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Hisar News: आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग के लिए एडीजीपी कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
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राजकुमार फौजी संघर्ष समिति एवं परिजन आईजी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करते हुए।
हिसार। राजकुमार फौजी संघर्ष समिति और जनसंगठनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार दोपहर को एडीजीपी कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल तैनात था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 23 अक्तूबर को सेवानिवृत्त राजकुमार फौजी ने सुसाइड कर लिया। पुलिस ने सेवानिवृत्त डीएसपी समेत अन्य पर केस दर्ज किया था, लेकिन अभी तक इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो 20 नवंबर को डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद पांच दिसंबर को केबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा के आवास के बाहर विरोध जताया जाएगा।
पुलिस नहीं कर रही आरोपियों को गिरफ्तार
राजकुमार फौजी संघर्ष समिति के सदस्य कामरेड सुरेश कुमार, बलबीर सिंह और सरदानंद राजली ने बताया कि सुबह मृतक के परिजन और जनसंगठनों के सदस्य क्रांतिमान पार्क में एकत्रित हुए। उसके बाद प्रदर्शन करते हुए एडीजीपी कार्यालय के बाहर पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्त राजकुमार फौजी ने सेवानिवृत्त डीएसपी अशोक कुमार और अन्य से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या करने के पहले राजकुमार ने सुसाइड नोट में 10 लोगों का नाम लिखा था। पुलिस ने केस भी दर्ज किया था, लेकिन उसके बाद अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। प्रदर्शन के बाद एडीजीपी डॉ. एम रवि किरण ने संघर्ष समिति के 23 सदस्यों के प्रतिनिधि मंडल को बातचीत के बुलाया। एडीजीपी ने आश्वासन दिया कि जल्द की आरोपियों की गिरफ्तारी हो जाएगी। इसके अलावा सीबीआई जांच के लिए विभाग को पत्र भेजा जाएगा। इस अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ नेता व बीकेयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष जोगिंद्र सिंह नैन, अनू बूरा, बिमला तरड़, करतार सिंह सिवाच, संदीप सिवाच, कुलदीप खरड़, सोमबीर, हर्षदीप सिंह गिल, कुलदीप, राजू भगत आदि मौजूद थे।
मुख्य मांग:-
सेवानिवृत्त डीएसपी अशोक कुमार सहित सभी पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया जाए सभी आरोपियों पर हत्या की धारा लगाई जाए।
मृतक राजकुमार के बेटे को डीसी ऑफिस में सरकारी नौकरी दी जाए।
लालचंद बिश्नोई, महेंद्र पंडित और जसवीर के खिलाफ एसी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हो।
मृतक राजकुमार फौजी के परिजनों को आर्थिक सहायता दी जाए।
मृतक राजकुमार फौजी के केस की सीबीआई जांच हो।
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पुलिस नहीं कर रही आरोपियों को गिरफ्तार
राजकुमार फौजी संघर्ष समिति के सदस्य कामरेड सुरेश कुमार, बलबीर सिंह और सरदानंद राजली ने बताया कि सुबह मृतक के परिजन और जनसंगठनों के सदस्य क्रांतिमान पार्क में एकत्रित हुए। उसके बाद प्रदर्शन करते हुए एडीजीपी कार्यालय के बाहर पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्त राजकुमार फौजी ने सेवानिवृत्त डीएसपी अशोक कुमार और अन्य से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या करने के पहले राजकुमार ने सुसाइड नोट में 10 लोगों का नाम लिखा था। पुलिस ने केस भी दर्ज किया था, लेकिन उसके बाद अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। प्रदर्शन के बाद एडीजीपी डॉ. एम रवि किरण ने संघर्ष समिति के 23 सदस्यों के प्रतिनिधि मंडल को बातचीत के बुलाया। एडीजीपी ने आश्वासन दिया कि जल्द की आरोपियों की गिरफ्तारी हो जाएगी। इसके अलावा सीबीआई जांच के लिए विभाग को पत्र भेजा जाएगा। इस अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ नेता व बीकेयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष जोगिंद्र सिंह नैन, अनू बूरा, बिमला तरड़, करतार सिंह सिवाच, संदीप सिवाच, कुलदीप खरड़, सोमबीर, हर्षदीप सिंह गिल, कुलदीप, राजू भगत आदि मौजूद थे।
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मुख्य मांग:-
सेवानिवृत्त डीएसपी अशोक कुमार सहित सभी पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया जाए सभी आरोपियों पर हत्या की धारा लगाई जाए।
मृतक राजकुमार के बेटे को डीसी ऑफिस में सरकारी नौकरी दी जाए।
लालचंद बिश्नोई, महेंद्र पंडित और जसवीर के खिलाफ एसी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हो।
मृतक राजकुमार फौजी के परिजनों को आर्थिक सहायता दी जाए।
मृतक राजकुमार फौजी के केस की सीबीआई जांच हो।