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ऋषि नगर में कांट्रेक्टर से लूटपाट कर सिर में ईंट मारकर हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Tue, 20 Dec 2016 12:36 AM IST
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हत्या
- फोटो : bureau
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बस स्टैंड के पास ऋषिनगर में रविवार रात बदमाशों ने एक बिल्डिंग कॉन्ट्रेक्टर 53 वर्षीय सूबेसिंह सिंह सिंहमार से लूटपाट कर उनकी हत्या कर दी। बदमाश कांट्रेक्टर से 7 हजार रुपये की नकदी व मोबाइल लूट ले गए। सिंहमार का शव बस स्टैंड के पास दीवार का साथ पड़ा मिला।
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सुबह लोगों ने शव को देखकर मामले की सूचना पुलिस को दी। मौका वारदात पर खून व खून से सनी ईंट पड़ी हुई थी। वारदात की जानकारी मिलने पर डीएसपी जितेंद्र सिंह और सिटी थाना प्रभारी कृष्ण कुमार मौके पर पहुंचे तथा छानबीन की। पुलिस ने मृतक के बेटे के बयान पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
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मृतक के बेटे न्यू ऋषिनगर निवासी परमजीत सिंहमार ने बताया कि वे टोहाना के पास के गांव राजगढ़ ढाबी के रहने वाले हैं। उनका परिवार काफी सालों से न्यू ऋषिनगर में रहता है। उसकी बड़ी बहन सुमन शादीशुदा है और छोटी बहन मंजु दिल्ली में जॉब करती है।
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उनके पिता सूबे सिंह बिल्डिंग कॉन्ट्रेक्टर थे। वह रविवार शाम बस अड्डे के पास एक निजी अस्पताल में दाखिल टोहाना निवासी दोहते राकेश का हालचाल पूछने गए थे। राकेश लीवर में इंफेक्शन के चलते दाखिल है। उसका पिता हालचाल जानकर बस अड्डे के सामने अहाता संचालक साले कुलदीप उर्फ काला से मिले। उसकी मां संतोष ने रात सवा ग्यारह बजे इंतजार करने के बाद फोन किया तो उन्होंने जवाब दिया कि काला के पास बैठा हूं, आ जाऊंगा। तुम सो जाओ। इसके बाद परिजन सो गए।
सूचना मिलने पर पुलिस ने शव उठाया
परमजीत ने बताया कि सोमवार सुबह वे उठे तो गैलरी में चारपाई पर उसके पिता नहीं थे। इस दौरान सुबह करीब छह बजे एक पड़ोसी ने पुलिस को सूचना देकर ऋषिनगर में बस अड्डे की दीवार के साथ अज्ञात शव पड़ा होने की सूचना दी थी। बाद में शव एंबुलेंस में सिविल अस्पताल ले जाया गया था। उसके बाद वह और काफी पड़ोसी सरकारी अस्पताल पहुंचे तो मोर्चरी में उसके पिता सूबेसिंह का शव रखा था।
कोई अस्पताल पहुंचा देता तो बच सकती थी जान
परमजीत ने बताया कि उसके पिता सूबेसिंह काला के पास से करीब पौने बारह बजे चले थे। उसके बाद उनका शव सुबह पौने सात बजे उठाया गया। उनके बाएं कान के पास और सिर में पिछली तरफ गहरी चोट थी।
यदि रात को कोई राहगीर उनको उठाकर अस्पताल पहुंचा देता तो उनकी जान बच सकती थी। मगर किसी ने इसकी जहमत न उठाई। मौके पर लहूलुहान ईंट पड़ी थी और काफी मात्रा में खून बिखरा पड़ा था। उसके पिता के 7000 रुपये और मोबाइल फोन गायब हैं। किसी ने लूटपाट कर उनकी हत्या की है।
बस अड्डे के पास गली में नहीं स्ट्रीट लाइट
ऋषिनगर और न्यू ऋषिनगर के बाशिंदों में कॉन्ट्रेक्टर के मर्डर को लेकर भारी रोष है। एरिया के लोगों ने कहा कि बस अड्डे के साथ से विश्वकर्मा मंदिर तक गली में स्ट्रीट लाइट नहीं है। वहां रात को अंधेरा छाया रहता है। लुटेरे और झपटमार वहां अंधेरा होने का लाभ उठाते हैं। वहां झपटमारी की कई वारदात हो चुकी हैं। मृतक के बेटे परमजीत ने बताया कि डेढ़ साल पहले उनके साथ भी लूटपाट का प्रयास हो चुका है।