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मांगों पर अडे लोग नहीं हो सका मासूम का अंतिम संस्कार
Updated Sun, 10 Dec 2017 01:05 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की बात कहकर अड़े लोगों ने मासूम का अंतिम संस्कार नहीं होने दिया। लोगों ने पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये, पक्के मकान, दो लोगों को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
शनिवार शाम करीब पांच बजे उकलाना के लोग पोस्टमार्टम के बाद मासूम बच्ची का शव लेकर निकले थे। करीब छह बजे शव उकलाना पहुंचा तो कुछ लोगों ने मांग पूरी होने तक अंतिम संस्कार होने से इनकार कर दिया।
घुमंतू बोर्ड के चेयरमैन डॉ. बलवान ने कहा कि बच्ची का अंतिम संस्कार करा दें। भाजपा नेताओं की ओर से अंतिम संस्कार की बात पर कांग्रेस के पूर्व विधायक नरेश सेलवाल और विधायक अनूप धानक सहित अन्य लोग गुस्सा हो गए। इन लोगों ने भाजपा नेताओं के साथ धक्का-मुक्की की। कुछ लोग बच्ची के शव को घर के अंदर रखवाकर घर के बाहर बैठ गए।
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बाद में एसडीम बरवाला पृथ्वी सिंह और डीएसपी जयपाल मौके पर पहुंचे। इन लोगों से मांग पूछी। धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये, परिवार को सरकारी नौकरी, सभी पीड़ितों को पक्के मकान दिए जाएंगे। अधिकारियों ने डीसी से बातचीत करने के बाद आठ लाख का चेक सोमवार को देने का भरोसा दिलाया। साथ ही परिवार के दो लोगों को डीसी रेट पर नौकरी और यहां रह रहे परिवारों को तीन महीने में पक्के मकान देने का एलान किया। धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि मांग पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे। कुछ लोग शनिवार देर रात तक पीड़ित परिवार की झुग्गी के बाहर धरना देकर बैठे रहे।
हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने मौके पर देर रात एक अतिरिक्त बटालियन भेजी। रात को आसपास के एरिया में गश्त भी बढ़ा दी। साथ ही एक टुकड़ी को उकलाना थाने में रिजर्व में रखा है।
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हिसार।
पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की बात कहकर अड़े लोगों ने मासूम का अंतिम संस्कार नहीं होने दिया। लोगों ने पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये, पक्के मकान, दो लोगों को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
शनिवार शाम करीब पांच बजे उकलाना के लोग पोस्टमार्टम के बाद मासूम बच्ची का शव लेकर निकले थे। करीब छह बजे शव उकलाना पहुंचा तो कुछ लोगों ने मांग पूरी होने तक अंतिम संस्कार होने से इनकार कर दिया।
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घुमंतू बोर्ड के चेयरमैन डॉ. बलवान ने कहा कि बच्ची का अंतिम संस्कार करा दें। भाजपा नेताओं की ओर से अंतिम संस्कार की बात पर कांग्रेस के पूर्व विधायक नरेश सेलवाल और विधायक अनूप धानक सहित अन्य लोग गुस्सा हो गए। इन लोगों ने भाजपा नेताओं के साथ धक्का-मुक्की की। कुछ लोग बच्ची के शव को घर के अंदर रखवाकर घर के बाहर बैठ गए।
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बाद में एसडीम बरवाला पृथ्वी सिंह और डीएसपी जयपाल मौके पर पहुंचे। इन लोगों से मांग पूछी। धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये, परिवार को सरकारी नौकरी, सभी पीड़ितों को पक्के मकान दिए जाएंगे। अधिकारियों ने डीसी से बातचीत करने के बाद आठ लाख का चेक सोमवार को देने का भरोसा दिलाया। साथ ही परिवार के दो लोगों को डीसी रेट पर नौकरी और यहां रह रहे परिवारों को तीन महीने में पक्के मकान देने का एलान किया। धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि मांग पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे। कुछ लोग शनिवार देर रात तक पीड़ित परिवार की झुग्गी के बाहर धरना देकर बैठे रहे।
हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने मौके पर देर रात एक अतिरिक्त बटालियन भेजी। रात को आसपास के एरिया में गश्त भी बढ़ा दी। साथ ही एक टुकड़ी को उकलाना थाने में रिजर्व में रखा है।