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Hisar News: देखरेख के अभाव में नागरिक अस्पताल का भवन ही बदहाल, कैसे होगा आमजन का उपचार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 04 Feb 2024 11:07 PM IST
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Due to lack of maintenance, the civil hospital building itself is in bad condition, how will the common people be treated?
हांसी इमरजेंसी वार्ड में दीवार पर आई हुई सीलन।
हांसी। नागरिक अस्पताल के भवन की बीते 12 वर्षों से मरम्मत और रंग रोगन का कार्य नहीं हुआ है। हालत यह है कि अस्पताल के कमरों के दरवाजे और खिड़की टूटी पड़ी हैं। भवन में कई जगहों पर सीलन है। वहीं चिकित्सकों से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक सभी के आवास खंडहर हो चुके हैं। भवन के रंग रोगन व मरम्मत के लिए चार करोड़ रुपये का एस्टीमेट तीन वर्ष पूर्व भेजा गया था, लेकिन आज तक मंजूरी नहीं मिली।
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नागरिक अस्पताल के इस भवन का निर्माण पूर्व मुख्यमंत्री देवी लाल द्वारा 11 मार्च 1979 को करवाया गया था। 60 बेड के दो मंजिला इस भवन को बने करीब 45 वर्ष हो चुके हैं। जानकारी के अनुसार वर्ष 2012 में नागरिक अस्पताल मेंं रंग रोगन का कार्य हुआ था, इस दौरान ही इसकी मरम्मत हुई थी। उसके बाद अब 12 वर्षों तक अस्पताल की मरम्मत नहीं हुई है। न ही अस्पताल में रंग रोगन व भवन से संबंधित अन्य कोई काम हुआ।
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टूट चुकी हैं खिड़कियां और चौखट
नागरिक अस्पताल के भवन में सीलन आई हुई है। इमरजेंसी वार्ड में भी सीलन है। साथ ही जनरल वार्ड सहित अन्य कमरों की खिड़की और दरवाजे टूटे हुए हैं। अस्पताल के पिछली तरफ वैक्सीनेशन व आईसीटीसी के लिए अलग से भवन बना हुआ है। यहां पर आईसीटीसी कक्ष के कमरे की चौखट दीमक से गल गई है। जिसके चलते कर्मचारी इस कमरे को बंद ही नहीं कर पाते। यही हाल अस्पताल के स्विच बोर्ड का हाल है। स्विच बोर्ड कई जगह से टूटे हुए हैं। शौचालयों की सफाई न होने से दुर्गंध आती रहती है।
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खंडहर हो चुके सरकारी आवास में नहीं रहते कर्मचारी
नागरिक अस्पताल में एसएमओ, एमओ सहित स्टॉफ नर्स व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के रहने के आवास खंडहर हो चुके हैं। जिसके चलते यहां पर कोई भी चिकित्सक व नर्स नहीं रहती। उन्हें बाहर किराए पर रहना पड़ता है। जिस समय यहां आवास में चिकित्सक व नर्सिंग स्टॉफ रहता था तो आपातकालीन के समय व किसी बड़ी दुर्घटना पर तुरंत सभी को बुला लिया जाता था। अब चिकित्सक व स्टॉफ के बाहर रहने पर उन्हें बुलाने में मुश्किल होती है। अगर बुलाया भी जाए तो उन्हें आने में समय लग जाता है। अस्पताल प्रशासन द्वारा इन आवासों को गिराने के लिए पत्र लिखा गया है ताकी कोई हादसा न हो।
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