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Hisar News: जूनोटिक रोगों की रोकथाम के उपाय बताए
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राष्ट्रीय स्तर की संवेदनशीलता कार्यशाला में शामिल लुवास के वैज्ञानिक।
हिसार। पशुपालन एवं डेयरी विभाग, भारत सरकार की ओर से शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित एपी शिंदे सिम्पोजियम हॉल में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य जूनोटिक रोगों की रोकथाम, नियंत्रण और आपातकालीन परिस्थितियों में विभिन्न विभागों के बीच समन्वित प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करना था।
राष्ट्रीय एक स्वास्थ्य मिशन के तहत आयोजित कार्यशाला में लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) विनोद वर्मा के मार्गदर्शन में डॉ. राजेश, डॉ. विजय जाधव, डॉ. स्वाति दहिया और डॉ. मनेश कुमार ने भाग लिया। विभिन्न राज्य पशुपालन विभागों, निदान प्रयोगशालाओं, विश्वविद्यालयों और रिमाउंट वेटरनरी कोर के पशु चिकित्सक भी शामिल हुए।
नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट के निदेशक ब्रिगेडियर एमएम रामचंद्र ने सत्रों का संचालन किया। लुवास के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नीलेश सिंधु ने बताया कि यह भागीदारी विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है और पशु, मानव व पर्यावरण स्वास्थ्य के बीच मजबूत एकीकरण के प्रयासों को प्रोत्साहित करती है।
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राष्ट्रीय एक स्वास्थ्य मिशन के तहत आयोजित कार्यशाला में लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) विनोद वर्मा के मार्गदर्शन में डॉ. राजेश, डॉ. विजय जाधव, डॉ. स्वाति दहिया और डॉ. मनेश कुमार ने भाग लिया। विभिन्न राज्य पशुपालन विभागों, निदान प्रयोगशालाओं, विश्वविद्यालयों और रिमाउंट वेटरनरी कोर के पशु चिकित्सक भी शामिल हुए।
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नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट के निदेशक ब्रिगेडियर एमएम रामचंद्र ने सत्रों का संचालन किया। लुवास के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नीलेश सिंधु ने बताया कि यह भागीदारी विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है और पशु, मानव व पर्यावरण स्वास्थ्य के बीच मजबूत एकीकरण के प्रयासों को प्रोत्साहित करती है।
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