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तीन दिन में एंबुलेंस में दूसरी डिलिवरी, महिला ने दिया जुड़वा बच्चों को जन्म
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जिले में तीन दिन में दूसरी बार एंबुलेंस में डिलिवरी हुई और इस दौरान महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है। डिलिवरी ईएमटी ने करवाई। दोनों बच्चे में से एक का वजन कम मिला, जिसे चिकित्सक ने जींद के नागरिक अस्पताल में रेफर कर दिया गया। इससे पहले शुक्रवार को एक महिला की एंबुलेंस में ही डिलिवरी हुई थी।
नारनौंद के गांव नाढ़ा की मोनी को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो उसके बाद परिजनों ने एंबुलेंस कंट्रोल रूम के पास 11:36 बजे फोन किया। उसके बाद 12:50 बजे एंबुलेंस उनके पास नाढ़ा पहुंची और वहां से एंबुलेंस में ले जाते समय बुड़ाना गांव के पास दोपहर 12:38 बजे महिला की पहली डिलिवरी हुई और उसके बाद महिला की दूसरी डिलिवरी 12:50 बजे हुई।
27 नवंबर दी थी तारीख
ईएमटी सुरेश कुमार ने बताया कि महिला मोनी ने एक बेटा व एक बेटी को जन्म दिया है। उसकी बेटी का वजन 2 किलो 800 ग्राम है और बेटे का वजन 1 किलो 700 ग्राम है। अब महिला व उसके दोनों बच्चे सुरक्षित हैं। अभी एक बच्चे का वजन आम बच्चों के बजाय कम है। सुरेश ने बताया कि महिला को डिलिवरी की तारीख 27 नवंबर दी गई थी, लेकिन प्रसव पीड़ा के चलते महिला की डिलिवरी समय से तीन दिन पहले हो गई। एंबुलेंस चालक सुुरेंद्र कुमार व ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन ) सुरेश कुमार की मौजूदगी में महिला मोनी की सफल डिलिवरी करवाई गई है।
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ऋषि नगर की महिला ने भी दिया था एंबुलेंस में बच्चे को जन्म
इससे पहले शुक्रवार को भी हिसार के ऋषि नगर के जलघर के पास एंबुलेंस में ले जाते समय महिला की डिलिवरी हो चुकी है। उस दौरान ऋषि नगर निवासी महिला खुशबू ने बेटे को जन्म दिया था। उसके बाद उसे नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया। फिलहाल मां व बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।
वर्जन
एंबुलेंस में ईएमटी को ऐसी अवस्था में इस्तेमाल करने के लिए उनके पास ग्लव्ज, ब्लेड, कैंची, आक्सीजन आदि की सभी सुविधाएं होती हैं, ताकि महिला को कोई इन्फेक्शन न हों। समय से एक से दो सप्ताह पहले तक हो महिला की डिलिवरी हो सकती है।
- डॉ. विवेक, पीएचसी, नारनौंद
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नारनौंद के गांव नाढ़ा की मोनी को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो उसके बाद परिजनों ने एंबुलेंस कंट्रोल रूम के पास 11:36 बजे फोन किया। उसके बाद 12:50 बजे एंबुलेंस उनके पास नाढ़ा पहुंची और वहां से एंबुलेंस में ले जाते समय बुड़ाना गांव के पास दोपहर 12:38 बजे महिला की पहली डिलिवरी हुई और उसके बाद महिला की दूसरी डिलिवरी 12:50 बजे हुई।
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27 नवंबर दी थी तारीख
ईएमटी सुरेश कुमार ने बताया कि महिला मोनी ने एक बेटा व एक बेटी को जन्म दिया है। उसकी बेटी का वजन 2 किलो 800 ग्राम है और बेटे का वजन 1 किलो 700 ग्राम है। अब महिला व उसके दोनों बच्चे सुरक्षित हैं। अभी एक बच्चे का वजन आम बच्चों के बजाय कम है। सुरेश ने बताया कि महिला को डिलिवरी की तारीख 27 नवंबर दी गई थी, लेकिन प्रसव पीड़ा के चलते महिला की डिलिवरी समय से तीन दिन पहले हो गई। एंबुलेंस चालक सुुरेंद्र कुमार व ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन ) सुरेश कुमार की मौजूदगी में महिला मोनी की सफल डिलिवरी करवाई गई है।
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ऋषि नगर की महिला ने भी दिया था एंबुलेंस में बच्चे को जन्म
इससे पहले शुक्रवार को भी हिसार के ऋषि नगर के जलघर के पास एंबुलेंस में ले जाते समय महिला की डिलिवरी हो चुकी है। उस दौरान ऋषि नगर निवासी महिला खुशबू ने बेटे को जन्म दिया था। उसके बाद उसे नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया। फिलहाल मां व बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।
वर्जन
एंबुलेंस में ईएमटी को ऐसी अवस्था में इस्तेमाल करने के लिए उनके पास ग्लव्ज, ब्लेड, कैंची, आक्सीजन आदि की सभी सुविधाएं होती हैं, ताकि महिला को कोई इन्फेक्शन न हों। समय से एक से दो सप्ताह पहले तक हो महिला की डिलिवरी हो सकती है।
- डॉ. विवेक, पीएचसी, नारनौंद