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Hisar News: पांच गांवों को मालिकाना हक सस्ते दामों पर दिलाने के लिए उपयुक्त कार्यालय पर दिया जाएगा धरना
Sun, 03 Mar 2024 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 03 Mar 2024 12:55 AM IST
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अग्रोहा। खंड के गांव चिकनवास में राजीवनगर सी ब्लॉक के पांच गांवों के लोगों की बैठक पूर्व सरपंच फूलचंद की अध्यक्षता में हुई। इसमें फैसला लिया गया कि पांच गांवों को मालिकाना हक सस्ते दामों पर दिलाने के लिए उपयुक्त कार्यालय पर धरना दिया जाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए सीटू के जिला प्रधान कामरेड सुरेश कुमार ने बताया कि इन पांच गांवों में बीड़ बबरान, राजीवनगर सी ब्लॉक चिकनवास, ढंढूर-बीड, पीरांवाली, चंदननगर शामिल हैं, जो 1954 से लेकर 1980 तक सभी गांव का रूप ले चुके थे। पहले एक पंचायत होती थी, आज चुनी हुई पांच पंचायतें काम कर रही हैं। मगर 10 साल पहले सरकार के इशारे पर हिसार जिला प्रशासन ने इन गांवों को उजाड़ने के नोटिस जारी किए थे। इसके खिलाफ पांचों गांवों ने आंदोलन किया। हरियाणा सरकार से दो बार वार्ता भी हुई। जिसमें हमारी कमेटी ने माना था कि हम कुछ रुपये इस जमीन के दे सकते हैं। 1972 के कलेक्टर रेट को भरवाने के लिए हमने सरकार को लिखा था। क्योंकि 1954 में गांव बसने शुरू हो गए और 1980 तक सभी गांव आबाद हो चुके थे। सरकार के आश्वासन पर आंदोलन वापस लिया था।
अब विधानसभा सत्र में खुद मुख्यमंत्री ने इन पांचों गांवों को मालिकाना हक देने की घोषणा की। जिसका हम स्वागत करते हैं, लेकिन इसमें जो रेट तय किए हैं 250 गज तक 2,000 रुपये प्रति गज और उससे ज्यादा जमीन पर 3,000 से लेकर 4,000 रुपये प्रति गज तक तय किए हैं जो 96 लाख रुपये एक एकड़ के हिसाब से बनता है। जोकि बहुत ज्यादा है।
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इन पांचों गांवों में 70 प्रतिशत से ज्यादा लोगों ने जमीन प्लाॅट के रूप में किसी दूसरे कब्जाधारी से खरीदी हुई है। कब्जाधारी उस जगह को बेचकर चले गए और यहां पर बसने वाले जो लोग हैं वो 90 प्रतिशत मजदूर वर्ग से हैं। छह मार्च को हिसार डीसी कार्यालय पर धरना लगाया जाएगा। बैठक में पूर्व सरपंच गुरदयाल सिंह पीरावाली, पूर्व सरपंच फूलचंद ढंढूर बीड, राजकुमार व टेकचंद बीड़ बबरान, राजीव नगर सी ब्लॉक चिकनवास से सरपंच प्रतिनिधि सुमित, पूर्व ब्लाॅक समिति सदस्य राजेश, हनुमान बिश्नोई, बलबीर सिंह सरदार आदि मौजूद रहे।
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बैठक को संबोधित करते हुए सीटू के जिला प्रधान कामरेड सुरेश कुमार ने बताया कि इन पांच गांवों में बीड़ बबरान, राजीवनगर सी ब्लॉक चिकनवास, ढंढूर-बीड, पीरांवाली, चंदननगर शामिल हैं, जो 1954 से लेकर 1980 तक सभी गांव का रूप ले चुके थे। पहले एक पंचायत होती थी, आज चुनी हुई पांच पंचायतें काम कर रही हैं। मगर 10 साल पहले सरकार के इशारे पर हिसार जिला प्रशासन ने इन गांवों को उजाड़ने के नोटिस जारी किए थे। इसके खिलाफ पांचों गांवों ने आंदोलन किया। हरियाणा सरकार से दो बार वार्ता भी हुई। जिसमें हमारी कमेटी ने माना था कि हम कुछ रुपये इस जमीन के दे सकते हैं। 1972 के कलेक्टर रेट को भरवाने के लिए हमने सरकार को लिखा था। क्योंकि 1954 में गांव बसने शुरू हो गए और 1980 तक सभी गांव आबाद हो चुके थे। सरकार के आश्वासन पर आंदोलन वापस लिया था।
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अब विधानसभा सत्र में खुद मुख्यमंत्री ने इन पांचों गांवों को मालिकाना हक देने की घोषणा की। जिसका हम स्वागत करते हैं, लेकिन इसमें जो रेट तय किए हैं 250 गज तक 2,000 रुपये प्रति गज और उससे ज्यादा जमीन पर 3,000 से लेकर 4,000 रुपये प्रति गज तक तय किए हैं जो 96 लाख रुपये एक एकड़ के हिसाब से बनता है। जोकि बहुत ज्यादा है।
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इन पांचों गांवों में 70 प्रतिशत से ज्यादा लोगों ने जमीन प्लाॅट के रूप में किसी दूसरे कब्जाधारी से खरीदी हुई है। कब्जाधारी उस जगह को बेचकर चले गए और यहां पर बसने वाले जो लोग हैं वो 90 प्रतिशत मजदूर वर्ग से हैं। छह मार्च को हिसार डीसी कार्यालय पर धरना लगाया जाएगा। बैठक में पूर्व सरपंच गुरदयाल सिंह पीरावाली, पूर्व सरपंच फूलचंद ढंढूर बीड, राजकुमार व टेकचंद बीड़ बबरान, राजीव नगर सी ब्लॉक चिकनवास से सरपंच प्रतिनिधि सुमित, पूर्व ब्लाॅक समिति सदस्य राजेश, हनुमान बिश्नोई, बलबीर सिंह सरदार आदि मौजूद रहे।