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Hisar News: सरकारी जमीन पर कब्जा, नोटिस दिए तो प्रॉपर्टी मालिकों ने दिखाई रजिस्ट्री, बीएंडआर विभाग ने अपनी जमीन की पैमाइश कराई तो 1872 वर्ग गज भूमि पर कब्जा मिला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 17 Nov 2025 12:46 AM IST
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Encroachment on government land; when notices were issued, property owners showed their registry. When the B&R department surveyed its land, it found encroachment on 1,872 square yards of land.
जाट कॉलेज रोड पर बने मकान। 
हिसार। सरकारी महकमों की सुस्ती का आलम यह है कि लोगों ने सरकारी जमीन पर इमारतें तक खड़ीं कर लीं। मामला बीएंडआर विभाग से जुड़ा है। विभाग ने जाट कॉलेज रोड पर स्थित अपनी जमीन की पैमाइश करवाई तो 1872 वर्ग गज भूमि पर कब्जे पाए गए। संबंधित प्रॉपर्टी मालिकों को नोटिस जारी किए तो कइयों ने 50 साल से अधिक पुरानी रजिस्ट्री पेश कर दी। विभाग के अधिकारी चकित हैं कि सरकारी जमीन की कोई कैसे रजिस्ट्री करवा सकता है। उधर, सरकारी जमीन पर काबिज लोगों ने नोटिस का जवाब देने के बजाय दुबारा पैमाइश करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि पैमाइश गलत है और इसी आधार पर कब्जे की रिपोर्ट तैयार की गई है। बीएंडआर ने भी आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए तहसील कार्यालय को फिर से जमीन का माप-जोख करने के लिए लिखा है।
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बीएंडआर विभाग की नींद तब खुली जब आरटीआई कार्यकर्ता अनिल महला ने विभाग की जमीन पर कथित अवैध कब्जों की शिकायत समाधान शिविर में और सीएम विंडो पर की। इस पर विभाग के अधिकारियों ने तहसील कार्यालय से अपनी जमीन की पैमाइश करवाई। इसकी रिपोर्ट 2 सितंबर 2025 को सौंपी गई। इसमें पाया कि 31 लोगों द्वारा लगभग 1872 वर्ग गज सरकारी भूमि पर कब्जा किया गया। इनमें रैंप, मकान और अस्थायी निर्माण शामिल हैं।
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नोटिस में दिया था 7 दिन का समय

बीएंडआर विभाग ने 29 अक्तूबर को कब्जाधारियों को दिए नोटिस में चेताया था कि 7 दिन के अंदर कब्जे हटा लें अन्यथा आपके खिलाफ हरियाणा रोड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन एक्ट 2017 की धारा 5 के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सरकारी मशीनरी की मदद से कब्जे हटाने पर आने वाला खर्च भी आपसे ही वसूला जाएगा। हालांकि इस मियाद को गुजरे 15 दिन से अधिक हो गए हैं। इससे पहले सभी नोटिस धारक बीएंडआर के एसई अजीत सिंह से भी मिले। उन्होंने बताया कि जब बीएंडआर ने पैमाइश करवाई थी, उस दौरान वह मौके पर मौजूद नहीं थे। इसे देखते हुए दोबारा से उनकी मौजूदगी में पैमाइश करवाई जाए।
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नोटिस धारकों ने उठाए सवाल

मेरे पिता 45 साल से यह दुकान चला रहे हैं। दुकान के आगे बरामद बना रखा है। यह रजिस्ट्री में नहीं है लेकिन बरामद काफी वर्षों से बना है। हमने बीएंडआर की पैमाइश पर आपत्ति जताते हुए दोबारा से पैमाइश करने की मांग की है। विभाग जिन्हें कब्जे बता रहा है, लोगों के पास उनकी रजिस्ट्री है। - गौरव नाशा, नोटिस धारक

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मेरे पास दो प्लॉट हैं। इनमें से एक की रजिस्ट्री वर्ष 1956 की है। बीएंडआर बता रहा है कि हमने 40 फीट जमीन पर कब्जा कर रखा है। घर 220 वर्ग गज भूमि पर बना रखा है जबकि रजिस्ट्री 247.7 की है। मेरी जमीन तो कम है और विभाग कह रहा है कि मैंने उनकी जमीन पर कब्जा किया है। यह पैमाइश पूरी तरह से गलत है - गौरव, नोटिस धारक

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फिर से करवाएंगे पैमाइश

पैमाइश करवाने पर सरकारी जमीन पर कब्जे मिले थे। कब्जाधारियों को नोटिस दिए गए थे। अधिकतर लोगों ने जवाब में रजिस्ट्री पेश की है। नोटिस धारकों की मांग पर दोबारा से पैमाइश करवाई जाएगी। - अरुण कुमार, एसडीओ, बीएंडआर


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नहीं की जा रही कोई कार्रवाई

ये अवैध कब्जे आज के नहीं, बल्कि वर्षों पुराने हैं। चूंकि अधिकारियों ने इस तरफ से आंखें मूंदकर रखी तो इन कब्जों की संख्या बढ़ती गई। पहले भी इन कब्जों पर कार्रवाई की मांग की जा चुकी है। - अनिल महला, शिकायतकर्ता एवं अध्यक्ष, साझा मोर्चा
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