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Hisar News: मोहल्ले में सीवरेज लाइन न होने से तीन साल से मायके नहीं आई तीन बेटियां
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हांसी वार्ड 5 के पार्षद नितेश शर्मा के साथ अधिकारी के समक्ष अपनी समस्या रखती महिलाएं।
हांसी। मोहल्ला काला पत्थर व मोहल्ला धानकान की महिलाएं एकत्रित होकर जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में पहुंची व कनिष्ठ अभियंता विक्रम के आगे अपने मोहल्ले में सीवर लाइन न होने की समस्या उनके समक्ष रखी। महिलाओं ने कनिष्ठ अभियंता को अपनी समस्या बताते हुए कहा कि शासन प्रशासन दावा करता है कि हर घर शौचालय होना चाहिए। मगर हमारे मोहल्ले में न ही सीवर लाइन है और न ही शौचालय है। वहीं एक महिला ने रोते हुए कहा कि उनकी तीन बेटियां हैं जो कि शादीशुदा है, लेकिन सीवर व्यवस्था न होने के कारण पिछले 3 वर्षों से उनकी बेटी घर पर नहीं आई हैं।
जिसके कारण बहन बेटियों को शौच के लिए इधर-उधर खुले में भटकना पड़ता है। जिनमें गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। अपनी स्थिति बताते हुए कई महिलाएं रोने भी लगी। एक उम्रदराज महिला ने तो यह तक कह दिया की उनकी पोती जब शौच के लिए खुले में कहीं जाती है तो उन्हें उसके साथ-साथ जाना पड़ता है। ऐसे में उन्हें अनहोनी का डर लगता है। कई बार रात्रि में लाइट नहीं होती है तो समस्या और भी गंभीर हो जाती है। लोगों ने कहा कि वह सभी पिछड़ा वर्ग व अनुसूचित जाति के लोग हैं। वह नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उनकी इस समस्या पर कनिष्ठ अभियंता ने संज्ञान लिया।
दोनों क्षेत्रों में तीन गलियां हैं। तंग गलियां होने के कारण आज तक वहां सीवरेज लाइन नहीं डली। क्योंकि वहां खुदाई की वजह से लोगों का आना जाना बंद हो जाएगा। यहां मशीन से काम भी नहीं करवाया जा सकता। मजदूरों के जरिये काम करवाया जाएगा। जल्दी इसका समाधान होगा। आचार संहिता हटते ही यहां पर सीवरेज लाइन डलवाने का काम किया जाएगा। -
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विक्रम, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग
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जिसके कारण बहन बेटियों को शौच के लिए इधर-उधर खुले में भटकना पड़ता है। जिनमें गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। अपनी स्थिति बताते हुए कई महिलाएं रोने भी लगी। एक उम्रदराज महिला ने तो यह तक कह दिया की उनकी पोती जब शौच के लिए खुले में कहीं जाती है तो उन्हें उसके साथ-साथ जाना पड़ता है। ऐसे में उन्हें अनहोनी का डर लगता है। कई बार रात्रि में लाइट नहीं होती है तो समस्या और भी गंभीर हो जाती है। लोगों ने कहा कि वह सभी पिछड़ा वर्ग व अनुसूचित जाति के लोग हैं। वह नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उनकी इस समस्या पर कनिष्ठ अभियंता ने संज्ञान लिया।
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दोनों क्षेत्रों में तीन गलियां हैं। तंग गलियां होने के कारण आज तक वहां सीवरेज लाइन नहीं डली। क्योंकि वहां खुदाई की वजह से लोगों का आना जाना बंद हो जाएगा। यहां मशीन से काम भी नहीं करवाया जा सकता। मजदूरों के जरिये काम करवाया जाएगा। जल्दी इसका समाधान होगा। आचार संहिता हटते ही यहां पर सीवरेज लाइन डलवाने का काम किया जाएगा। -
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विक्रम, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग