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हरियाणा में DAP का संकट: हर जिले में मांग 2 गुना, आपूर्ति हो रही आधी; केंद्र से मिलेगी 1.10 लाख मीट्रिक टन खाद

Tue, 05 Nov 2024 08:09 AM IST
नवीन दलाल अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़/रोहतक/करनाल/हिसार
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़/रोहतक/करनाल/हिसार Published by: नवीन दलाल Updated Tue, 05 Nov 2024 08:09 AM IST
सार

केंद्र से हरियाणा को नवंबर के लिए 1.10 लाख एमटी डीएपी खाद आवंटित हुई है। पहले सप्ताह में 41600 एमटी, दूसरे सप्ताह में 40 हजार एमटी और तीसरे सप्ताह में 24 हजार एमटी है।

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DAP crisis in Haryana, Demand is 2 times in every district, supply is half
डीएपी खाद के लगी लाइन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गेहूं बिजाई सीजन के दौरान डीएपी खाद की कमी अब बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। प्रदेशभर में डीएपी की मांग अधिक है और इसके मुकाबले इसकी आपूर्ति आधी से भी कम है। आलम ये है कि प्रदेश का एक भी जिला ऐसा नहीं है, जहां पर मांग के अनुरूप खाद की आपूर्ति की जा सकी हो। अभी तक सभी 22 जिलों में मांग से आधे से भी कम डीएपी खाद ही मिल पाई है। अगर केंद्र सरकार की ओर से हरियाणा को और अधिक डीएपी खाद आपूर्ति नहीं की गई तो यह संकट और गहरा सकता है।

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प्रदेश में अभी तक 1.14 लाख डीएपी खाद वितरित की जा चुकी है, जबकि 24 हजार मीट्रिक टन का स्टाॅक शेष है। मांग के अनुसार, यह स्टाॅक काफी कम है। क्योंकि सामान्य तौर पर 15 नवंबर तक गेहूं की बिजाई की जाती है। ऐसे में गेहूं बिजाई का सीजन अभी जोर पकड़ेगा। औसतन प्रदेश में डीएपी की खपत ढाई लाख मीट्रिक टन से भी अधिक होती है, लेकिन अभी तक आपूर्ति कम होने के चलते खपत कम हो पाई है।
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पिछले साल 2023 में रबी के सीजन की बात करें तो इस समय तक 119470 मीट्रिक टन तक डीएपी की खपत हुई थी, जबकि रबी सीजन के दौरान ही 2023 में नवंबर में कुल 72697 एमटी की खपत हुई थी। इस बार हरियाणा में रबी सीजन में लगभग 25 लाख हेक्टेयर भूमि पर गेहूं और 7 लाख हेक्टेयर भूमि पर सरसों की बिजाई की जानी है।
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इसलिए हो रही देरी
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डीएपी की आपूर्ति ज्यादातर जॉर्डन, रूस व इजराइल से होती है। वहां से समुद्री जहाज के जरिये डीएपी खाद लाई जाती है, मगर अभी यह रूट बंद होने के कारण जहाज को साढ़े छह हजार किलोमीटर अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। इस कारण से सभी जहाज 15 दिन की देरी से पहुंच रहे हैं। इसी फेर में केंद्र के बाद हरियाणा में डीएपी आने में समय लग रहा है। खास बात ये है कि हरियाणा के किसी भी जिले में डीएपी की कालाबाजारी की शिकायत नहीं मिली है।


जिला मांग आपूर्ति (हजार एमटी)
फतेहाबाद 25000 14988
हिसार 25,000 13,000
सिरसा 40,000 23000
भिवानी 75000 50000
चरखी दादरी 24000 3000
पानीपत 11500 4854
यमुनानगर 14000 5582
अंबाला 14000 8677
कुरुक्षेत्र 19500 11000
करनाल 33400 12000
सोनीपत 14000 9400
रोहतक 12000 6300
रेवाड़ी 10000 6000
जींद 26000 11,300
नारनौल 17020 4657

अधिकारी के अनुसार
केंद्र से हरियाणा को नवंबर के लिए 1.10 लाख एमटी डीएपी खाद आवंटित हुई है। पहले सप्ताह में 41600 एमटी, दूसरे सप्ताह में 40 हजार एमटी और तीसरे सप्ताह में 24 हजार एमटी है। प्रदेश में डीएपी की कोई कमी नहीं है और न ही किसी किसान को परेशान होने दिया जाएगा। किसान सब्र रखें, सभी को खाद मिलेगी। -नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणा।

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