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दीपी हत्याकांड में एक गनमैन निलंबित, एक अन्य को लौटाया

Tue, 25 Aug 2015 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार Updated Tue, 25 Aug 2015 01:25 AM IST
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बालसमंद के संदीप उर्फ दीपी हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज मृतक के परिजनों व ग्रामीणों ने सोमवार को एसपी से मुलाकात कर कहा कि शुक्रवार तक पुलिस कार्रवाई का वेट करेंगे, इसके बाद हम आगामी फैसला लेने पर मजबूर होंगे।

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इस बीच मामले में गवाह दीपी के दोस्त विजय उर्फ बद्री को एक और गनमैन दिया गया है। वहीं दो अन्य गवाहों को शस्त्र लाइसेंस देने पर सहमति बनी। मृतक दीपी के भाई कृष्ण को भी पुलिस की ओर से गनमैन दिया जाएगा।
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एसपी बोले, बदलो चौकी का स्टाफ
दीपी मामले में गए ग्रामीणों ने एसपी सतेंद्र गुप्ता को बताया कि बालसमंद पुलिस चौकी में तैनात स्टाफ भ्रष्ट है। गांव में गुंडागर्दी बढ़ी है और गुंडों से आमजन दहशत में हैं।
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पुलिस शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। ग्रामीण किसी मामले में पुलिस को चलने के लिए कहें तो गाड़ी की मांग की जाती है।

एसपी ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए थाना सदर प्रभारी को निर्देश दिए कि बालसमंद चौकी के पूरे स्टाफ को बदलने की कार्रवाई हो। एसपी ने कहा कि पुलिस को कई नई पीसीआर मिली हैं, इनमे से एक को बालसमंद चौकी को दिया जाएगा। ग्रामीणों को एसपी ने कहा कि पुलिस दीपी के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के नजदीक है।

मामले में लगी पुलिस की पांच टीमों की संख्या बढ़ा कर 9 कर दी गई है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। ग्रामीणों ने इस पर कहा कि पुलिस के पास शुक्रवार तक का समय है। तब तक दीपी की रस्म की कार्रवाई निपट जाएगी। इसके बाद ग्रामीण बैठक कर आंदोलन का फैसला लेंगे।

बढ़ी सुरक्षा, फिर भी दिखा छेद
संदीप उर्फ दीपी की हत्या के बाद अब कुछ लोगों पर हमले की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा को बढ़ा दी है। दीपी के दोस्त विजय उर्फ बद्री के पास एक गनमैन पहले से था, उसे सोमवार को एक और गनमैन मुहैया करा दिया गया।

हालांकि जो गनमैन उनके पास गया, उसे बद्री ने यह कहकर लौटा दिया कि इसको गांव का बच्चा बच्चा जानता है, सुरक्षा में छेद का खतरा है। उसने किसी दूसरे गन मैन की मांग की है। इस बीच पुलिस ने मृतक दीपी के भाई कृष्ण को भी सुरक्षा के लिए गनमैन दिया है।

फिलहाल वह घर पर है और दीपी की रस्म क्रिया पूरी होने के बाद उसे गनमैन मिलेगा। मामले से जुड़े दो और गवाहों सतीश व बनीश को शस्त्र लाइसेंस दिए जाएंगे। इसको लेकर सोमवार को आवश्यक कार्रवाई की गई।

दीपी का गनमैन निलंबित
बालसमंद के संदीप उर्फ दीपी की जान पर खतरा देखते हुए पुलिस ने उसे तीन महीने पहले सुरक्षाकर्मी मुहैया कराया था। वारदात के वक्त 20 अगस्त को सुरक्षाकर्मी अजमेर घर पर था और गली में दीपी की बदमाशों ने हत्या कर दी। सुरक्षा में लापरवाही के आरोप में पुलिस अधिकारियों ने उसे निलंबित कर दिया है।




इस बीच दीपी के दोस्त बद्री को एसपी ने हिदायत दी है कि वह बिना गनमैन के घर के बाहर एक भी कदम न रखे। उस पर हमले की आशंका को देखते हुए पहले ही उसे एक गनमैन दिया गया था। अब उसके पास दो गनमैन होंगे।

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