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Hisar News: प्रदर्शनी में दिखाई डीएन कॉलेज की 75 वर्षों की उपलब्धियां
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दयानंद महाविद्यालय की 75 वा स्थापना दिवस समारोह पर अपनी प्रस्तुति के इंतजार में छात्राएं।
हिसार। डीएन कॉलेज की स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में दो दिवसीय हीरक जयंती समारोह की शुरुआत शनिवार को दयानंद महाविद्यालय प्रांगण में 75 वर्षों की विकास यात्रा, ऐतिहासिक उपलब्धियों और नवाचारों को दर्शाती प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ की। इस प्रदर्शनी का शुभारंभ डीएवी कॉलेज प्रबंधक समिति, नई दिल्ली के प्रधान व पद्मश्री आर्यरत्न डॉ. पूनम सूरी और उनकी पत्नी मणि सूरी ने किया।
प्रदर्शनी में कॉलेज के 1950 से 2025 तक के शैक्षणिक, शोध, खेलकूद, सांस्कृतिक, एनसीसी व एनएसएस के क्षेत्र में मिले गौरवपूर्ण उपलब्धियों को भव्य तरीके से दर्शाया गया। हाल ही में महाविद्यालय को नैक द्वारा ''''''''ए प्लस-प्लस'''''''' ग्रेड प्रदान किया जाना इस सफर की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। समारोह की विधिवत शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण और हवन के साथ हुई, जिसमें मुख्य अतिथि डॉ. पूनम सूरी ने यजमान बनकर आहुतियां दीं।
प्राचार्य डॉ. विक्रमजीत सिंह व उनकी पत्नी शोभा चहल ने ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा निभाते हुए मुख्य अतिथि और उनकी पत्नी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान डीएवी समिति दिल्ली के उप प्रधान जस्टिस प्रीतम पाल, डॉ. अनील राव, डॉ. प्रबोध महाजन, डीएव सीएमसी उच्चतर शिक्षा निदेशक शिव रमन गौड और महाविद्यालय क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पवन शर्मा की उपस्थिति में किया गया।
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इसके बाद समारोह में स्मारिका ‘हेरिटेज’ का विमोचन हुआ जिसमें महाविद्यालय की हीरक प्रगति यात्रा का विस्तार से वर्णन किया गया। प्राचार्य डॉ. विक्रमजीत सिंह ने महाविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि आज दयानंद महाविद्यालय न केवल शैक्षणिक बल्कि अनुसंधान, नवाचार, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों में भी अपनी पहचान स्थापित कर चुका है।
मुख्य अतिथि डॉ. पूनम सूरी ने अपने संबोधन में वैदिक शिक्षा पद्धति, आर्य समाज के आदर्शों, राष्ट्रीय चरित्र निर्माण और आधुनिक तकनीकी ज्ञान के संतुलन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति व मूल्यों के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा भी प्रदान कर रहा है जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो रहा है।
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों, एनसीसी, एनएसएस व खेलों में अव्वल रहे विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय व डीएवी स्कूल के विद्यार्थियों ने स्वामी दयानंद सरस्वती के जीवन पर आधारित लघु नाटिका व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थितजनों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्य अतिथि को महाविद्यालय की आंतरिक गुणवत्ता समिति द्वारा ‘ए प्लस-प्लस’ ग्रेड की प्रतीक प्रतिकृति भेंट स्वरूप दी गई। डॉ. मोनिका कक्कड़ ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। सफल मंच संचालन डॉ. शम्मी नागपाल व डॉ. छवि मंगला ने किया। राष्ट्रीय गान के साथ प्रथम दिवस का समारोह संपन्न हुआ।
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प्रदर्शनी में कॉलेज के 1950 से 2025 तक के शैक्षणिक, शोध, खेलकूद, सांस्कृतिक, एनसीसी व एनएसएस के क्षेत्र में मिले गौरवपूर्ण उपलब्धियों को भव्य तरीके से दर्शाया गया। हाल ही में महाविद्यालय को नैक द्वारा ''''''''ए प्लस-प्लस'''''''' ग्रेड प्रदान किया जाना इस सफर की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। समारोह की विधिवत शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण और हवन के साथ हुई, जिसमें मुख्य अतिथि डॉ. पूनम सूरी ने यजमान बनकर आहुतियां दीं।
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प्राचार्य डॉ. विक्रमजीत सिंह व उनकी पत्नी शोभा चहल ने ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा निभाते हुए मुख्य अतिथि और उनकी पत्नी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान डीएवी समिति दिल्ली के उप प्रधान जस्टिस प्रीतम पाल, डॉ. अनील राव, डॉ. प्रबोध महाजन, डीएव सीएमसी उच्चतर शिक्षा निदेशक शिव रमन गौड और महाविद्यालय क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पवन शर्मा की उपस्थिति में किया गया।
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इसके बाद समारोह में स्मारिका ‘हेरिटेज’ का विमोचन हुआ जिसमें महाविद्यालय की हीरक प्रगति यात्रा का विस्तार से वर्णन किया गया। प्राचार्य डॉ. विक्रमजीत सिंह ने महाविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि आज दयानंद महाविद्यालय न केवल शैक्षणिक बल्कि अनुसंधान, नवाचार, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों में भी अपनी पहचान स्थापित कर चुका है।
मुख्य अतिथि डॉ. पूनम सूरी ने अपने संबोधन में वैदिक शिक्षा पद्धति, आर्य समाज के आदर्शों, राष्ट्रीय चरित्र निर्माण और आधुनिक तकनीकी ज्ञान के संतुलन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति व मूल्यों के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा भी प्रदान कर रहा है जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो रहा है।
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों, एनसीसी, एनएसएस व खेलों में अव्वल रहे विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय व डीएवी स्कूल के विद्यार्थियों ने स्वामी दयानंद सरस्वती के जीवन पर आधारित लघु नाटिका व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थितजनों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्य अतिथि को महाविद्यालय की आंतरिक गुणवत्ता समिति द्वारा ‘ए प्लस-प्लस’ ग्रेड की प्रतीक प्रतिकृति भेंट स्वरूप दी गई। डॉ. मोनिका कक्कड़ ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। सफल मंच संचालन डॉ. शम्मी नागपाल व डॉ. छवि मंगला ने किया। राष्ट्रीय गान के साथ प्रथम दिवस का समारोह संपन्न हुआ।