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अल्टीमेटम देने की जरूरत नहीं, जरूरत पड़ी उसी दिन बढ़ा लेंगे भीड़
amarujala/Hisar
Updated Mon, 06 Feb 2017 12:10 AM IST
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति का रामायण रोड पर खेतों में धरना आठवें दिन भी जारी रहा। रविवार को धरने पर जाट समाज के कई नेताओं ने एलान किया कि वे समाज के साथ हैं और समाज को धरना स्थलों पर हाजिरी बढ़ाने के लिए कोई अल्टीमेटम देने की जरूरत नहीं है। जब जरूरत पड़ी उसी दिन भीड़ जुटा लेंगे। जाट नेताओं ने एलान किया कि नोटिस देने से समाज के लोग धरनों पर आना बंद नहीं होंगे। धरने पर 12 खाप के प्रधान सुरेश कोथ व हांसी से इनेलो नेता रविंद्र सैनी सहित कई लोग समर्थन देने पहुंचे। उधर समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने कहा कि यशपाल मलिक ने सोमवार को जसिया में मीटिंग बुलाई हुई है। एक प्रतिनिधिमंडल जिसमें वे खुद व महेंद्र सिंह पूनिया सहित कुछ और पदाधिकारी जसिया पहुंचेंगे। वहां पहुंचकर आगे की रणनीति बनेगी।
धरने पर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने कहा कि 19 जनवरी को बलिदान दिवस मनाया जाएगा। इस दिन हर धरना स्थल पर यह बलिदान दिवस बड़ी हाजिरी के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को 11 जनवरी तक का समय दिया हुआ है। अगर सरकार मांगें नहीं मानती है तो धरना स्थलों की जरूरत के हिसाब से संख्या बढ़ा दी जाएगी। इस अवसर पर समिति के महासचिव महेंद्र पूनिया, जिलाध्यक्ष कृष्ण किरमारा, ईश्वर मोर, सतवीर सिंह पेटवाड़, सहित कई लोग मौजूद थे।
सरकार झूठी बयानबाजी न करे : काजल
काजला खाप के अध्यक्ष राजमल काजल ने धरने पर कहा कि सरकार झूठी बयानबाजी न करें। उन्होंने कहा कि जो 7 मांगें जाट आरक्षण संघर्ष समिति उठा रही है उनमें से सरकार ने एक भी सही तरीके से पूरी नहीं की। धरने पर बुजुर्गों के अलावा महिलाओं की संख्या भी हर रोज बढ़ रही है। आज भी 50 से ज्यादा महिलाएं धरना स्थल पर पहुंची। महिला नेत्री शीला भ्याण भी महिलाओं के साथ पहुंची और धरने को समर्थन दिया। वहीं कुछ महिलाएं लोकगीत गाते हुए वहां पर पहुंची।
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रामायण धरने पर ये नेता पहुंचे
रामायण गांव के धरने पर हांसी हलके के प्रेम सिंह मलिक, धारा सिंह, रविंद्र सैनी, 12 बारह खाप से सुरेश कौथ, काजला खाप के अध्यक्ष राजमल काजल, अजीत लितानी, हरिसिंह, डॉ. अनंतराम, शीला भ्याण, रणवीर सिंह तरड़ आदि मौजूद थे। रामायण धरने पर गांव सौथा, मदनहेड़ी, पेटवाड, कापड़ो, उमरा, ढंढेरी, बडाला, बास, हैबतपुर, कनौह, राजली आदि गांवों से लोग गाड़ियों में आए। आसपास के गांवों से भी जाट समाज के लोग आए।
रेलवे ट्रैक, हाईवे की निगरानी
रामायण में चले रहे धरने के मद्देनजर सुरक्षा बल रेलवे ट्रैक व हाईवे की निगरानी करता रहा। वहां स्थानीय पुलिस के अलावा आरएएफ, पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान तैनात रहे। साथ ही वहां पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए थे।
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धरने पर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने कहा कि 19 जनवरी को बलिदान दिवस मनाया जाएगा। इस दिन हर धरना स्थल पर यह बलिदान दिवस बड़ी हाजिरी के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को 11 जनवरी तक का समय दिया हुआ है। अगर सरकार मांगें नहीं मानती है तो धरना स्थलों की जरूरत के हिसाब से संख्या बढ़ा दी जाएगी। इस अवसर पर समिति के महासचिव महेंद्र पूनिया, जिलाध्यक्ष कृष्ण किरमारा, ईश्वर मोर, सतवीर सिंह पेटवाड़, सहित कई लोग मौजूद थे।
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सरकार झूठी बयानबाजी न करे : काजल
काजला खाप के अध्यक्ष राजमल काजल ने धरने पर कहा कि सरकार झूठी बयानबाजी न करें। उन्होंने कहा कि जो 7 मांगें जाट आरक्षण संघर्ष समिति उठा रही है उनमें से सरकार ने एक भी सही तरीके से पूरी नहीं की। धरने पर बुजुर्गों के अलावा महिलाओं की संख्या भी हर रोज बढ़ रही है। आज भी 50 से ज्यादा महिलाएं धरना स्थल पर पहुंची। महिला नेत्री शीला भ्याण भी महिलाओं के साथ पहुंची और धरने को समर्थन दिया। वहीं कुछ महिलाएं लोकगीत गाते हुए वहां पर पहुंची।
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रामायण धरने पर ये नेता पहुंचे
रामायण गांव के धरने पर हांसी हलके के प्रेम सिंह मलिक, धारा सिंह, रविंद्र सैनी, 12 बारह खाप से सुरेश कौथ, काजला खाप के अध्यक्ष राजमल काजल, अजीत लितानी, हरिसिंह, डॉ. अनंतराम, शीला भ्याण, रणवीर सिंह तरड़ आदि मौजूद थे। रामायण धरने पर गांव सौथा, मदनहेड़ी, पेटवाड, कापड़ो, उमरा, ढंढेरी, बडाला, बास, हैबतपुर, कनौह, राजली आदि गांवों से लोग गाड़ियों में आए। आसपास के गांवों से भी जाट समाज के लोग आए।
रेलवे ट्रैक, हाईवे की निगरानी
रामायण में चले रहे धरने के मद्देनजर सुरक्षा बल रेलवे ट्रैक व हाईवे की निगरानी करता रहा। वहां स्थानीय पुलिस के अलावा आरएएफ, पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान तैनात रहे। साथ ही वहां पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए थे।