मोक्ष प्राप्ति के लिए परिवार किया खत्म: वन्य जीवों से प्यार, बच्चों पर वार... पर्यावरण प्रेमी ने उजाड़ी खुद की ‘बगिया’
पर्यावरण प्रेमी ने गौरेया को बचाने के लिए घर में 50 से अधिक घोंसले बना रखे थे। वह वन्य जीवों से प्रेम के लिए जाने जाते थे।
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गौरैया दिवस पर अमर उजाला ने उन पर एक लेख प्रकाशित किया था। इसमें रमेश वर्मा ने बताया कि दसवीं कक्षा में पढ़ता था तो उन्होंने एक दिन अखबार में पढ़ा था कि जहरीली खेती और पक्के मकान होने के कारण वर्ष 2020 में गौरेया लुप्त हो जाएगी। उसके बाद से रमेश ने इनको संरक्षण करने की ठान ली। उसके बाद धीरे-धीरे पक्षियों से प्यार बढ़ता गया तो घर में 50 से ज्यादा घोंसले बना दिए थे।
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इस काम में न केवल रमेश, बल्कि उनका पूरा परिवार सहयोग करता था। गांव में जहां-जहां मकान बनते थे, वहां जाकर लोगों को घोंसले के लिए जगह छोड़ने की अपील करता था। पर्यावरण के लिए रमेश वर्मा कुछ संस्थाओं से सम्मानित भी हो चुके हैं। रमेश वर्मा के पास चेन्नई, हैदराबाद, जम्मू सहित अन्य जगहों से भी फोन आते थे। लोग पूछते थे कि किस तरह पक्षियों का संरक्षण कर सकते हैं।
प्रवेश द्वार पर विघ्नहर्ता फिर भी हर लिया परिवार
पर्यावरण प्रेमी रमेश धार्मिक प्रवृति का व्यक्ति था। उसके घर काफी संख्या में भगवान की तस्वीरें लगी मिली हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वह भगवान और धर्म में काफी विश्वास करता था। उसने घर के प्रवेश द्वार पर भगवान गणेश (विघ्नहर्ता) की बड़ी प्रतिमा लगा रखी थी। अंदर बजरंग बली हनुमान, श्रीराम, भगवान शिव के चित्र मिले हैं। घर के प्रवेश द्वार पर विघ्नहर्ता की प्रतिमा फिर भी रमेश ने खुद के परिवार को हर लिया।