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Hisar News: पुलिस सुरक्षा में पकड़े जाएंगे बेसहारा पशु, नगर परिषद ने एसपी और एसडीएम से मांगा अमला
Mon, 03 Feb 2025 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 03 Feb 2025 12:17 AM IST
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जाट धर्मशाला के समीप बेसहारा गोवंश पकड़ते हुए नगर परिषद के कर्मचारी।
हांसी। शहर में बेसहारा पशुओं को पकड़ने का काम पुलिस सुरक्षा में किया जाएगा। बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर परिषद ने पुलिस सुरक्षा और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मांग की है। बीते सप्ताह अवैध पशु बाड़ा संचालकों ने ठेकेदार के कर्मचारियों को धमकाया था। इसके बाद यह निर्णय लिया गया।
नगर परिषद के अधिकारियों ने पुलिस सुरक्षा और ड्यूटी मजिस्ट्रेट के लिए एसपी और एसडीएम को पत्र लिखा है। सोमवार को पुलिस सुरक्षा मिलने के बाद ही बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा। नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार बीते तीन दिन में निरंकारी भवन व चौपटा के समीप पशु बाड़ा संचालकों ने टीम के साथ विवाद किया था।
एक जगह तो मामला मारपीट तक पहुंच गया था तभी नगर परिषद के कर्मचारियों ने स्थिति को संभाल लिया। बताया जा रहा है कि पशु पालकों ने ठेकेदार के कर्मचारियों को धमकी भी दी है। इसके बाद से बेसहारा पशुओं को पकड़ने के दौरान वीडियोग्राफी भी करवाई जा रही है। साथ ही पुलिस सुरक्षा की मांग भी की गई है।
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दस दिन में पकड़े 73 पशु
बता दें कि बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर परिषद ने 15 दिन पहले भिवानी की एक फर्म को टेंडर दिया था। बेसहारा पशुओं को पकड़ने का काम करीब दस दिन पहले शुरू किया गया है। अब तक 73 बेसहारा पशुओं को पकड़ा जा चुका है। फर्म को एक बेसहारा पशु पकड़ने और गोशाला तक छोड़ने के लिए 1800 रुपये दिए जाएंगे। बेसहारा पशुओं को तोशाम रोड स्थित गोशाला में छोड़ा जा रहा है। साथ ही पशुओं की टैगिंग भी करवाई जा रही है।
दूध निकालकर पशुओं को सड़कों पर छोड़ देते हैं डेयरी संचालक
शहर में कई अवैध पशु बाड़े और डेयरियां हैं। इनके संचालक पशुओं का दूध निकालकर इन्हें सड़कों पर छोड़ देते हैं। सबसे ज्यादा पशु बाड़े लाल सड़क के आसपास हैं। नगर परिषद ने आज तक इन पशु बाड़ा संचालकों को चेतावनी तक नहीं दी है। इसके अलावा शहर में कई जगहों पर पशुओं को चारा डालने की जगह हैं। इन जगहों के आसपास ही पशुओं के चारे की दुकानें हैं।
हिसार को देख ली सीख
हिसार में बीते सप्ताह पशु पालक नगर निगम की टीम पर हमला करके अपने पशुओं को छुड़वा ले गए थे। इससे पहले भी हिसार में निगम की टीम पर अवैध पशु बाड़ा चलाने वाले हमला कर चुके हैं। इसको देखते हुए भी नगर परिषद के अधिकारियों ने पहले ही पुलिस सुरक्षा मांग ली है।
कर्मचारियों के साथ कुछ पशुपालकों ने विवाद किया था। एक जगह पशु पालकों ने मारपीट करने की कोशिश भी की। अभियान के दौरान आगे कोई अनहोनी न हो इसके लिए एसपी व एसडीएम को पत्र लिख कर पुलिस सुरक्षा व ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मांग की है। - डॉ. सुरेश चौहान, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, हांसी।
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नगर परिषद के अधिकारियों ने पुलिस सुरक्षा और ड्यूटी मजिस्ट्रेट के लिए एसपी और एसडीएम को पत्र लिखा है। सोमवार को पुलिस सुरक्षा मिलने के बाद ही बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा। नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार बीते तीन दिन में निरंकारी भवन व चौपटा के समीप पशु बाड़ा संचालकों ने टीम के साथ विवाद किया था।
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एक जगह तो मामला मारपीट तक पहुंच गया था तभी नगर परिषद के कर्मचारियों ने स्थिति को संभाल लिया। बताया जा रहा है कि पशु पालकों ने ठेकेदार के कर्मचारियों को धमकी भी दी है। इसके बाद से बेसहारा पशुओं को पकड़ने के दौरान वीडियोग्राफी भी करवाई जा रही है। साथ ही पुलिस सुरक्षा की मांग भी की गई है।
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दस दिन में पकड़े 73 पशु
बता दें कि बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर परिषद ने 15 दिन पहले भिवानी की एक फर्म को टेंडर दिया था। बेसहारा पशुओं को पकड़ने का काम करीब दस दिन पहले शुरू किया गया है। अब तक 73 बेसहारा पशुओं को पकड़ा जा चुका है। फर्म को एक बेसहारा पशु पकड़ने और गोशाला तक छोड़ने के लिए 1800 रुपये दिए जाएंगे। बेसहारा पशुओं को तोशाम रोड स्थित गोशाला में छोड़ा जा रहा है। साथ ही पशुओं की टैगिंग भी करवाई जा रही है।
दूध निकालकर पशुओं को सड़कों पर छोड़ देते हैं डेयरी संचालक
शहर में कई अवैध पशु बाड़े और डेयरियां हैं। इनके संचालक पशुओं का दूध निकालकर इन्हें सड़कों पर छोड़ देते हैं। सबसे ज्यादा पशु बाड़े लाल सड़क के आसपास हैं। नगर परिषद ने आज तक इन पशु बाड़ा संचालकों को चेतावनी तक नहीं दी है। इसके अलावा शहर में कई जगहों पर पशुओं को चारा डालने की जगह हैं। इन जगहों के आसपास ही पशुओं के चारे की दुकानें हैं।
हिसार को देख ली सीख
हिसार में बीते सप्ताह पशु पालक नगर निगम की टीम पर हमला करके अपने पशुओं को छुड़वा ले गए थे। इससे पहले भी हिसार में निगम की टीम पर अवैध पशु बाड़ा चलाने वाले हमला कर चुके हैं। इसको देखते हुए भी नगर परिषद के अधिकारियों ने पहले ही पुलिस सुरक्षा मांग ली है।
कर्मचारियों के साथ कुछ पशुपालकों ने विवाद किया था। एक जगह पशु पालकों ने मारपीट करने की कोशिश भी की। अभियान के दौरान आगे कोई अनहोनी न हो इसके लिए एसपी व एसडीएम को पत्र लिख कर पुलिस सुरक्षा व ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मांग की है। - डॉ. सुरेश चौहान, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, हांसी।