फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Divyang students are doing rounds of Education Department and Social Welfare Department, forms are not being submitted

शिक्षा विभाग व समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट रहे हैं दिव्यांग छात्र, नहीं हो रहे फार्म जमा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jun 2022 10:45 PM IST
विज्ञापन
Divyang students are doing rounds of Education Department and Social Welfare Department, forms are not being submitted
लघुसचिवालय के बाहर धरने पर बैठे दिव्यांगजन। - फोटो : Hisar
हिसार। लघु सचिवालय के सामने सोमवार को अपनी मांगों के समर्थन में दिव्यांगजनों ने विकलांग अधिकार मंच हरियाणा के बैनरतले हरियाणा सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया। दिव्यांगों ने अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र सौंपा।
विज्ञापन

ऋषिकेश राजली ने बताया कि देश में लगभग 15 लाख दिव्यांग हैं, जिनमें से करीब 1 लाख 80 हजार ही पेंशन ले रहे हैं। इसमें से पेंशन का लगभग एक चौथाई हिस्सा वह है जो अपने बच्चों और अपनी पत्नी को निराश्रित पेंशन के तौर पर मिलता है। ऋषिकेश राजली ने बताया कि अब यह पेंशन 6 महीने से नहीं मिल रही है। उनका आरोप है कि हरियाणा सरकार ने वेरीफिकेशन के नाम पर छेड़खानी करके दिव्यांगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। हरियाणा में इनकी आबादी लगभग 30 हजार के करीब है।
विज्ञापन

ऋषिकेश राजली ने बताया कि मेडिकल प्रमाण पत्र सही है या गलत है, यह तो डाक्टरों का बोर्ड ही बता सकता है लेकिन विभागों के कर्मचारी ही दिव्यांगों के मेडिकल सर्टिफिकेट खारिज कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला समाज कल्याण में दिव्यांग बच्चों को छात्रवृति मिलती थी, अब समाज कल्याण विभाग आवेदनों को नहीं ले रहा है। कहा जा रहा है कि शिक्षा विभाग में जमा कराना पड़ेगा। लेकिन शिक्षा विभाग में जाते है तो वहां पर फार्म लेने से मना कर दिया जाता है और वह कहते हैं कि हमारे पास किसी प्रकार का कोई आदेश नहीं आया है। दिव्यांग छात्रों के माता-पिता दफतरों के चक्कर काट-काट कर परेशान हो रहे हैं।
ये हैं मुख्य मांगे
-दिव्यांगों को 40 प्रशित पर पेंशन लागू करते हुए सभी पेंशनर होल्डर की पत्नी और बच्चों और दिव्यांगों की देखभाल करने वाले को निराश्रित पेंशन दी जाए।
- दिव्यांगों की पत्नियों की छह महीने से रुकी हुई पेंशन जल्द भेजी जाए।
सभी विभागों में दिव्यांगों का परमानेंट पुराना मेडिकल प्रमाणपत्र को मान्य किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed