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Hisar News: अश्व अनुसंधान केंद्र में लीजिए घुड़सवारी और शाही बग्घी में घूमने का लुत्फ
Fri, 09 Feb 2024 03:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 09 Feb 2024 03:22 AM IST
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हिसार। शहर में पर्यटन के लिए एक नया विकल्प उपलब्ध हो गया है। सिरसा रोड स्थित राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र में तांगा सवारी, बग्घी सवारी, घुड़सवारी कर सकेंगे। मंगलवार को छोड़ कर सप्ताह के अन्य सभी दिन सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक इसका लुत्फ ले सकेंगे। यहां अश्व अनुसंधान से संबंधित संग्रहालय का भ्रमण भर कर सकेंगे। राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र ने काफी समय पहले इसकी परिकल्पना तैयार की थी, अब इसकी शुरुआत कर दी है।
एनआरसीई के हिस्से का अब आम नागरिक भी अवलोकन कर सकेंगे। केंद्र में स्थित प्राकृतिक जलाशय को भी दोबारा से तैयार कराया जा रहा है। पहले चरण में तांगा सवारी, बग्घी सवारी, घुड़सवारी एवं अश्व संग्रहालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। तांगा और बग्घी की सवारी के एक चक्कर के लिए 100 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से शुल्क देना होगा। अगर आप घुड़सवारी करना चाहते हैं तो परिसर का पूरा चक्कर लगाने के लिए 50 रुपये देने होंगे। अगर संग्रहालय का अवलोकन करना चाहते हैं तो 20 रुपये अदा करने होंगे। यह सुविधा प्रात: 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक ले सकते हैं। पर्यटकों के लिए संस्थान ने कुछ शर्तें तय की हैं। इन शर्ताें-निर्देशों का पालन करना होगा।
एनआरसीई के सदस्य दिनेश दत्त शर्मा ने बताया कि केंद्रीय भैंस अनुसंधान परिषद के डिप्टी डायरेक्टर पशुपालन डॉ. राघवेंद्र भट्ट, केंद्रीय पशुपालन आयुक्त डॉ. अभिजीत मित्र हिसार पहुंचे थे। इन अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट को शुरू किया था। अब विधिवत तौर पर इसे शुरू कर दिया गया है।
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अश्व अनुसंधान केंद्र बीकानेर में ग्रीष्मकालीन शिविर के तहत स्कूली विद्यार्थियों को घुड़सवारी का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। वहां तांगा सफारी, बग्घी, फोटोग्राफी आदि की भी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे वहां लोगों का केंद्र के प्रति एक लगाव रहता है। बच्चों को केंद्र में भ्रमण के दौरान घोड़ों की विभिन्न नस्लों और केंद्र के कार्यों की जानकारी भी दी जाती है। इसी को देखते हुए हिसार में इसे शुरू करने की मांग की गई थी। बता दें कि बीकानेर केंद्र हिसार के राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र के अधीन काम करता है।
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एनआरसीई के हिस्से का अब आम नागरिक भी अवलोकन कर सकेंगे। केंद्र में स्थित प्राकृतिक जलाशय को भी दोबारा से तैयार कराया जा रहा है। पहले चरण में तांगा सवारी, बग्घी सवारी, घुड़सवारी एवं अश्व संग्रहालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। तांगा और बग्घी की सवारी के एक चक्कर के लिए 100 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से शुल्क देना होगा। अगर आप घुड़सवारी करना चाहते हैं तो परिसर का पूरा चक्कर लगाने के लिए 50 रुपये देने होंगे। अगर संग्रहालय का अवलोकन करना चाहते हैं तो 20 रुपये अदा करने होंगे। यह सुविधा प्रात: 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक ले सकते हैं। पर्यटकों के लिए संस्थान ने कुछ शर्तें तय की हैं। इन शर्ताें-निर्देशों का पालन करना होगा।
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एनआरसीई के सदस्य दिनेश दत्त शर्मा ने बताया कि केंद्रीय भैंस अनुसंधान परिषद के डिप्टी डायरेक्टर पशुपालन डॉ. राघवेंद्र भट्ट, केंद्रीय पशुपालन आयुक्त डॉ. अभिजीत मित्र हिसार पहुंचे थे। इन अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट को शुरू किया था। अब विधिवत तौर पर इसे शुरू कर दिया गया है।
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अश्व अनुसंधान केंद्र बीकानेर में ग्रीष्मकालीन शिविर के तहत स्कूली विद्यार्थियों को घुड़सवारी का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। वहां तांगा सफारी, बग्घी, फोटोग्राफी आदि की भी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे वहां लोगों का केंद्र के प्रति एक लगाव रहता है। बच्चों को केंद्र में भ्रमण के दौरान घोड़ों की विभिन्न नस्लों और केंद्र के कार्यों की जानकारी भी दी जाती है। इसी को देखते हुए हिसार में इसे शुरू करने की मांग की गई थी। बता दें कि बीकानेर केंद्र हिसार के राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र के अधीन काम करता है।