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Hisar News: ड्रोन तकनीक और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
Sun, 15 Feb 2026 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 15 Feb 2026 01:22 AM IST
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हिसार। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) और नाभास्त्र प्राइवेट लिमिटेड (करनाल) ने ड्रोन तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और एयरोस्पेस अनुप्रयोगों के क्षेत्र में संयुक्त शोध, प्रशिक्षण, नवाचार और संबंधित सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। जीजेयू की ओर से कुलपति प्रो. प्रो. नरसी राम बिश्नोई और नाभास्त्र की ओर से प्रबंधक निदेशक अंजलि वर्मा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
कुलपति ने बताया कि यह पहल हरियाणा सरकार की ड्रोन तकनीक नीति के अनुरूप है। उन्होंने हिसार के सिसाय गांव में देश के पहले ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी हब की स्थापना का उल्लेख किया जो दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा हब होगा। एमओयू के तहत विश्वविद्यालय में डीजीसीए दिशा-निर्देशों के अनुसार रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (आरपीटीओ) और ड्रोन रिसर्च, डिजाइन व टेस्टिंग सुविधा स्थापित की जाएगी।
डीन इंटरनेशनल अफेयर्स प्रो. प्रो. ओम प्रकाश सांगवान ने बताया कि समझौते के तहत दोनों संस्थान ड्रोन पायलट और तकनीशियन प्रमाणन पाठ्यक्रम, कौशल विकास कार्यक्रम, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, छात्र इंटर्नशिप, उद्योग आधारित परियोजनाएं और स्टार्टअप प्रोत्साहन गतिविधियां संचालित करेंगे।
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नाभास्त्र की प्रबंधक निदेशक अंजलि वर्मा ने कहा कि एमओयू छात्रों को अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक का हाथों-हाथ अनुभव देने और नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने इसे भारत में उच्च स्तरीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
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कुलपति ने बताया कि यह पहल हरियाणा सरकार की ड्रोन तकनीक नीति के अनुरूप है। उन्होंने हिसार के सिसाय गांव में देश के पहले ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी हब की स्थापना का उल्लेख किया जो दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा हब होगा। एमओयू के तहत विश्वविद्यालय में डीजीसीए दिशा-निर्देशों के अनुसार रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (आरपीटीओ) और ड्रोन रिसर्च, डिजाइन व टेस्टिंग सुविधा स्थापित की जाएगी।
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डीन इंटरनेशनल अफेयर्स प्रो. प्रो. ओम प्रकाश सांगवान ने बताया कि समझौते के तहत दोनों संस्थान ड्रोन पायलट और तकनीशियन प्रमाणन पाठ्यक्रम, कौशल विकास कार्यक्रम, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, छात्र इंटर्नशिप, उद्योग आधारित परियोजनाएं और स्टार्टअप प्रोत्साहन गतिविधियां संचालित करेंगे।
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नाभास्त्र की प्रबंधक निदेशक अंजलि वर्मा ने कहा कि एमओयू छात्रों को अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक का हाथों-हाथ अनुभव देने और नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने इसे भारत में उच्च स्तरीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।