{"_id":"677ec36b439b98674c066b5c","slug":"delay-in-tender-is-worsening-the-cleanliness-system-of-the-city-hisar-news-c-21-hsr1005-541129-2025-01-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: टेंडर में देरी से बिगड़ रही शहर की सफाई व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: टेंडर में देरी से बिगड़ रही शहर की सफाई व्यवस्था
विज्ञापन
हांसी। टेंडर में लगातार देरी के चलते शहर की सफाई व्यवस्था भी चरमरा रही है। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। बीते दो महीनों में नगर परिषद ने तीन बार टेंडर लगा चुकी है, लेकिन टेंडर सिरे नहीं चढ़ सका। बीते दिनों नगर परिषद ने सफाई को लेकर फिर से टेंडर लगाया है। इस टेंडर के लिए चार फर्मों ने आवेदन किया है।
हाईकोर्ट में विचाराधीन एक मामले को देखते हुए सरकार ने सफाई टेंडर पर रोक लगा रखी थी। रोक के चलते एक महीने तक टेंडर नहीं लगाया गया था। बीते दिनों नगर परिषद ने टेंडर फिर से लगाया था, जिसके लिए चार फर्मों ने आवेदन किया है। अभी इन फर्मों के दस्तावेज नहीं जांचे गए हैं। अगर सब कुछ ठीक रहा तो इस बार टेंडर अलॉट किया जा सकता है। बता दें कि शहर के मुख्य मार्गों से सफाई, कचरा उठान का कार्य वर्ष 2023 में दो एजेंसियों को दिया गया था जो बीते वर्ष अगस्त में खत्म हो गया था। तब विधानसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लगी हुई थी। ऐसे में नगर परिषद ने एजेंसियों का कार्यकाल बढ़ा दिया था। चुनाव के बाद तीन बार टेंडर लगाया था। तीनों बार टेंडर रद्द करना पड़ा था। टेंडर न होने से नगर परिषद अपने कर्मचारियों के सहारे काम चला रही है।
यह है नगर परिषद के पास इंतजाम
नगर परिषद के रिकॉर्ड के अनुसार शहर में जनसंख्या 1 लाख से ज्यादा है। शहर रोजाना 40 टन कचरा निकलता है। नियम के अनुसार प्रति 400 व्यक्ति पर एक सफाई कर्मचारी चाहिए। ऐसे में एक लाख जनसंख्या पर कम से कम 400 कर्मचारी चाहिए हैं। जबकि नगर परिषद के पास कच्चे व पक्के मिलाकर 140 सफाई कर्मी हैं। इसमें 114 कच्चे व 26 पक्के कर्मचारी हैं। टेंडर अलॉट न होने के कारण इन 140 कर्मचारियों के भरोसे ही शहर की सफाई व्यवस्था है। इसमें से 18 कर्मचारी टिप्पर चलाते हैं। अधिकारी इन कर्मचारियों को जरूरत के अनुसार क्षेत्रों में भेज कर काम चला रहे हैं। सफाई के लिए नगर परिषद के पास एक ट्रैक्टर-ट्रॉली है। नगर परिषद किराये पर जेसीबी व ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर शहर की सफाई करवा रहा है।
विज्ञापन
2.45 करोड़ रुपये का है टेंडर
शहर में सफाई व्यवस्था के लिए नगर परिषद ने एक जोन का टेंडर लगाया हुआ है। एक जोन में दस वार्ड शामिल किए गए हैं। इसमें मुख्य रूप से वार्ड 1, 2, 20 से 25, 26 वार्ड का आधा हिस्सा व वार्ड 27 शामिल है। टेंडर करीब 2.45 करोड़ रुपये प्रति वर्ष का है। यह टेंडर एक वर्ष के लिए है।
शहर में सफाई के लिए टेंडर लगा दिया है। टेंडर के बाद सफाई व्यवस्था में कोई परेशानी नहीं आएगी। अभी नगर परिषद के कर्मचारियों के माध्यम से सफाई करवाई जा रही है। - संजय कुमार, सफाई निरीक्षक, नगर परिषद
विज्ञापन
हाईकोर्ट में विचाराधीन एक मामले को देखते हुए सरकार ने सफाई टेंडर पर रोक लगा रखी थी। रोक के चलते एक महीने तक टेंडर नहीं लगाया गया था। बीते दिनों नगर परिषद ने टेंडर फिर से लगाया था, जिसके लिए चार फर्मों ने आवेदन किया है। अभी इन फर्मों के दस्तावेज नहीं जांचे गए हैं। अगर सब कुछ ठीक रहा तो इस बार टेंडर अलॉट किया जा सकता है। बता दें कि शहर के मुख्य मार्गों से सफाई, कचरा उठान का कार्य वर्ष 2023 में दो एजेंसियों को दिया गया था जो बीते वर्ष अगस्त में खत्म हो गया था। तब विधानसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लगी हुई थी। ऐसे में नगर परिषद ने एजेंसियों का कार्यकाल बढ़ा दिया था। चुनाव के बाद तीन बार टेंडर लगाया था। तीनों बार टेंडर रद्द करना पड़ा था। टेंडर न होने से नगर परिषद अपने कर्मचारियों के सहारे काम चला रही है।
विज्ञापन
यह है नगर परिषद के पास इंतजाम
नगर परिषद के रिकॉर्ड के अनुसार शहर में जनसंख्या 1 लाख से ज्यादा है। शहर रोजाना 40 टन कचरा निकलता है। नियम के अनुसार प्रति 400 व्यक्ति पर एक सफाई कर्मचारी चाहिए। ऐसे में एक लाख जनसंख्या पर कम से कम 400 कर्मचारी चाहिए हैं। जबकि नगर परिषद के पास कच्चे व पक्के मिलाकर 140 सफाई कर्मी हैं। इसमें 114 कच्चे व 26 पक्के कर्मचारी हैं। टेंडर अलॉट न होने के कारण इन 140 कर्मचारियों के भरोसे ही शहर की सफाई व्यवस्था है। इसमें से 18 कर्मचारी टिप्पर चलाते हैं। अधिकारी इन कर्मचारियों को जरूरत के अनुसार क्षेत्रों में भेज कर काम चला रहे हैं। सफाई के लिए नगर परिषद के पास एक ट्रैक्टर-ट्रॉली है। नगर परिषद किराये पर जेसीबी व ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर शहर की सफाई करवा रहा है।
विज्ञापन
2.45 करोड़ रुपये का है टेंडर
शहर में सफाई व्यवस्था के लिए नगर परिषद ने एक जोन का टेंडर लगाया हुआ है। एक जोन में दस वार्ड शामिल किए गए हैं। इसमें मुख्य रूप से वार्ड 1, 2, 20 से 25, 26 वार्ड का आधा हिस्सा व वार्ड 27 शामिल है। टेंडर करीब 2.45 करोड़ रुपये प्रति वर्ष का है। यह टेंडर एक वर्ष के लिए है।
शहर में सफाई के लिए टेंडर लगा दिया है। टेंडर के बाद सफाई व्यवस्था में कोई परेशानी नहीं आएगी। अभी नगर परिषद के कर्मचारियों के माध्यम से सफाई करवाई जा रही है। - संजय कुमार, सफाई निरीक्षक, नगर परिषद