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किसी और का प्लॉट बेच ठगे 4.15 लाख रुपये, दो के खिलाफ केस
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। मय्यड़ गांव में एक ही प्लॉट दो लोगों को बेचने और एक पार्टी के रुपये नहीं लौटाने के आरोप में सदर थाना पुलिस ने एक महिला सहित दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस मामले में मय्यड़ निवासी दर्शना ने एडीजे देशराज चालिया की अदालत में इस्तगासा दायर किया था। अदालत ने पुलिस को केस दर्ज करने के आदेश दिए, जिसके आधार पर पुलिस ने दर्शना की शिकायत पर मय्यड़ गांव के ही बलराज और भारती के खिलाफ धोखाधड़ी और एससी-एसटी एक्ट सहित कई अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया।
अपनी शिकायत में दर्शना ने बताया कि जून 2018 में उसने आरोपियों से 100 वर्ग गज का एक प्लॉट खरीदा, जिसके उसने चार लाख 15 हजार रुपये आरोपियों को दो बार करके दे दिए। उन्होंने प्लॉट पर उसे कब्जा दे दिया था। अगस्त 2018 में जब वह अपने पति व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ प्लॉट में साफ-सफाई करके बाड़ लगाने लगी तो आरोपी बलराज वहां पहुंच गया और उन्हें ऐसा करने से रोका तथा कहा कि इस प्लॉट का मालिक वह है। उनका झगड़ा पंचायत में पहुंचा तो वहां पता चला कि वह प्लॉट भारती के नाम था ही नहीं। दोनों ने धोखाधड़ी करके उसे यह प्लॉट बेच दिया और 4 लाख 15 हजार रुपये ठग लिए। पंचायत में भारती ने रुपये लौटाने की बात लिखित में दी थी, लेकिन बाद में जब भी उससे पैसे मांगे जाते तो वह टाल-मटोल करती रही। बाद में उसने रुपये लौटाने से साफ इनकार कर दिया और शिकायत देने पर जान से मारने की धमकी दी।
कार्रवाई नहीं हुई तो अदालत में इस्तगासा किया दायर
दर्शना ने शिकायत में बताया कि उसने 16 अक्तूबर 2018 को इसकी शिकायत सीएम विंडो में लगाई, जो जांच के लिए सदर थाने में पहुंची तो खुलासा हुआ कि जो प्लॉट भारती का है ही नहीं, उस प्लॉट को आरोपियों ने एक और अन्य व्यक्ति को बेच रखा है और उससे रुपये भी ले रखे हैं। इसके बाद उसने 3 दिसंबर 2018 को शिकायत एसपी को दी। उन्होंने भी मामले को सदर थाने भेज दिया। उसने आरोप लगाया कि आरोपियों ने सदर थाने में उससे गाली-गलौज की और जातिसूचक गालियां दीं। कोई कार्रवाई न होने पर उसने अदालत में इस्तगासा दायर किया।
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इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस
अदालत के आदेश पर सदर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420, 467, 468, 471, 506, 120बी और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस केस की जांच डीएसपी अमरजीत सिंह कटारिया स्वयं करेंगे।
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हिसार। मय्यड़ गांव में एक ही प्लॉट दो लोगों को बेचने और एक पार्टी के रुपये नहीं लौटाने के आरोप में सदर थाना पुलिस ने एक महिला सहित दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस मामले में मय्यड़ निवासी दर्शना ने एडीजे देशराज चालिया की अदालत में इस्तगासा दायर किया था। अदालत ने पुलिस को केस दर्ज करने के आदेश दिए, जिसके आधार पर पुलिस ने दर्शना की शिकायत पर मय्यड़ गांव के ही बलराज और भारती के खिलाफ धोखाधड़ी और एससी-एसटी एक्ट सहित कई अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया।
अपनी शिकायत में दर्शना ने बताया कि जून 2018 में उसने आरोपियों से 100 वर्ग गज का एक प्लॉट खरीदा, जिसके उसने चार लाख 15 हजार रुपये आरोपियों को दो बार करके दे दिए। उन्होंने प्लॉट पर उसे कब्जा दे दिया था। अगस्त 2018 में जब वह अपने पति व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ प्लॉट में साफ-सफाई करके बाड़ लगाने लगी तो आरोपी बलराज वहां पहुंच गया और उन्हें ऐसा करने से रोका तथा कहा कि इस प्लॉट का मालिक वह है। उनका झगड़ा पंचायत में पहुंचा तो वहां पता चला कि वह प्लॉट भारती के नाम था ही नहीं। दोनों ने धोखाधड़ी करके उसे यह प्लॉट बेच दिया और 4 लाख 15 हजार रुपये ठग लिए। पंचायत में भारती ने रुपये लौटाने की बात लिखित में दी थी, लेकिन बाद में जब भी उससे पैसे मांगे जाते तो वह टाल-मटोल करती रही। बाद में उसने रुपये लौटाने से साफ इनकार कर दिया और शिकायत देने पर जान से मारने की धमकी दी।
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कार्रवाई नहीं हुई तो अदालत में इस्तगासा किया दायर
दर्शना ने शिकायत में बताया कि उसने 16 अक्तूबर 2018 को इसकी शिकायत सीएम विंडो में लगाई, जो जांच के लिए सदर थाने में पहुंची तो खुलासा हुआ कि जो प्लॉट भारती का है ही नहीं, उस प्लॉट को आरोपियों ने एक और अन्य व्यक्ति को बेच रखा है और उससे रुपये भी ले रखे हैं। इसके बाद उसने 3 दिसंबर 2018 को शिकायत एसपी को दी। उन्होंने भी मामले को सदर थाने भेज दिया। उसने आरोप लगाया कि आरोपियों ने सदर थाने में उससे गाली-गलौज की और जातिसूचक गालियां दीं। कोई कार्रवाई न होने पर उसने अदालत में इस्तगासा दायर किया।
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इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस
अदालत के आदेश पर सदर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420, 467, 468, 471, 506, 120बी और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस केस की जांच डीएसपी अमरजीत सिंह कटारिया स्वयं करेंगे।