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छह लाख कीमत के 900 किलो गांजे के साथ छह गिरफ्तार
Updated Sun, 23 Sep 2018 12:18 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। स्पेशल स्टाफ ने छापेमारी करके दिल्ली रोड पर एक कैंटर से 30 कट्टे गांजा बरामद किया। पुलिस को सूचना मिली थी कि दिल्ली से हिसार की तरफ एक कैंटर आ रहा है, जिसमें कुछ संदिग्ध सामान है। पुलिस ने सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए स्पेशल स्टाफ निरीक्षक जोगेंद्र सिंह के नेतृत्व मेेें टीम को मौके पर भेजा। पुलिस टीम ने रायपुर रोड टी-प्वाइंट पर नाका लगाकर एक कैंटर को रुकवाया। जब पुलिस टीम ने कैंटर में लदे सामान की तलाशी ली तो उसमें से 30 कट्टे बरामद हुए। जब इन कट्टों में भरे सामान को जांचा गया तो उनमें से नशीला पदार्थ गांजा बरामद हुआ।
पुलिस टीम ने मौके से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें हांसी के जगदीश कॉलोनी निवासी राजेंद्र, लोहारी राघो निवासी जयसिंह, लाल सड़क निवासी हरीश उर्फ पव्वा, लोहारी राघो निवासी सोहन उर्फ जोरा, मोठ रांगड़ान निवासी राजबीर, गांव डाटा निवासी राजबीर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कैंटर और गांजे को जब्त करते हुए आरोपियों के खिलाफ नशा तस्करी का केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों को आज कोर्ट में पेश करके रिमांड मांगा जाएगा।
आरोपियों की संपत्ति का डाटा जुटाएगी पुलिस
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह आंध्रप्रदेश से छह लाख रुपये में यह गांजा खरीदकर लाए थे। पुलिस इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होने के बाद आरोपियों की कुंडली खंगालने में लगी हुई है। पुलिस यह जानना चाह रही है कि आरोपी इतनी ज्यादा मात्रा में नशे की खेप को कहां खपत करने वाले थे। इसके अलावा आरोपी इस सप्लाई के कारोबार में कितने समय से शामिल हैं और इस धंधे से उन्होंने कितना पैसा कमाया है, इसका भी पता लगाया जा रहा है।
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कच्चा गांजा था
पुलिस द्वारा पकड़ा गया गांजा कच्चा था। यह पूरी तरह तैयार नहीं था, वर्ना इसकी कीमत कई गुना अधिक होती। पकड़े गए गांजे की कीमत करीब 670 रुपये प्रति किलोग्राम आंकी गई है। इसमें गांजे की पत्तियां और उसके साथ का रॉ-मैटीरियल है। यदि यह प्योर गांजा होता तो इसकी कीमत कहीं अधिक होती।
करीब तीन माह पहले भी पकड़ी जा चुकी है गाड़ी
लगभग तीन महीने पहले भी शहर में एंट्री करती एक गाड़ी पकड़ी गई थी, जिसमें नशे की खेप थी। यह गाड़ी तमिलनाडु से आई थी और मंगाली गांव के पास पकड़ी गई थी। तमिलनाडु पुलिस उसका पीछा करते हुए आ रही थी। मंगाली के पास तमिलनाडु पुलिस ने उन्हें घेर लिया, जिससे आरोपी गाड़ी छोड़कर फरार हो गए थे। इस गाड़ी में भी लाखों रुपए का नशीला पदार्थ था, जिसे तमिलनाडु पुलिस जब्त करके अपने साथ ले गई थी।
पुलिस के अभियान का असर
पिछले दो माह से पुलिस ने नशा विरोधी अभियान चलाया हुआ है। देर रात तक इसके खिलाफ पुलिस जवान शहर में प्रवेश करने वाले नाकों पर मुस्तैद रहते हैं, जिसके चलते दो माह के अंदर पुलिस ने दो ट्रक नशीले पदार्थों के पकड़े हैं। इसके अलावा छोटी-मोटी अन्य घटनाओं में भी नशीले पदार्थ और आरोपी गिरफ्तार किए हैं।
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हिसार। स्पेशल स्टाफ ने छापेमारी करके दिल्ली रोड पर एक कैंटर से 30 कट्टे गांजा बरामद किया। पुलिस को सूचना मिली थी कि दिल्ली से हिसार की तरफ एक कैंटर आ रहा है, जिसमें कुछ संदिग्ध सामान है। पुलिस ने सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए स्पेशल स्टाफ निरीक्षक जोगेंद्र सिंह के नेतृत्व मेेें टीम को मौके पर भेजा। पुलिस टीम ने रायपुर रोड टी-प्वाइंट पर नाका लगाकर एक कैंटर को रुकवाया। जब पुलिस टीम ने कैंटर में लदे सामान की तलाशी ली तो उसमें से 30 कट्टे बरामद हुए। जब इन कट्टों में भरे सामान को जांचा गया तो उनमें से नशीला पदार्थ गांजा बरामद हुआ।
पुलिस टीम ने मौके से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें हांसी के जगदीश कॉलोनी निवासी राजेंद्र, लोहारी राघो निवासी जयसिंह, लाल सड़क निवासी हरीश उर्फ पव्वा, लोहारी राघो निवासी सोहन उर्फ जोरा, मोठ रांगड़ान निवासी राजबीर, गांव डाटा निवासी राजबीर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कैंटर और गांजे को जब्त करते हुए आरोपियों के खिलाफ नशा तस्करी का केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों को आज कोर्ट में पेश करके रिमांड मांगा जाएगा।
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आरोपियों की संपत्ति का डाटा जुटाएगी पुलिस
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह आंध्रप्रदेश से छह लाख रुपये में यह गांजा खरीदकर लाए थे। पुलिस इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होने के बाद आरोपियों की कुंडली खंगालने में लगी हुई है। पुलिस यह जानना चाह रही है कि आरोपी इतनी ज्यादा मात्रा में नशे की खेप को कहां खपत करने वाले थे। इसके अलावा आरोपी इस सप्लाई के कारोबार में कितने समय से शामिल हैं और इस धंधे से उन्होंने कितना पैसा कमाया है, इसका भी पता लगाया जा रहा है।
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कच्चा गांजा था
पुलिस द्वारा पकड़ा गया गांजा कच्चा था। यह पूरी तरह तैयार नहीं था, वर्ना इसकी कीमत कई गुना अधिक होती। पकड़े गए गांजे की कीमत करीब 670 रुपये प्रति किलोग्राम आंकी गई है। इसमें गांजे की पत्तियां और उसके साथ का रॉ-मैटीरियल है। यदि यह प्योर गांजा होता तो इसकी कीमत कहीं अधिक होती।
करीब तीन माह पहले भी पकड़ी जा चुकी है गाड़ी
लगभग तीन महीने पहले भी शहर में एंट्री करती एक गाड़ी पकड़ी गई थी, जिसमें नशे की खेप थी। यह गाड़ी तमिलनाडु से आई थी और मंगाली गांव के पास पकड़ी गई थी। तमिलनाडु पुलिस उसका पीछा करते हुए आ रही थी। मंगाली के पास तमिलनाडु पुलिस ने उन्हें घेर लिया, जिससे आरोपी गाड़ी छोड़कर फरार हो गए थे। इस गाड़ी में भी लाखों रुपए का नशीला पदार्थ था, जिसे तमिलनाडु पुलिस जब्त करके अपने साथ ले गई थी।
पुलिस के अभियान का असर
पिछले दो माह से पुलिस ने नशा विरोधी अभियान चलाया हुआ है। देर रात तक इसके खिलाफ पुलिस जवान शहर में प्रवेश करने वाले नाकों पर मुस्तैद रहते हैं, जिसके चलते दो माह के अंदर पुलिस ने दो ट्रक नशीले पदार्थों के पकड़े हैं। इसके अलावा छोटी-मोटी अन्य घटनाओं में भी नशीले पदार्थ और आरोपी गिरफ्तार किए हैं।