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इलाज में लापरवाही से मरीज की मौत पर चिकित्सक पर एफआईआर
Updated Sat, 07 Oct 2017 12:47 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
पुलिस ने दिल्ली रोड स्थित सुखदा अस्पताल में एक मरीज की मौत के मामले में डॉक्टर पर लापरवाही बरतने का केस दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सिवानी के पास के गांव बड़वा के महेंद्र सिंह ने पुलिस को शिकायत दी कि उसके भाई रामप्रताप को 30 जुलाई को पेट में दर्द होने पर सुुखदा अस्पताल में दाखिल कराया गया था। अस्पताल में उनको आईसीयू में दाखिल किया था। डॉक्टर ने एक अगस्त को ऑपरेशन करने के लिए बोला था। हमने 25 हजार रुपये जमा करा दिए थे। डॉक्टर ने सारे रुपये नहीं बताए और ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के बाद उनको वेंटिलेटर पर रखने के लिए बोल दिया था। यहां अस्पताल में उनके मरीज की अच्छे तरीके से देखभाल नहीं हुई और तीन अगस्त को उनको रोहतक पीजीआई में ले जाने के लिए बोल दिया। रामप्रताप दम तोड़ चुका था, जबकि यहां डॉक्टर यह कहते रहे कि सांसें चल रही हैं। रामप्रताप को रोहतक पीजीआई में ले जाया गया तो उनको मृत घोषित कर दिया गया। बाद में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। सिविल लाइन पुलिस ने शिकायत के आधार पर सुखदा अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ इलाज में कोताही बरतने का केस दर्ज किया है।
मुझे अस्पताल में लापरवाही से मरीज की मौत होने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। मुझे इसके बारे में कोई आइडिया नहीं है।
-डॉ. मनीषा मेहता, सुखदा अस्पताल, हिसार
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हिसार।
पुलिस ने दिल्ली रोड स्थित सुखदा अस्पताल में एक मरीज की मौत के मामले में डॉक्टर पर लापरवाही बरतने का केस दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सिवानी के पास के गांव बड़वा के महेंद्र सिंह ने पुलिस को शिकायत दी कि उसके भाई रामप्रताप को 30 जुलाई को पेट में दर्द होने पर सुुखदा अस्पताल में दाखिल कराया गया था। अस्पताल में उनको आईसीयू में दाखिल किया था। डॉक्टर ने एक अगस्त को ऑपरेशन करने के लिए बोला था। हमने 25 हजार रुपये जमा करा दिए थे। डॉक्टर ने सारे रुपये नहीं बताए और ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के बाद उनको वेंटिलेटर पर रखने के लिए बोल दिया था। यहां अस्पताल में उनके मरीज की अच्छे तरीके से देखभाल नहीं हुई और तीन अगस्त को उनको रोहतक पीजीआई में ले जाने के लिए बोल दिया। रामप्रताप दम तोड़ चुका था, जबकि यहां डॉक्टर यह कहते रहे कि सांसें चल रही हैं। रामप्रताप को रोहतक पीजीआई में ले जाया गया तो उनको मृत घोषित कर दिया गया। बाद में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। सिविल लाइन पुलिस ने शिकायत के आधार पर सुखदा अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ इलाज में कोताही बरतने का केस दर्ज किया है।
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मुझे अस्पताल में लापरवाही से मरीज की मौत होने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। मुझे इसके बारे में कोई आइडिया नहीं है।
-डॉ. मनीषा मेहता, सुखदा अस्पताल, हिसार