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ईपीएफओ ने की 6.18 करोड़ रुपये की रिकवरी, नगर निगम प्रशासन पहुंचा अदालत
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हिसार। ईपीएफओ की तरफ से नगर निगम से 6.18 करोड़ रुपये की रिकवरी करने के मामले को लेकर निगम ने बुधवार को अदालत का दरवाजा खटखटाया, मगर अदालत ने निगम की याचिका को खारिज कर दिया।
बता दें कि नगर निगम व इससे काम करने वाली 104 एजेंसियों सैंकड़ों कर्मचारियों का 6.18 करोड़ रुपये डकार गई थी। निगम ने निर्माण व अन्य तरह के काम करने वाली एजेंसियों को तो यह राशि जारी कर दी थी, लेकिन इन एजेंसियों ने यह पैसा कर्मचारियों के खातों में जमा नहीं करवाया।
इस मामले में ईपीएफओ की न्यायिक जांच में नगर निगम को दोषी माना गया था। यह मामला 30 जून 2016 में पकड़ में आया था। इस मामले में 72 बार सुनवाई के बाद न्यायिक फैसला सुनाया गया था। न्यायिक फैसले में तुरंत प्रभाव से 6.18 करोड़ रुपये की राशि जमा करवाने के आदेश दिए गए थे। जब निगम प्रशासन ने ईपीएफओ को इस राशि का भुगतान नहीं किया गया तो ईपीएफओ ने निगम के अकाउंट को ही सीज कर दिया। आखिर में निगम प्रशासन को इस राशि का भुगतान कर अपने अकाउंट को खुलवाना पड़ा।
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बता दें कि नगर निगम व इससे काम करने वाली 104 एजेंसियों सैंकड़ों कर्मचारियों का 6.18 करोड़ रुपये डकार गई थी। निगम ने निर्माण व अन्य तरह के काम करने वाली एजेंसियों को तो यह राशि जारी कर दी थी, लेकिन इन एजेंसियों ने यह पैसा कर्मचारियों के खातों में जमा नहीं करवाया।
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इस मामले में ईपीएफओ की न्यायिक जांच में नगर निगम को दोषी माना गया था। यह मामला 30 जून 2016 में पकड़ में आया था। इस मामले में 72 बार सुनवाई के बाद न्यायिक फैसला सुनाया गया था। न्यायिक फैसले में तुरंत प्रभाव से 6.18 करोड़ रुपये की राशि जमा करवाने के आदेश दिए गए थे। जब निगम प्रशासन ने ईपीएफओ को इस राशि का भुगतान नहीं किया गया तो ईपीएफओ ने निगम के अकाउंट को ही सीज कर दिया। आखिर में निगम प्रशासन को इस राशि का भुगतान कर अपने अकाउंट को खुलवाना पड़ा।
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