{"_id":"5787e37c4f1c1b7d5f13dff8","slug":"fraud-fraud-in-hau-driver-job-in-hau-three-arrest","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी कागजात पर एचएयू में लगे थे ड्राइवर, तीन गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फर्जी कागजात पर एचएयू में लगे थे ड्राइवर, तीन गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Fri, 15 Jul 2016 12:39 AM IST
विज्ञापन
Fraud
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विजिलेंस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड़यंत्र रचने के मामले में झज्जर जिले के गांव डीघल के हेमराज, हांसी के पास के गांव खरकड़ा के धीरज व रायपुर रोड के न्यू जवाहर नगर के सुनील को गिरफ्तार किया है। इन पर फर्जी कागजात के आधार पर एचएयू में ड्राइवर भर्ती होने का केस दर्ज है।
विजिलेंस के अनुसार अजयवीर नामक युवक ने आरटीआई के आधार पर एचएयू में नियुक्त हुए ड्राइवरों के दस्तावेजों की जानकारी मांगी थी। उसने इन दस्तावेजों के आधार पर विजिलेंस को सन 2014 में शिकायत दी थी। विजिलेंस ने इंक्वारी शुरू की थी। विजलेंस ने इंक्वारी पूरी कर बीती 4 फरवरी को आठ ड्राइवरों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षडयंत्र रचने और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था।
विजिलेंस के अनुसार जांच में पाया गया था कि किसी ने नाबालिग होते हुए ड्राइविंग लाइसेंस बनवा रखा है। किसी ने ड्राइविंग का फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र बनवा रखा है। विजिलेंस ने जांच में पाया था कि आठ ड्राइवरों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी हासिल कर ली। विजिलेंस के इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह ने बताया कि धीरज, सुनील और हेमराज को गिरफ्तार किया गया है। धीरज और सुनील एचएयू में लगे हैं और हेमराज रोहतक के कृषि विज्ञान केंद्र में तैनात है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विजिलेंस के अनुसार अजयवीर नामक युवक ने आरटीआई के आधार पर एचएयू में नियुक्त हुए ड्राइवरों के दस्तावेजों की जानकारी मांगी थी। उसने इन दस्तावेजों के आधार पर विजिलेंस को सन 2014 में शिकायत दी थी। विजिलेंस ने इंक्वारी शुरू की थी। विजलेंस ने इंक्वारी पूरी कर बीती 4 फरवरी को आठ ड्राइवरों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षडयंत्र रचने और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था।
विज्ञापन
विजिलेंस के अनुसार जांच में पाया गया था कि किसी ने नाबालिग होते हुए ड्राइविंग लाइसेंस बनवा रखा है। किसी ने ड्राइविंग का फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र बनवा रखा है। विजिलेंस ने जांच में पाया था कि आठ ड्राइवरों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी हासिल कर ली। विजिलेंस के इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह ने बताया कि धीरज, सुनील और हेमराज को गिरफ्तार किया गया है। धीरज और सुनील एचएयू में लगे हैं और हेमराज रोहतक के कृषि विज्ञान केंद्र में तैनात है।
विज्ञापन