फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   engineering pass praveen grew saffron in soil lab without watching youtube video

Hisar News: इंजीनियरिंग पास प्रवीण ने यूट्यूब वीडियो देख बिना मिट्टी लैब में पैदा किया केसर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 11 Dec 2022 11:09 PM IST
विज्ञापन
engineering pass praveen grew saffron in soil lab without watching youtube video
लैब में पैदा हुए केसर को दिखाते प्रवीण। - फोटो : Hisar
अमित भारद्वाज
विज्ञापन

हिसार। कहते हैं कि अगर पूरी ईमानदारी व मेहनत से किसी कार्य को किया जाए तो उसमें सफलता अवश्य मिलती है। शहर के साकेत कॉलोनी निवासी इंजीनियर प्रवीण ने यूट्यूब पर वीडियो देखकर आधुनिक ढंग से खेती करने का फैसला किया। प्रवीण ने शुरुआत में कीड़ा जड़ी बूटी की खेती की। इसमें सफलता मिली तो उसने लैब में केसर उगाने की ठानी। यह आइडिया भी उसे यूट्यूब से ही आया और यहां भी प्रवीण ने अपने जज्बे की बदौलत बाजी मारी। अब वह साल में तीन माह केसर की खेती कर भाई के साथ करीब 10 लाख रुपये की कमाई कर रहा है।
प्रवीण ने बताया कि मैंने वर्ष 2014 में पंजाब से इंजीनियरिंग की डिग्री ली। इसके बाद मैं यूपीएससी व एसएससी परीक्षा की तैयारी में जुट गया। दो साल तक परीक्षा की तैयारी की, लेकिन सफलता नहीं मिली। चूंकि गांव कौथ कलां में पारिवारिक जमीन भी है, जिस पर खेती होती थी। बचपन से मेरी खेती के कार्यों में रुचि थी। इसी बीच एक दिन मैंने इंटरनेट पर कीड़ा जड़ी बूटी की खेती की एक वीडियो देखी, जो मुझे पसंद आई। इसके साथ ही मैंने भी इसकी खेती करने का फैसला किया। इससे पहले मैंने थाईलैंड में जाकर इसका प्रशिक्षण लिया। वहां बड़े स्तर पर इस जड़ी बूटी की खेती की जाती है। प्रशिक्षण लेने के बाद मैंने वर्ष 2016 में लैब में कीड़ा जड़ी बूटी की खेती शुरू की। मैंने अपने भाई नवीन को इस कार्य में साथ ले लिया। वह पहले इंग्लैंड में नौकरी करता था। हम दोनों ने इस जड़ी बूटी को खुद ही बेचा। इस दौरान हमें देश के अलावा यूएसए व यूके से भी ऑर्डर मिले।
विज्ञापन

एयरोपोनिक तकनीक से उगाई केसर
प्रवीण ने बताया कि मैंने एक दिन यूट्यूब पर केसर उगाने की वीडियो देखी। यहीं से मैंने केसर की खेती करने के बारे में सोचा। मैंने वर्ष 2018 में कश्मीर से केसर का बीज मंगवाया, जो 500 से 600 रुपये प्रति किलोग्राम था। मैंने 700 से 800 किलोग्राम बीज मंगवाया। मैंने एयरोपोनिक तकनीक से खेती की, जिसमें बिना मिट्टी से खेती कर सकते हैं और इसमें जमीन के मुकाबले 20 गुणा कम जगह की जरूरत होती है। हालांकि पहली बार में काफी बीज खराब हो गया। इसके बाद अगले साल मैंने 1200 किलोग्राम और बीज मंगवाया। अब मेरे पास 1500 किलोग्राम बीज था। मगर इस बार मैं सफल रहा। मैंने इस फसल से 2 से 2.5 किलोग्राम केसर पैदा हुआ। मुझे उत्तर प्रदेश से केसर खरीदने के काफी ऑर्डर मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन

तीन माह में तैयार हो जाती है केसर की फसल
प्रवीण के मुताबिक अगस्त के आखिर में केसर की बिजाई की जाती है और नवंबर के शुरुआत में इसकी फसल तैयार हो जाती है। इसके लिए 10 से 17 डिग्री सेल्सियस तापमान की जरूरत होती है। केसर की कीमत 3.5 लाख रुपये प्रति किलोग्राम है। मैं अब पूरे देश में केसर सप्लाई करता हूं। बांग्लादेश से भी मुझे केसर का ऑर्डर मिला था।

एचएयू के एबिक सेंटर से ली मार्केटिंग की ट्रेनिंग
प्रवीण ने बताया कि एचएयू के एबिक सेंटर ने भी उसके आइडिया को सेलेक्ट किया और उसे एक साल की ट्रेनिंग दी। इसके तहत उसे 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद भी मिलेगी। इसके अलावा उसने एमएसएमई की स्टार्टअप इंडिया योजना के तहत भी आवेदन किया है। इस योजना के अंतर्गत उसे सरकार की तरफ से 10 लाख रुपये की ग्रांट मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed