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सेंट्रल जेल में चले सर्च अभियान में मिला सुल्फा व मोबाइल
Updated Sun, 08 Apr 2018 01:12 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
हिसार सेंट्रल जेल वन में शुक्रवार को चलाए गए सर्च अभियान के दौरान सुल्फा और मोबाइल मिला। ये दोनों चीजें हत्या प्रयास के मामले में विचाराधीन बंदी राकेश वासी चमारखेड़ा के भाई ने मुलाकात के बाद जेल के बाहर से फेंकी थी। इसका खुलासा उस समय हुआ जब बैरक में बंद अन्य बंदियों के बीच आपसी कहासुनी और मारपीट हुई थी। जेल अधिकारियों ने जब सख्ती से पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि जेल में मोबाइल है।
सेंट्रल जेल वन के डीएसपी ने सिविल लाइन थाना में शिकायत देकर बताया कि जेल वन में 6 अप्रैल को दोपहर साढे़ तीन बजे सर्च अभियान चला। सर्च अभियान के दौरान जेल में ब्लॉक नंबर 3 के कमरा नंबर 6 में ब्लॉक इंचार्ज वार्डन अजीत सिंह ने तलाशी ली। ब्लॉक नंबर तीन की पिछली साइड में गुलाबी रंग की गर्म पट्टी थी जिस पर भूरे रंग की टेप में लिपटा हुआ पैकेट दिखा। पैकेट ड्यूटी ऑफिसर नौरंग कुमार को कार्यालय में दे दिया। पैकेट खोलने पर उसके अंदर से एक फोन और सिम कार्ड मिला। इसी पैकेट के अंदर पांच ग्राम सुल्फा था। विचाराधीन बंदी व संदीप, गोपाल, राकेश, सुरेन्द्र, रितिक की आपस में कहासुनी और मारपीट शुरू हो गई। यह पता चलने पर जेल कर्मचारी वहां पहुंचे थे। घायल बंदियों को जेल के अस्पताल में भर्ती किया था। बंदियों से पूछताछ में पता चला कि विचाराधीन बंदी राकेश का भाई अमित मुलाकात करके गया था। इसके बाद बाहर से पैकेट फेंका गया। मोबाइल में जो सिम है वह राकेश के भाई के नाम पर है। विचाराधीन बंदी राकेश के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
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हिसार।
हिसार सेंट्रल जेल वन में शुक्रवार को चलाए गए सर्च अभियान के दौरान सुल्फा और मोबाइल मिला। ये दोनों चीजें हत्या प्रयास के मामले में विचाराधीन बंदी राकेश वासी चमारखेड़ा के भाई ने मुलाकात के बाद जेल के बाहर से फेंकी थी। इसका खुलासा उस समय हुआ जब बैरक में बंद अन्य बंदियों के बीच आपसी कहासुनी और मारपीट हुई थी। जेल अधिकारियों ने जब सख्ती से पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि जेल में मोबाइल है।
सेंट्रल जेल वन के डीएसपी ने सिविल लाइन थाना में शिकायत देकर बताया कि जेल वन में 6 अप्रैल को दोपहर साढे़ तीन बजे सर्च अभियान चला। सर्च अभियान के दौरान जेल में ब्लॉक नंबर 3 के कमरा नंबर 6 में ब्लॉक इंचार्ज वार्डन अजीत सिंह ने तलाशी ली। ब्लॉक नंबर तीन की पिछली साइड में गुलाबी रंग की गर्म पट्टी थी जिस पर भूरे रंग की टेप में लिपटा हुआ पैकेट दिखा। पैकेट ड्यूटी ऑफिसर नौरंग कुमार को कार्यालय में दे दिया। पैकेट खोलने पर उसके अंदर से एक फोन और सिम कार्ड मिला। इसी पैकेट के अंदर पांच ग्राम सुल्फा था। विचाराधीन बंदी व संदीप, गोपाल, राकेश, सुरेन्द्र, रितिक की आपस में कहासुनी और मारपीट शुरू हो गई। यह पता चलने पर जेल कर्मचारी वहां पहुंचे थे। घायल बंदियों को जेल के अस्पताल में भर्ती किया था। बंदियों से पूछताछ में पता चला कि विचाराधीन बंदी राकेश का भाई अमित मुलाकात करके गया था। इसके बाद बाहर से पैकेट फेंका गया। मोबाइल में जो सिम है वह राकेश के भाई के नाम पर है। विचाराधीन बंदी राकेश के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
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