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डीसी ने पूछा - 24 को क्या करोगे, किसान बोले - भारी संख्या में एकत्रित होकर घेराव करेंगे
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हिसार। किसानों की ओर से 24 मई को मंडल आयुक्त कार्यालय का घेराव करने का एलान किया गया है। डीसी ने इस बारे में बातचीत के लिए किसान नेताओं को फोन कर लघु सचिवालय के कॉन्फ्रेस हॉल में बुलाया। किसानों ने मीटिंग हॉल में जाने से इनकार कर दिया। किसानों ने कहा लघु सचिवालय के बाहर चल रहे किसानों के धरने पर डीसी आ जाएं, हम वहीं पर बात कर लेंगे। जिसके बाद डीसी, एसपी सहित सभी अधिकारी वार्ता के लिए धरना स्थल पहुंचे।
डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने पूछा कि 24 मई को क्या करोगे। किसानों ने कहा कि हम भारी संख्या में हिसार पहुंचेंगे। माता बहनों, बुजुर्गों पर लाठीचार्ज का विरोध जताएंगे। पुरुष पुलिस ने महिला कर्मियों को पीटा। इसके बाद हमारे किसान भाइयों पर ही केस दर्ज कर दिए। किसानों ने कहा कि केस तो सीएम पर दर्ज होना चाहिए, जिन्होंने लॉकडाउन तोड़ा। गांवों ने इस लाठीचार्ज के विरोध में असहयोग आंदोलन शुरू कर दिया है। इसे प्रदेश स्तर पर पहुंचाएंगे। किसानों ने कहा कि क्रांतिमान पार्क में एकत्र होंगे। इसके बाद घेराव करने जाएंगे। अगर किसानों को रोकने का प्रयास किया तो प्रशासन जिम्मेदार रहेगा।
लाठीचार्ज और एफआईआर से आक्रोश
16 मई को हिसार में किसानों पर हुए लाठीचार्ज और 350 किसानों पर दर्ज एफआईआर के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा ने 24 को मंडल आयुक्त कार्यालय का घेेराव का एलान किया हुआ है। जिसके लिए गांवों में जनसंपर्क किया जा रहा है। शुक्रवार को जिला प्रशासन की ओर से सभी किसानों को फोन डीसी ऑफिस में बातचीत के लिए बुलाया गया था। किसानों ने डीसी ऑफिस में आने से इनकार कर दिया। किसान लघु सचिवालय के बाहर चल रहे धरने पर ही बैठ गए। किसानों ने कहा कि अगर बातचीत करनी हो तो अधिकारी यहां पर ही आ जाएं। जिसके बाद डीसी डॉ. प्रियंका सोनी, डीआईजी सह एसपी बलवान सिंह राणा, हांसी की एसपी नितिका गहलोत, एडीसी अनीश यादव, एसडीएम जगदीप, किसानों से मिलने पहुंचे। किसानों की ओर से भाकियू महासचिव दिलबाग हुड्डा, शमशेर नंबरदार, सतबीर पूनिया, विकास सीसर, कुलदीप खरड़, लांधडी टोल से संदीप, कामरेड सुरेश, हवा सिंह झाझड़िया, विजेंद्र भांभू, सोमबीर, रामबीर न्योली कला सहित अन्य किसान शामिल थे।
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डीसी ने कहा - कमेटी बना दें
डीसी डॉ. प्रियंका ने कहा कि 11 सदस्यीय कमेटी बना दें। जिससे प्रशासन संपर्क कर सके। किसानों ने कहा कि इस बारे में हमारी केंद्रीय कमेटी ही फैसला लेगा। हमारी केंद्रीय कमेटी के साथ हुई वार्ता में किसानों के साथ धोखा किया। अब भी हमें प्रशासन से हमें कोई उम्मीद नहीं है।
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डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने पूछा कि 24 मई को क्या करोगे। किसानों ने कहा कि हम भारी संख्या में हिसार पहुंचेंगे। माता बहनों, बुजुर्गों पर लाठीचार्ज का विरोध जताएंगे। पुरुष पुलिस ने महिला कर्मियों को पीटा। इसके बाद हमारे किसान भाइयों पर ही केस दर्ज कर दिए। किसानों ने कहा कि केस तो सीएम पर दर्ज होना चाहिए, जिन्होंने लॉकडाउन तोड़ा। गांवों ने इस लाठीचार्ज के विरोध में असहयोग आंदोलन शुरू कर दिया है। इसे प्रदेश स्तर पर पहुंचाएंगे। किसानों ने कहा कि क्रांतिमान पार्क में एकत्र होंगे। इसके बाद घेराव करने जाएंगे। अगर किसानों को रोकने का प्रयास किया तो प्रशासन जिम्मेदार रहेगा।
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लाठीचार्ज और एफआईआर से आक्रोश
16 मई को हिसार में किसानों पर हुए लाठीचार्ज और 350 किसानों पर दर्ज एफआईआर के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा ने 24 को मंडल आयुक्त कार्यालय का घेेराव का एलान किया हुआ है। जिसके लिए गांवों में जनसंपर्क किया जा रहा है। शुक्रवार को जिला प्रशासन की ओर से सभी किसानों को फोन डीसी ऑफिस में बातचीत के लिए बुलाया गया था। किसानों ने डीसी ऑफिस में आने से इनकार कर दिया। किसान लघु सचिवालय के बाहर चल रहे धरने पर ही बैठ गए। किसानों ने कहा कि अगर बातचीत करनी हो तो अधिकारी यहां पर ही आ जाएं। जिसके बाद डीसी डॉ. प्रियंका सोनी, डीआईजी सह एसपी बलवान सिंह राणा, हांसी की एसपी नितिका गहलोत, एडीसी अनीश यादव, एसडीएम जगदीप, किसानों से मिलने पहुंचे। किसानों की ओर से भाकियू महासचिव दिलबाग हुड्डा, शमशेर नंबरदार, सतबीर पूनिया, विकास सीसर, कुलदीप खरड़, लांधडी टोल से संदीप, कामरेड सुरेश, हवा सिंह झाझड़िया, विजेंद्र भांभू, सोमबीर, रामबीर न्योली कला सहित अन्य किसान शामिल थे।
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डीसी ने कहा - कमेटी बना दें
डीसी डॉ. प्रियंका ने कहा कि 11 सदस्यीय कमेटी बना दें। जिससे प्रशासन संपर्क कर सके। किसानों ने कहा कि इस बारे में हमारी केंद्रीय कमेटी ही फैसला लेगा। हमारी केंद्रीय कमेटी के साथ हुई वार्ता में किसानों के साथ धोखा किया। अब भी हमें प्रशासन से हमें कोई उम्मीद नहीं है।