कहेंगे वैसी कार्रवाई होगी। - अशोक कुमार, डीएसपी, हिसार
24 घंटे में दूसरी बार अजय शव को देगा मुखाग्नि
जानकारी के अनुसार राजस्थान के हनुमानगढ़ जिला के गढ़ी छानी निवासी 60 वर्षीय केसर सिंह अपनी पत्नी के साथ हिसार की गीता कॉलोनी में रहता था। बीमारी के चलते वह मानसिक परेशान चल रहा था। गत दिवस बस स्टैंड के पास शराब ठेके के नजदीक उनका शव मिला था। परिजनों ने बताया था कि केसर सिंह ने जहरीले पदार्थ का सेवन किया था जिस कारण उनकी मौत हो गई। पता चलने पर उनका बेटा अजय सिंह जो रेलवे में नौकरी करता है देर रात को हिसार पहुंचा। सुबह बेटे अजय और उसके मौसेरे भाई प्रवीन ने पार्थिव शरीर की पहचान की थी। इसके बाद वे जींद के जगपाल के शव को अपने पिता का शव समझ कर ले गए और गांव में अंतिम संस्कार किया। शव के अदला-बदली का पता चलने पर वह रविवार देर रात अपने पिता केसर का शव लेने के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचा। 24 घंटे में अजय दूसरी बार शव को मुखाग्नि देगा। इस बार वह अपने पिता के शव का अंतिम संस्कार करेगा। हालांकि केसर के परिजनों ने जींद वासी जगपाल के परिजनों से हाथ जोड़ कर माफी मांगी है।
शवगृह में रखे थे चार शव
रविवार सुबह नागरिक अस्पताल के शवगृह में चार शव रखें हुए थे। सुबह मृतक केसर के परिजन पोस्टमार्टम करवाने के लिए पहुंचे। पुलिस ने कागजात तैयार कर शव की शनाख्त करवाई और कागज चिकित्सक नवनीत को दे दिए। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। उसके बाद मेरठ के रहने वाले युवक के शव का पोस्टमार्टम हुआ। दोपहर को एक हार्ट अटैक से मौत के शव का पोस्टमार्टम हुआ। दोपहर बाद जब चौथे शव की पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू हुई तो मामला उजागर हुआ।