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कंडक्टर की 80 रुपये की चोरी पकड़ी, मामले में जीएम-टीएम भिड़े
ब्यूरो_अमर उजाला_हिसार
Updated Fri, 23 Sep 2016 12:49 AM IST
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haryana roadways
- फोटो : Demo Pic
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कंडक्टर की 80 रुपये की चोरी पकड़े जाने के मामले ने रोडवेज के अधिकारियों के बड़े ‘भ्रष्टाचार’ का खुलासा किया है। इस खुलासे के बाद रोडवेज के जीएम और टीएम आमने-सामने हो गए हैं। इतना ही नहीं दोनों एक दूसरे पर आरोप भी लगा रहे हैं। टीएम ने तो खुलकर आरोप लगाए हैं और यहां तक कहा है कि डीलिंग हेड के जरिए रुपये ऐंठे जाते हैं।
मामला दरअसल, पिछले सप्ताह शुक्रवार बास रूट की बस का है। हांसी में बास रूट पर जाने वाली रोडवेज की बस टीएम व उनकी टीम ने रुकवा ली। ड्यूटी दे रहे कंडक्टर से टीएम जितेंद्र यादव ने 80 रुपये की चोरी पकड़ ली। अब जीएम का आरोप है कि टीएम ने रेबिल (कंडक्टर द्वारा टिकटों का रिकॉर्ड चढ़ाने वाली लिस्ट) पर पहले तो रिपोर्ट कर दी मगर कुछ सांठगांठ करने के बाद रेबिल पर कटिंग कर दी गई।
नियम के अनुसार यह रिपोर्ट जीएम को की जानी चाहिए थी मगर टीएम ने यह रिपोर्ट जीएम को भी नहीं की। मामले की रिपोर्ट यानी रेबिल की कॉपी किसी ने जीएम के पास व्हाट्सएप पर कर दी, जिसके बाद मामला खुल गया। मामला खुलते ही जीएम ने टीएम को अपने कार्यालय बुला लिया। अब दोनों अधिकारी आमने सामने हैं और एक दूसरे पर खुले भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं।
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जीएम बोले - करेंगे कठोर कार्रवाई
जीएम खूबीराम ने वीरवार को टीएम रोडवेज को स्पष्टीकरण के लिए अपने कार्यालय में बुलाया। आरोप है कि टीएम ने उनके ऑर्डर मानने से भी इनकार कर दिए। जीएम ने पूछा कि आपका अधिकार ही नहीं बनता आपको रिपोर्ट सबमिट करनी चाहिए थी ताकि मैं एक्शन ले सकूं। इस पर टीम ने उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं दिया। जीएम खूबीराम कौशल ने कहा कि रेबिल में कटिंग थी। 80 रुपये कंडक्टर द्वारा किया गया घपला या चोरी मामले में मुझे रिपोर्ट करनी चाहिए थी। उनके पास कोई अधिकार ही नहीं है। इस मामले में मैं ही सक्षम अधिकारी हूं। जो वे आरोप लगा रहे हैं सरासर झूठ है। दोनों में मौके पर खूब खींचतान हुई। मामला पूरे कार्यालय के कर्मचारियों में चर्चा में रहा।
क्या कर लेते हैं जीएम - टीएम
टीएम जितेंद्र यादव ने खुले रूप में जीएम पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आखिर जीएम कर क्या लेते हैं। अगर इस तरह का कोई मामला पकड़ा भी जाए तो कर्मचारी की दो इंक्रीमेंट रोक लेते हैं। फिर क्या डीलिंग हेड के जरिए भ्रष्टाचार कर उसे बहाल कर देते हैं। उन्होंने साफ कहा कि अगर मुझ पर कोई आरोप लगाने वाले हैं तो शपथपत्र दें। मैंने कोई घपला किया है तो एफआईआर क्यों नहीं करवा देते।
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मामला दरअसल, पिछले सप्ताह शुक्रवार बास रूट की बस का है। हांसी में बास रूट पर जाने वाली रोडवेज की बस टीएम व उनकी टीम ने रुकवा ली। ड्यूटी दे रहे कंडक्टर से टीएम जितेंद्र यादव ने 80 रुपये की चोरी पकड़ ली। अब जीएम का आरोप है कि टीएम ने रेबिल (कंडक्टर द्वारा टिकटों का रिकॉर्ड चढ़ाने वाली लिस्ट) पर पहले तो रिपोर्ट कर दी मगर कुछ सांठगांठ करने के बाद रेबिल पर कटिंग कर दी गई।
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नियम के अनुसार यह रिपोर्ट जीएम को की जानी चाहिए थी मगर टीएम ने यह रिपोर्ट जीएम को भी नहीं की। मामले की रिपोर्ट यानी रेबिल की कॉपी किसी ने जीएम के पास व्हाट्सएप पर कर दी, जिसके बाद मामला खुल गया। मामला खुलते ही जीएम ने टीएम को अपने कार्यालय बुला लिया। अब दोनों अधिकारी आमने सामने हैं और एक दूसरे पर खुले भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं।
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जीएम बोले - करेंगे कठोर कार्रवाई
जीएम खूबीराम ने वीरवार को टीएम रोडवेज को स्पष्टीकरण के लिए अपने कार्यालय में बुलाया। आरोप है कि टीएम ने उनके ऑर्डर मानने से भी इनकार कर दिए। जीएम ने पूछा कि आपका अधिकार ही नहीं बनता आपको रिपोर्ट सबमिट करनी चाहिए थी ताकि मैं एक्शन ले सकूं। इस पर टीम ने उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं दिया। जीएम खूबीराम कौशल ने कहा कि रेबिल में कटिंग थी। 80 रुपये कंडक्टर द्वारा किया गया घपला या चोरी मामले में मुझे रिपोर्ट करनी चाहिए थी। उनके पास कोई अधिकार ही नहीं है। इस मामले में मैं ही सक्षम अधिकारी हूं। जो वे आरोप लगा रहे हैं सरासर झूठ है। दोनों में मौके पर खूब खींचतान हुई। मामला पूरे कार्यालय के कर्मचारियों में चर्चा में रहा।
क्या कर लेते हैं जीएम - टीएम
टीएम जितेंद्र यादव ने खुले रूप में जीएम पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आखिर जीएम कर क्या लेते हैं। अगर इस तरह का कोई मामला पकड़ा भी जाए तो कर्मचारी की दो इंक्रीमेंट रोक लेते हैं। फिर क्या डीलिंग हेड के जरिए भ्रष्टाचार कर उसे बहाल कर देते हैं। उन्होंने साफ कहा कि अगर मुझ पर कोई आरोप लगाने वाले हैं तो शपथपत्र दें। मैंने कोई घपला किया है तो एफआईआर क्यों नहीं करवा देते।