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नौकरी लगवाने के नाम पर हड़पी थी नकदी
Updated Thu, 14 Sep 2017 01:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
एडीजे जयबीर हुड्डा की अदालत ने रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर कई युवकों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने पर कैमरी गांव के दो भाइयों समेत तीन दोषियों की सजा बरकरार रखी है। इससे पहले तीनों ठगों को निचली अदालत सजा सुना चुकी है। दोषियों ने फैसले को सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी।
अदालत ने कैमरी के रविंद्र को तीन साल की कैद और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी के भाई राजेश और एक अन्य पंजाब के मुक्तसर के मनोज को दो-दो साल की कैद की सजा सुनाई है। दोनों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है और जुर्माना न देने पर एक-एक महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में 23 जुलाई 2010 को धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र रचने का केस दर्ज किया था।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार 23 जुलाई 2010 को करीब आठ युवकों ने सदर थाने में शिकायत दी थी कि कैमरी गांव के रविंद्र, राजेश और अन्य ने रेलवे में नौकरी दिलवाने के नाम पर लाखों की नकदी ले ली। लुधियाना के एक होटल में बुलाया गया और वहां पर ज्वाइनिंग लेटर भी दिया। वे रेलवे के ऑफिस में गए तो पता चला कि रेलवे इस तरह के कोई लेटर जारी नहीं करता। उसके बाद सामने आया था कि आरोपी लोगों ने नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी की है। अदालत ने इस मामले में धारा 420, 467, 468 और 471 में दोषी रविंद्र को तीन साल, उसके भाई राजेश को धारा 420 में दो साल कैद और मनोज को भी धारा 420 में दो साल की कैद की सजा सुनाई है।
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एडीजे जयबीर हुड्डा की अदालत ने रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर कई युवकों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने पर कैमरी गांव के दो भाइयों समेत तीन दोषियों की सजा बरकरार रखी है। इससे पहले तीनों ठगों को निचली अदालत सजा सुना चुकी है। दोषियों ने फैसले को सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी।
अदालत ने कैमरी के रविंद्र को तीन साल की कैद और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी के भाई राजेश और एक अन्य पंजाब के मुक्तसर के मनोज को दो-दो साल की कैद की सजा सुनाई है। दोनों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है और जुर्माना न देने पर एक-एक महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में 23 जुलाई 2010 को धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र रचने का केस दर्ज किया था।
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अदालत में चले अभियोग के अनुसार 23 जुलाई 2010 को करीब आठ युवकों ने सदर थाने में शिकायत दी थी कि कैमरी गांव के रविंद्र, राजेश और अन्य ने रेलवे में नौकरी दिलवाने के नाम पर लाखों की नकदी ले ली। लुधियाना के एक होटल में बुलाया गया और वहां पर ज्वाइनिंग लेटर भी दिया। वे रेलवे के ऑफिस में गए तो पता चला कि रेलवे इस तरह के कोई लेटर जारी नहीं करता। उसके बाद सामने आया था कि आरोपी लोगों ने नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी की है। अदालत ने इस मामले में धारा 420, 467, 468 और 471 में दोषी रविंद्र को तीन साल, उसके भाई राजेश को धारा 420 में दो साल कैद और मनोज को भी धारा 420 में दो साल की कैद की सजा सुनाई है।
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