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लांधड़ी में हत्या के जुर्म में दो भाइयों समेत चार को उम्रकैद
Updated Sat, 22 Jul 2017 12:22 AM IST
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लांधड़ी में हत्या के जुर्म में दो भाइयों समेत चार को उम्रकैद
हिसार।
एडीजे डीआर चालिया की कोर्ट ने गांव लांधड़ी में पांच साल पहले युवक को घर में बंधक बनाकर मारपीट कर हत्या करने पर लांधड़ी के अजीत, बबलू, सोनू और मोनू को उम्रकैद और हरेक पर 31,500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर उनको दो-दो साल की अतिरिक्त कैद काटनी पड़ेगी।
पुलिस ने इस संबंध में 25 जुलाई 2012 को अग्रोहा थाने में केस दर्ज हुआ था। लांधड़ी की सुमित्रा ने बताया था कि उसका एक बेटा धीरज और बेटी सुनीता है। उसे जानकारी मिली कि बेटे धीरज को गांव के अजीत और उसका भाई बबलू गली से घसीटकर घर ले गए। वह उनके घर पहुंची तो देखा कि राजकुमार और उसके बेटे अजीत, बबलू के अलावा सोनू और अन्य उसे पीट रहे हैं। उसने बेटे को बचाने का प्रयास किया तो मोनू ने कंधों पर वार कर दिया। वह घायल होकर गिर गई। घायल बेटे को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने राजकुमार, अजीत, बबलू, चंदो देवी, पुष्पा, सुमित्रा, सोनू, मोनू और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था। अदालत ने मंगलवार को अजीत उसके भाई बबलू, सोनू और उसके भाई मोनू को दोषी करार दिया था। अदालत ने तीन महिलाओं चंद्रो देवी, लाली उर्फ पुष्पा एवं सुमित्रा को बरी कर दिया था।
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हिसार।
एडीजे डीआर चालिया की कोर्ट ने गांव लांधड़ी में पांच साल पहले युवक को घर में बंधक बनाकर मारपीट कर हत्या करने पर लांधड़ी के अजीत, बबलू, सोनू और मोनू को उम्रकैद और हरेक पर 31,500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर उनको दो-दो साल की अतिरिक्त कैद काटनी पड़ेगी।
पुलिस ने इस संबंध में 25 जुलाई 2012 को अग्रोहा थाने में केस दर्ज हुआ था। लांधड़ी की सुमित्रा ने बताया था कि उसका एक बेटा धीरज और बेटी सुनीता है। उसे जानकारी मिली कि बेटे धीरज को गांव के अजीत और उसका भाई बबलू गली से घसीटकर घर ले गए। वह उनके घर पहुंची तो देखा कि राजकुमार और उसके बेटे अजीत, बबलू के अलावा सोनू और अन्य उसे पीट रहे हैं। उसने बेटे को बचाने का प्रयास किया तो मोनू ने कंधों पर वार कर दिया। वह घायल होकर गिर गई। घायल बेटे को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने राजकुमार, अजीत, बबलू, चंदो देवी, पुष्पा, सुमित्रा, सोनू, मोनू और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था। अदालत ने मंगलवार को अजीत उसके भाई बबलू, सोनू और उसके भाई मोनू को दोषी करार दिया था। अदालत ने तीन महिलाओं चंद्रो देवी, लाली उर्फ पुष्पा एवं सुमित्रा को बरी कर दिया था।
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